भगत ••••• बाबा प्रणाम। बाबा •••••••••••• बेटा प्रणाम। भगत••••••••••• चुनाव में रोज नए समीकरण बन रहे हैं किसी के बन रहे किसी के बिगड़ रहे। अभी तक आगे चल रहे प्रदीप चौधरी प्रबंधन में पिछड़ गए हैं। बाबा •••••••••• कांग्रेस में होता ही ऐसा है प्रत्याशी की हवा भी चलती है तो वह उसे भुना नहीं पाते है। अभी तक प्रदीप चौधरी कई क्षेत्र में अग्रणी चल रहे थे लेकिन कमजोर प्रबंधन और वरिष्ठ नेताओं की कमी के कारण और वह मामला उलटा पड़ रहा है।
भगत •••••••••• गायत्री राजे के समर्थक और विरोधी। बाबा •••••••••••• यह पहला चुनाव है कि राजे ने अपने विरोधी प्रत्याशी के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला है। जबकि विरोधी ने उनके सिवाय और कुछ नहीं बोला है यही कारण है कि जो घर बैठे समर्थक भी मैदान में आ गए और विरोधी भी अब इतना विरोध नहीं कर रहे हैं कुछ क्षेत्र में जो विरोध विशेष कारण से हो रहा था अभी तो वह मैनेज हो गया है जबकि प्रदीप चौधरी के साथ खास भी कुछ विरोध में हो गए हैं और विरोधी तो अपने काम कर रहे है। प्रदीप चौधरी के पास स्वयं सेवा और अपने विरोधी प्रत्याशी के विरोध के अलावा और कोई बड़ा मुद्दा नहीं है बस यहीं पर मात खा रहे हैं। जबकि राजे ने अभी तक प्रदीप चोधरी का नाम तक नहीं लिया और केवल विकास के मुद्दे और जनता से सतत संपर्क ही मुद्दा बनाया है। इतना होने के बाद भी इनको एकमात्र छोटा सा कारण पूरे देवास में विरोध की लहर चल गई है ,परंतु बहुत ही जल्द इस पर नियंत्रित करने के साथ उल्टा पासा फेक दिया।
भगत ••••••••••• इतनी मेहनत के बाद भी फिर जीरो से शुरुआत करना पड़ रही है। बाबा ••••••••• यह जनता है कब क्या बदल जाए कौन सी लहर चल जाए कह नहीं सकते। देवास विधायक राजे ने विकास कार्य का रिकॉर्ड बनाने के साथ पिछले 2 वर्ष में संपर्क में भी बहुत मेहनत की लोगों की शुभ दुख में साथ करने की लेकिन एक हवा की आंधी का झोका और कुछ उनके साथ रहने वाले ही कार्यों के कारण मुफ्त में बदनामी मिल गई। परंतु यह अच्छा है कि कुछ ईमानदार वफादार समर्थकों के कारण और कड़ी मेहनत के कारण अच्छी पोजीशन पर आ गई है। मतलब अब मुकाबला बराबर का है अभी और मेहनत की आवश्यकता है दोनों को ही कुछ कहा नहीं जा सकता रेडीमेड और आसपास घूमने वाले चाटुकार और अपने स्वार्थ के लिए अपने नेता को बदनाम करने वाले समर्थकों से अब हर नेता को बचाना चाहिये। यह एक ऐसा चुनाव है जिसमें हर विधानसभा में देख लीजिए सो अच्छे कार्य पर कुछ दो चार लोगों के कार्य भारी पड़ रहे हैं। कुछ रेडीमेड नेता भी अब कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
भगत ••••••••••••भैया खातेगांव में बंडावाला को मना कर आ गए। बाबा••••••••••••••••• भैया का जादू भैया वे ही जाने अभी तो उनको अपना क्षेत्र भी संभालना चाहिए धीरे-धीरे वहां भी माहौल बदल रहा है। खैर खातेगांव भैया गए और उनके खास को मनाना ही था। लक्ष्मीनारायण बंडावाला बहुत ही पुराने और अनुभवी और क्षेत्र के लोकप्रिय नेता है और इनके बागी होने पर दीपक जोशी से ज्यादा नुकसान आशीष शर्मा को था वह सभी समझते हैं सामाजिक समीकरण मैं कलोता और गुर्जर समाज के वोट ज्यादा भाजपा के काटने के आसार थे खैर भैया ने मना लिया इसी पर सब खुश है तो दूसरे आशीष शर्मा के कैंप में भी खुशी की लहर है अब खातेगांव में मुकाबला रोचक हो गया है बात छोटी सी है चुनाव में आप कितना ही अच्छा कर लो छोटी-मोटी भूल मुद्दे बड़े हो जाते हैं। भगत••••••बगुला भगत के बाद अब झांसा राम नया नाम आया है सामने। बाबा••••••••••चुनाव में तो मुद्दे और नेताजी को नया नाम भी दिए जाते हैं अब यह आसाराम किसके लिए है यह तो चेहरा स्वभाव देखकर ही मालूम पड़ जाएगा।
