—————————————————— भाजपा मुख्यालय के पदाधिकारियों की जासूसी!
भाजपा मुख्यालय में बैठने वाले हरेक नेता और पदाधिकारी की जासूसी हो रही हैं। बताते हैं कि इधर भाजपा चुनाव की कोई रणनीति बनाती है, उधर जानकारी कांग्रेस के पास पहुंच जाती है। इसकी खोजबीन हो रही है कि, आखिर वो भेदिया (विभीषण) कौन है, जो भाजपा मुख्यालय की गोपनीय जानकारियां कांग्रेस तक पहुंचा रहा है। बताते हैं कि इसके बाद से भाजपा हाईकमान ने मप्र भाजपा मुख्यालय के पदाधिकारियों, प्रवक्ताओं और नेताओं के मोबाइल फोन्स को सर्विलांस पर लिया है। भाजपा मुख्यालय के पदाधिकारी मोबाइल पर बात करने से डरने लगे हैं। कोई बात लीक न हो जाए, इसके लिए वे अब वाट्सएप पर चेटिंग-कालिंग कर रहे हैं। नारदजी कहते हैं कि इस तरह भाजपा हाईकमान ने भाजपा मुख्यालय के हरेक जिम्मेदार पदाधिकारी की निगहबानी शुरू कर दी है। शायद भाजपा मुख्यालय में सक्रिय कांग्रेस का ‘भेदिया’ पकड़ में आ जाए।
——– बागेश्वर धाम कथा के लिए माननीय की ‘चंदा वसूली’
में हर वो राजनेता जो आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट का दावेदार है, अपने क्षेत्र में बागेश्वर धाम के पं.धीरेंद्र शास्त्री की कथा कराना चाहता है। क्योंकि हरेक दावेदार को लगता है कि, बागेश्वर धाम की कथा चुनावी नैया पार करा सकती है। इसी मंशा-आकांक्षा में बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र के ‘माननीय’ एवं राज्य आपूर्ति निगम के ‘अध्यक्ष’ भी अपने क्षेत्र में बागेश्वर धाम की कथा कराना चाहते हैं। यहां तक तो ठीक है। लेकिन नारदजी को कुछ स्थानीय लोगों ने बताया है कि बड़ामलहरा के इन ‘माननीय’ ने बागेश्वर धाम की कथा के लिए ‘सरकारी महकमों’ के अफसर-कर्मचारियों को बुरी तरह परेशान करना शुरू कर दिया है। ‘माननीय’ और उनके ‘पट्ठे’ अफसरों-कर्मचारियों को हड़का रहे हैं कि कथा के लिए इंतजाम (चंदा) करो, वर्ना बागेश्वर धाम की टेढ़ी निगाह का शिकार बनने के लिए तैयार रहो।
— चेयरमैन साब हर दिन दौड़ा रहे 700 किमी गाड़ी
सौर ऊर्जा पैदा करने वाले प्रदेश के एक निगम के चेयरमैन, जो कि सिंधिया एंड कंपनी के खास मेंबर हैं, की कार्यशैली और गाड़ी चलाने के हुनर की राजनीतिक-प्रशासनिक गलियारों में खासी चर्चा है। दरअसल, ये चेयरमैन साब पिछले दो साल से हर दिन बतौर टूर 600 से 700 किलोमीटर गाड़ी कागजों पर दौड़ा रहे हैं और डीजल खर्च के फर्जी बिलों के जरिए लाखों रुपए दबाव बनाकर निगम से वसूल रहे हैं। यही नहीं,चेयरमैन साब निगम के एमडी और प्रमुख सचिव को यह कहकर धमका रहे हैं कि, निगम के एकाउंट सेक्शन के जो कर्मचारी-अफसर मेरी गाड़ी की रफ्तार में नियमों के रोड़े अटका रहे हैं, उन्हें हटाओ वर्ना मैं इस्तीफा दे दूंगा। नारदजी कहते हैं कि सरकार ने चेयरमैन साब की नियुक्ति निगम की उन्नति में चार चांद लगाने के लिए की थी या लूट खसोट के लिए, समझ से परे है।
—- टिकट के लिए ‘जनमत सर्वे’ की राजनीति !
प्रदेश के सबसे अमीर भाजपा विधायक संजय पाठक को इस बार रत्तीभर भरोसा नहीं है कि उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट मिलेगा ? दरअसल, क्षेत्र के भाजपा के कुछ नेताओं ने खुले तौर पर उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए टिकट के लिए दावेदारी कर दी है। हालांकि, हाल ही में उन्होंने यह कहते हुए चुनाव से पहले जनमत सर्वे कराया है कि, यदि क्षेत्र की 75 फीसदी जनता उनको प्रत्याशी बनाए जाने के लिए सहमत होगी, तो ही वे चुनाव लड़ेंगे, वर्ना नहीं। बताते हैं कि, इसके बाद ‘जनमत’ के लिए जो वोटिंग कराई गई, उसमें क्षेत्र के 75 फीसदी लोगों द्वारा ‘पाठक’ के पक्ष में वोटिंग का दावा किया जा रहा है। लेकिन नारदजी को एक स्थानीय भाजपाई बताते हैं कि, ‘जनमत सर्वे’ प्रायोजित नौंटकी है। सच तो यह है कि, सत्ता-संगठन में तवज्जो नहीं मिलने से परेशान ‘पाठक’ टिकट के लिए दबाव की ‘राजनीति खेल’ रहे हैं। देखना यह है कि, यह ‘दबाव की राजनीति’ पाठक को टिकट दिला पाती है या नहीं। ———————————————- Email id-maheshdixit66@gmail.com/(mb)-9893566422
