देवास जिले में एलपीजी गैस के दुरूपयोग को करने वाले होटल व्यवसाय और वाहन चालकों की खैर नहीं
कलेक्टर ने किया जांच दल गठित 5 दिन विशेष चलेगा अभियान
————
————
देवास / देवास जिले में मानव जीवन सुरक्षा की दृष्टि से घरेलू गैस सिलेण्डरों के अवैध रिफिलिंग केन्द्रों, वाहनों एवं व्यवयायिक संस्थानों में घरेलू गैस सिलेण्डर के अवैध उपयोग/व्यपवर्तन रिफिलिंग को रोकने के लिए कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने अनुभाग स्तर पर जांच दल का गठन किया है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने निर्देश दिये है कि जांच दल आगामी 05 दिवस तक विशेष अभियान चलाऐंगे और अभियान अंतर्गत एलपीजी गैस के अवैध भण्डारण, अंतरण, परिवहन एवं दुरुपयोग करने वाले प्रतिष्ठान/व्यक्तियों की जांच कर ऐसे प्रतिष्ठान तत्काल बंद करायेंगे। जांच दल पुलिस बल के साथ जांच करेंगे।
देवास अनुभाग में अनुविभागीय अधिकारी देवास श्री बिहारी सिंह को प्रभारी अधिकारी बनाया है तथा तहसीलदार देवास नगरीय श्रीमती सपना शर्मा, तहसीलदार देवास ग्रामीण श्री विजय तलवारे, जेएसओ श्री भानसिंह राय तथा संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को दल में शामिल किया गया है।
सोनकच्छ अनुभाग में अनुविभागीय अधिकारी सोनकच्छ श्री संदीप शिवा को प्रभारी अधिकारी बनाया है तथा तहसीलदार सोनकच्छ श्रीमती अंजली गुप्ता, जेएसओ श्री धर्मेन्द्र वर्मा एवं संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को दल में शामिल किया गया है।
टोंकखुर्द अनुभाग में अनुविभागीय अधिकारी टोंकखुर्द श्री कन्हैयालाल तिलवारी को प्रभारी अधिकारी बनाया है तथा तहसीलदार टोंकखुर्द श्री गौरव निरंकारी, जेएसओ श्री धर्मेन्द्र वर्मा, एवं संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को दल में शामिल किया गया है।
बागली अनुभाग में अनुविभागीय अधिकारी बागली श्री आनंद मालवीय को प्रभारी अधिकारी बनाया है तथा तहसीलदार बागली सुश्री पीहू कुरील, तहसीलदार हाटपिपल्या श्रीमती संगीता गोलिया, तहसीलदार उदयनगर श्री अरविंद दिवाकर, जेएसओ श्री अभिषेक मोर एवं संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को दल में शामिल किया गया है।
कन्नौद अनुभाग में अनुविभागीय अधिकारी कन्नौद श्री अभिषेक सिंह को प्रभारी अधिकारी बनाया है तथा तहसीलदार कन्नौदश्री रवि शर्मा, तहसीलदार सतवास श्री हरिओम ठाकुर, जेएसओ श्री धर्मेन्द्र शर्मा एवं संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को दल में शामिल किया गया है।
खातेगांव अनुभाग में अनुविभागीय अधिकारी खातेगांव श्री प्रवीण प्रजापति को प्रभारी अधिकारी बनाया है तथा तहसीलदार खातेगांव श्री मनीष कुमार जैन, श्री धर्मेन्द्र शर्मा एवं संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को दल में शामिल किया गया है।
आपका सफर होगा अब और आरामदायक
– इंदौर, उज्जैन एवं भोपाल रूट पर चलेंगी वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें
– अमृत योजनांतर्गत देवास नगर निगम को मिली ई-बसों के लिए 15 करोड़ की स्वीकृति
– प्रदूषण से मिलेगी निजात, ई-बसों के संचालन से यात्रियों को होगी सुविधा- महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल
देवास। आपका इंदौर-भोपाल या उज्जैन के लिए सफर आरामदायक होने वाला है, क्योंकि नगर निगम जल्द ही इन रूटों पर वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रारंभ करने वाला है। करोड़ों की लागत वाली इन बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया भी जल्द ही होने वाली है। ई-बसों के प्रारंभ होने से देवास उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां ई-बसें संचालित हो रही है। ई-बसों के प्रारंभ होने से प्रदूषण से निजात मिलेगी, साथ ही इन रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी सुविधा होगी।
उल्लेखनीय है, कि शासन की अमृत योजनांतर्गत देवास शहर में सूत्र सेवा बसों का संचालन वर्ष 2017 से यात्रियों की सुविधा के लिए हो रहा है। योजना अनुसार 69 अंतर शहरीय एवं शहरीय बसों का संचालन बस संचालक द्वारा नगर पालिक निगम देवास (डीसीटीएसएल) के माध्यम से किया जा रहा है। इन बसों में हजारों मुसाफिर प्रतिदिन यात्रा कर रहे हैं। निगम द्वारा जनता की सुविधा के लिए इंट्रासिटी बसों के संचालन के साथ-साथ देवास से इंदौर, उज्जैन, सोनकच्छ, आष्टा, कन्नौद, खातेगांव, हरदा, पीपलरावां, शाजापुर, शुजालपुर, गुना, ब्यावरा तक बसें संचालित हो रही हैं। अब इनके साथ ही 10 ई-बसें भी चलेंगी। ई-बसों के चलने से ईंधन की बचत होगी और पर्यावरण प्रदूषित भी नहीं होगा।