भगत•••••प्रवेश अग्रवाल ने फिर एंट्री मार दी। बाबा•••••••टिकट कटने के बाद विरोधियों द्वारा यही किया जा रहा था कि प्रवेश अग्रवाल का प्रवेश देवास में अब निषेध हो गया है परंतु उनके मजबूत बुलंद इरादे नए शहर में एक वर्ष में लगातार जनता के बीच कार्यक्रम अपनी पहचान बनाने के बाद टिकट कटने से भी हताश निराश नहीं हुए और अब आ गए हैं मैदान में पहले एक विधानसभा थी अब पांचो विधानसभा का एक दायित्व मिला है सब समझ सकते हैं कि प्रवेश क्या करेंगे और विरोधी भी अच्छी तरह समझ रहे हैं। भगत•••••••राजू खंडेलवाल जी की अमित शाह से मुलाकात हो गई। बाबा•••••••••जिले में पहले भारतीय जनता पार्टी के ऐसे अध्यक्ष है जिन्होंने अपना कार्यकाल अपने हिसाब से चलाया वरना इसके पहले तो पैलेस या दीपक जोशी के हिसाब से चलता था । यहां तक की टिकट जिला पंचायत या नगर पंचायत या नगर निगम सभी दूर राजू खंडेलवाल ने अपने समर्थक और संगठन के लोगों को स्थान दिया और जीता कर भी लाए। राजू खंडेलवाल का एक भी पार्षद नहीं हारा । पहली बार जिले में संगठन अपने में स्वयं के पैर पर खड़ा हुआ दिख रहा है और रिपोर्ट ऊपर तक अच्छी है कुछ कमियां है तो वह सुधर भी सकती है और यही कारण है कि संगठन प्रदेश मुखिया ने राष्ट्रीय मुखिया अमित शाह से इसी अंदाज में मुलाकात कराई और चुनाव में फिर राजू का कद बड़ा दिया। भगत••••इस बार दोनों ही पार्टी में बागी नहीं है। बाबा•••••••पार्टी के लिए अच्छी बात भी है तो दूसरा बगावत नहीं कर रहे तो अंदर से भीतरघात तो कर रहे हैं। डबल खतरा रहता है प्रत्याशी को एक तो विरोधी बिल्कुल फ्री फिर उसका और समर्थकों का वोट अपोजिट ही जाता है। यह माइनस मार्किंग हो जाता है। भीतरघात दोनों ही दलों में जारी है ।संगठन की पदाधिकारी जरूर लगे हैं मनाने में जब तक तो अंदरूनी विरोध जारी है। भगत ••••••••••आचार संहिता का असर जनसुनवाई पर भी पड़ा है। बाबा•••••••हां बेटा दूर-दूर से अपनी अपनी समस्या लेकर आने वाले कुछ लोगों का तो जनसुनवाई में भला हो जाता था अब चुनाव के कारण जनसुनवाई बंद है लेकिन अच्छी बात है कि कलेक्टर ऋषव गुप्ता 3:00 बजे बाद आम जनता की सुनवाई तो कर रहे हैं। और फिर जनसुनवाई में सबसे बड़ी बात कि जनप्रतिनिधि स्वयं जनता के द्वारा जा रहे हैं तो कुछ समस्या तो वही हल हो रही है और कुछ उनके समर्थक निपटा देते हैं जनप्रतिनिधि कम से कम 1 महीने में एक बार जनता के द्वार चल जाए तो शायद जनता को जनसुनवाई में नहीं आना पड़ेगा परंतु जनप्रतिनिधि 5 साल में एक बार जरूर दर-दर वोट मांगने जाते हैं और बाद में अधिकांश जनता मजबूरी में जनसुनवाई में। बेटा आज इतना ही कल मिलेंगे सोनकच्छ ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण करके आओ हाल देखे वहां के क्या हाल है।
भगत •••••टेकरी पर इस बार दानदाताओं की संख्या बढ़ गई ।
बाबा•••••इस बार रिकॉर्ड भक्तों की संख्या के साथ दानियों ने भी खुलकर दान दिया व्यवस्था बहुत ही अच्छी थी और आम जनता ने भी आसानी से माता रानी के दर्शन किए अब करते हैं दान की बात तो जब दान की गिनती होती है तो उसे क्यों ना खुले लाइव आम जनता को दिखाते हुए गिनती की जाए यह सब संभव है जब जिला कलेक्टर गुप्ता अपनी अलग शैली और कुछ अच्छा अलग करने जा रहे हैं तो पारदर्शिता इसमें क्यों नहीं रखी जा रही है हालांकि इस बार कोई गड़बड़ की शंका नहीं है परंतु हमारा आम जनता का पैसा और दान खुला लाइव दिखाई जाए तो आम जनता का विश्वास बढ़ेगा जैसे कई बड़े ट्रस्ट देश में ऑनलाइन चढ़ने की गिनती की कार्रवाई दिखाते हैं बस कलेक्टर से यही मांग है कि देवास में भी पारदर्शिता के साथ लाइव हो जबकि 9 दिन माता जी के दर्शन लाइव दिखाए जाते हैं एक दिन और सही कैमरा वाले को बोलना भर है।
जय हिंद जय भारत
