देवास। राजनीति में क्या-क्या नहीं होता है ऐसा ही एक उदाहरण सामने है जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष की राजनीति में खाई कसम अब पूरी होने की बात वह कह रही है मामला है देवास जिला पंचायत लीला अटरिया जो पूर्व में कांग्रेस में थी और बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली आज उन्होंने चुनाव के परिणाम के दूसरे दिन सार्वजनिक रूप से यह सब किया और कहा कि। हमने यह शपथ ली थी कि जब तक सज्जनसिंह वर्मा चुनाव हारकर इंदौर रवानगी नहीं ले लेते, हम बंगले में प्रवेश नहीं करेंगे। आज वह दिन आ गया है। यह बात जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला भेरूलाल अटारिया ने भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल से अपने बंगले की चाबी लेते हुए कही। उन्होंने कहा कि सोनकच्छ विधानसभा में सज्जनसिंह वर्मा 38 साल तक विधायक रहे, सांसद रहे, मंत्री रहे, इसके बावजूद सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र को कोई बड़ी सौगात नहीं मिली। सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उनको नकार दिया और आज उनकी बहुत बड़े अंतर से हरवाकर उन्हें इंदौर पहुंचा दिया है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल ने कहा कि लीला अटारिया को जिस प्रकार कांग्रेस ने उन्हें प्रताडि़त किया, जिस प्रकार पूर्व विधायक सज्जनसिंह वर्मा ने परिवार को जान से मारने की धमकी दी और आर्थिक लेनदेन का आरोप भी लगाया जिससे सबसे प्रताडि़त होकर वे भाजपा में आईं थीं। मैंने बहन को विश्वास दिलाया था कि भाजपा एक परिवार है और परिवार में जो अधिकार है, वह भाजपा आपको दिलाएगी। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल, हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी, देविप्रा राजेश यादव,जिला महामंत्री पंकज वर्मा, भाजपा सह जिला मीडिया प्रभारी कमल अहिरवार सहित कई नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सज्जन की हार के बाद ही महिला जिला पंचायत अध्यक्ष अटारिया ने ली बंगले की चाबी, अटारिया ने कहा : शपथ ली थी कि जब तक सज्जन वर्मा चुनाव नहीं हारते, बंगले में प्रवेश नहीं करेंगे