औद्योगिक नगरी होने के कारण देवास में प्रदूषण बढ़ने की संभावनाएं बनी रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने कुछ माह पूर्व बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों में शहर के अंदर ई-रिक्शा एवं शहर के बाहरी मार्गों पर ई-बसों के संचालन को बढ़ावा देने हेतु मार्गदर्शन दिया था। महापौर के निर्देशन में नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय को 50 ई-रिक्शा एवं 27 ई-बसों के लिए राशि प्रदाय के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया था। इसके तारतम्य में शासन द्वारा देवास शहर के लिए 10 ई-बसों की स्वीकृति अमृत योजनांतर्गत प्रदाय की गई।
बसों के लिए 15 करोड़ की लागत-
योजना में ई-बसें खरीदने के लिए लागत 15 करोड़ रुपए होगी। इसमें शासन की योजनानुसार अधिकतम 40 प्रतिशत राशि (6 करोड़ रुपए) सब्सिडी के रूप में शासन द्वारा प्रदाय की जाएगी। इसमें 10 प्रतिशत निकायांश राशि लगभग 60 लाख रुपए निगम द्वारा वहन की जाएगी। इसके लिए महापौर श्रीमती अग्रवाल ने स्वीकृति प्रदान की है। प्राप्त ई-बसों में से 6 ई-बसों का संचालन देवास-इंदौर मार्ग पर, 2 का देवास-उज्जैन मार्ग पर एवं 2 बसों का संचालन देवास से भोपाल मार्ग पर किया जाएगा।
ई-वाहनों के संचालन पर दे रहे हैं जोर-
महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल का कहना है हमारे शहर में उद्योगों की संख्या अधिक होने के कारण वायु प्रदूषण बढ़ने की संभावना बनी रहती है। शहरवासियों की सुविधा और सेहत को ध्यान में रखते हुए ई-वाहनों के संचालन पर जोर दे रहे हैं। हमें शासन से देवास शहर के लिए 10 ई-बसों की स्वीकृति अमृत योजना अंतर्गत प्राप्त हुई है। जल्द ही बस संचालन के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
देवास में विकास के तेजी से बढ़ते कदम-
विधायक एवं महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने बताया देवास में विधायक गायत्री राजे पवार के मार्गदर्शन में तेजी से विकास हो रहा है। ई-बसों का संचालन भी विकास की ओर तेजी से बढ़ते कदम हैं। प्रदेश के बड़े शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन एवं सागर के बाद देवास प्रदेश की छठी नगर निगम है, जिसे प्रथम चरण में 10 ई-बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
जनसुनवाई मे महापौर ने समय सीमा मे आवेदनो के निराकरण के दिये निर्देश
देवास। प्रति बुधवार को आयोजित होने वाली महापौर जनसुनवाई के अन्तर्गत 27 दिसम्बर बुधवार को आयोजित जनसुनवाई मे महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल को नागरिको ने अपनी निगम संबंधि संस्याओ के निराकरण के लिए विभिन्न विभागो के 12 आवेदनो दिये। प्राप्त आवेदनो पर महापौर ने निगम के संबंधित अधिकारियो से चर्चा कर आवेदनो का समय सीमा मे निराकरण किये जाने के निर्देशो के साथ 3 आवेदनो मे मौका निरीक्षण कर समय सीमा मे निराकरण के दिये निर्देश। जनसुनवाई के दौरान महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल के द्वारा विधायक एवं महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, लोक निर्माण समिती अध्यक्ष गणेश पटेल, पार्षद महेश फुलेरी, पार्षद प्रतिनिधि संजय दायमा, रामचरण पटेल, मुकेश मोदी, निगम उपायुक्त देवबाला पीपलोनिया के साथ 5 खाद्य एवं अखाद्य लायसेंसो का वितरण भी व्यवासईयो को किया गया। श्री अग्रवाल ने बताया की नागरिको द्वारा आवेदन प्रस्तुत किये जाकर उनका समय सीमा मे निराकरण किये जाने का अनूरोध किया जाता है। नागरिको से प्राप्त आवेदनो पर गंभीरता से अधिकारियो से चर्चा की जाकर उनका समय सीमा मे निराकरण किये जाने के निर्देशो के साथ ही अन्य विभागो के आवेदन प्राप्त होने पर उनका भी निराकरण समय सीमा मे किये जाने हेतु संबंधित विभागो मे पहुंचाये जाते है। इस अवसर पर निगम कार्यपालन यंत्री नागेश वर्मा, लेखा अधिकारी दिलीप गर्ग, सहायक यंत्री जगदीश वर्मा, इंदुप्रभा भारती, दिनेश चौहान, उपयंत्री विजय जाधव, मुशाहीद हन्फी, स्वास्थ्य अधिकारी जितेन्द्र सिसोदिया, राजस्व अधिकारी प्रवीण पाठक, प्रदीप शास्त्री, स्थापना प्रभारी अशोक देशमुख,स्वच्छता निरीक्षक हरेन्द्रसिह ठाकुर, भाजपा नेता विपुल अग्रवाल, कैलाश दशोरे आदि सहित आवेदनकर्ता व व्यवसाई उपस्थित रहे।
