वध के लिये गौवंश का परिवहन करने वाले आरोपीगण को हुआ 1-1 वर्ष का सश्रम कारावास

गोवंश का वध कर अवैध रूप से कारोबार करने वालों को न्यायालय ने 1वर्ष की सजा सुनाई है। घटना इस तरह है दिनांक 3. नवंबर 2023 को थाना औ.क्षेत्र के उपनिरीक्षक जगदीश पटेल जो इस क्षेत्र में ग्रस्त कर रहे थे और इलाका गश्त के दौरान रसूलपुर चौराहे पर मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक पिकअप वाहन में पीछे से पटियों से ढककर पशुओं को भरकर भोपाल बायपास की ओर से इन्दौर वध हेतु लेकर जाया जा रहा है। तब उन्होंने राहगीर पंचानोें को मुखबिर द्वारा बताई गई सूचना से अवगत कराकर हमराह फोर्स के साथ रसूलपुर ब्रिज के पास उक्त पिकअप का इन्तजार किया। जिसके बाद कुछ समय पश्चात एक पिकअप वाहन आता दिखाई दिया, जिसे हमराह फोर्स की मदद से रूकवाया गया तभी वाहन में से एक व्यक्ति कूदकर भाग गया था। उक्त पिकअप वाहन का क्रमांक एमपी.45 जी.1468 था। जिसके चालक से नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम आरिफ पिता कासम नि0 सियापुरा जिला देवास का होना बताया था। पिकअप गाडी की पीछे से पटिया हटाकर देखने पर उसमें 8 नग गौवंश के केडे क्रूरतापूर्वक ठूस-ठूस कर भरे हुये पाये गये। आरिफ से पशुओं एवं वाहन के दस्तोवेजों के संबंध में पूछताछ करने पर कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गये एवं अभियुक्त आरिफ ने भागे हुये व्यक्ति का नाम सुल्तान शेख बताया था। मौके पर ही पंचानों के समक्ष उपनिरीक्षक जगदीश पटेल ने उक्त केडों एवं वाहन को जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके विरूद्ध म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेघ अधिनियम 2004 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 एवं मोटरयान अधिनियम के तहत मामला थाना औ.क्षेत्र पर पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान अभियुक्त सुल्तान को गिरफ्तार किया गया था तथा आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।     माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जिला देवास द्वारा निर्णय पारित कर आरोपी आरिफ पिता कासम नि0 सियापुरा देवास एवं आरोपी सुल्तान शेख पिता बुन्दू शेख नि0 नागदा देवास को धारा 6/9 म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधि. 2004 में दोषी पाते हुये 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास व 5000-5000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।   उक्त प्रकरण में शासन की ओर से राजेंद्र सिंह भदोरिया कार्यालय जिला लोक अभियोजन अधिकारी जिला देवास औरअभियोजन का सफल संचालन श्री रईस शेख, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, जिला देवास द्वारा किया गया एवं उक्त प्रकरण में प्रधान आरक्षक नितिन धीमान का विषेष सहयोग रहा।            

More posts