—————————————- मंत्रीजी का क्यों बढ़ रहा ब्लड प्रेशर?
जब से जमीन घोटालों और पुरुषों से राग-रंग की शिकायतें दिल्ली भाजपा हाईकमान को पहुंची हैं, मालवा निवासी शिवराज सरकार के एक मंत्रीजी का ब्लेडप्रेशर बढ़ा हुआ। दरअसल, चुनाव से पहले मंत्रीजी के खिलाफ पार्टी के ही कुछ प्रबुद्ध एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अप्रत्यक्ष मोर्चा खोल दिया है। इन कार्यकर्ताओं ने मंत्रीजी के पांच साल के कारनामों का काला चिट्ठा भाजपा हाईकमान को भेजा है। जिसमें कार्यकर्ताओं ने मंत्रीजी को विधानसभा चुनाव से दूर रखने का मशविरा देते हुए लिखा है कि, यदि मंत्रीजी को टिकट, तो पार्टी की लुटिया डूब सकती है। नारदजी कहते हैं कि, जब टिकट कटने का डर होगा, तो ऐसे में मंत्रीजी का ब्लेड प्रेशर न बढ़े, ऐसा कैसे हो सकता है।
——- शिवराजजी चुनाव लड़ेंगे या नहीं? मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब से एक सरकारी आयोजन में जनता से यह पूछा है कि, मैं चुनाव लड़ू या नहीं? तब से उनके विधानसभा चुनाव लडऩे को लेकर प्रदेश की जनता और भाजपाई कुनबे में एक ही चर्चा है कि, इस बार शिवराजजी चुनाव लड़ेंगे या नहीं? भाजपा के एक पदाधिकारी कहते हैं कि, यह चर्चा इसलिए भी है , क्योंकि भाजपा हाईकमान ने सीएम पद के दावेदार चार दिग्गज नेताओं को तो चुनाव मैदान में उतार दिया है, कि चुनाव जीतो और खुद को साबित करो। लेकिन शिवराजजी के चुनाव लडऩे को लेकर संशय बरकरार रखा है। नारदजी कहते हैं कि, अब सशंय अब दिल्ली ही मिटा सकती है कि, शिवराजजी चुनाव लड़ेंगे या नहीं?
—- चर्चाओं में भाजपा दफ्तर के कर्मचारियों का बीमा! भोपाल स्थित भाजपा मुख्यालय में पदस्थ कर्मचारियों का ‘जीवन बीमा’ (लाइफ इंश्योरेंस) इन दिनों भाजपाई कुनबे में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, भाजपा मुख्यालय में पदस्थ आधा दर्जन कर्मचारियों ने हाल ही में अपने भविष्य को सुरक्षित करने की दृष्टि से जीवन बीमा कराया है। किसी कर्मचारी का भविष्य सुरक्षित होता है, तो इससे भला किसी को क्या आपत्ति हो सकती है? लेकिन भाजपाई कुनबे में बवाल इस बात को लेकर मच रहा है कि, इन कर्मचारियों में से हरेक द्वारा बीमा पॉलिसी में बतौर सालाना प्रीमियम के एक लाख रुपए जमा कराए जा रहे हैं। भाजपाई कुनबे में सवाल उठ रहे हैं कि, आखिर कर्मचारियों के पास इतना पैसा कहां से आ रहा है? या फिर भाजपा दफ्तर में कौन इन कर्मचारियों पर कृपालु बना हुआ है?
—- मोहतरमा का जलवा है ….. इन दिनों एक मोहतरमा का राजधानी में जलवा है। इनकी पूछ-परख की बात करें, तो प्रशासनिक और गलियारों में कौन इन मोहतरमा का दीवाना नहीं है। खास बात तो यह है कि ये मोहतरमा राजधानी एक बुद्धू बक्से में बतौर रिपोर्टर काम करती हैं। लेकिन इनका एटीट्यूट किसी ब्यूटी क्वीन से कम नहीं है। हाल में ही एक खबरनवीस ने हंसते-हंसते पूछ लिया कि, आखिर इस पूछ-परख का राज क्या है, तो मोहतरमा का कहना था कि, जब अपार्चुनिटी मिली है, तो उसका लाभ उठाना चाहिए? जिन्हें अपार्चुनिटी नहीं मिली वो एथिक्स-वैल्ल्यू की बातें करने लगते है। नारदजी कहते हैं कि, मोहतरमा को लोगों की नब्ज समझ में आ गई है। स्वाभाविक है मोहतरमा के जलवे रहने ही हैं। —————— -email id-maheshdixit66@gmail.com/(mb)-9893566422
