देवास। वरिष्ठ नागरिक संस्था के नवीन पदाधिकारियों का शुक्रवार को शपथ विधि समारोह संस्था सभागृह में सम्पन्न हुआ। संस्था अध्यक्ष ओ.पी. पाराशर ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक संस्था का निर्विरोध निर्वाचन सम्पन्न होने के पश्चात शपथ विधि समारोह सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती निहारिका सिंह के मुख्य आतिथ्य, डॉ. डीपी श्रीवास्तव की अध्यक्षता एवं संस्था संरक्षक डॉ. एमव्ही भाले के विशेष आतिथ्य में रखा गया। कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत अतिथियों ने माँ सरस्वती जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित एवं माल्यार्पण के साथ की गई। न्यायाधीश श्रीमती निहारिका सिंह ने संस्था के निर्वाचित अध्यक्ष ओ.पी. पाराशर, उपाध्यक्ष हिमांशु कुमार डाली, सचिव श्रवण कुमार कानूनगो, कोषाध्यक्ष विपिन कुमार कुमावत, संयुक्त सचिव बंशीधर चावडा, कार्यकारिणी सदस्य गंगासिंह सोलंकी, शीलनाथ आरस, मनोहर डी. सिन्हा, सुश्री वीणा भार्गव, के.सी. नागर, एस.के. शाह आदि को संस्था के उद्देश्यों को दायित्व पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से से करने की शपथ दिलाई। तत्पश्चात समस्त अतिथियों का स्वागत संस्था अध्यक्ष श्री पाराशर ने पुष्पमाला पहनाकर किया। स्वागत एवं अध्यक्षीय भाषण में श्री पाराशर ने संस्था के समस्त होने वाली गतिविधियों के बारे में मुख्य अतिथि एवं समस्त सदस्यों को अवगत कराया। मुख्य अतिथि श्रीमती निहारिका सिंह ने अपने उद्बोधन में संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यो के बारे में जानकारी प्राप्त कर हो रहे कार्य जैसे फिजियोथेरेपी, मरीजों के स्वास्थ्य के लिए उपकरण प्रदाय तथा देवास की प्राचीन धरोहरों को संधारित रखने पर विशेष रूप से अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षीय भाषण डॉ. डी.पी. श्रीवास्तव ने देते हुए संस्था के बारे में विस्तृत प्रकाश डाला। संस्था के समस्त नवीन पदाधिकारियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत पुरूषोत्तम व्यास, अरविंद पाण्डे, डॉ. डी.के. तिवारी, डॉ. बी.के. तिवारी, देवेन्द्र पंडित, अनिल नाईक, बाबूलाल मालवीय, श्री किजवाडकर, डॉ. वाटवे, ग्रामीण बैंक खण्डेलवाल, स्माईल सर, बाबूलाल मालवीय, महिला प्रतिनिधि के रूप में मीणा जाधव, रश्मि पाण्डेकर, पूर्णिमा सिंह, श्रीमती दुबे, शोभा नाईक, श्रीमती लीला चौहान आदि ने किया। कार्यक्रम के अंत में संस्था पदाधिकारियों ने न्यायाधीश श्री सिंह को श्रीराम मंदिर का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन चेतन उपाध्याय ने किया एवं आभार गंगासिंह सोलंकी ने व्यक्त किया।
