– नेताजी की पत्नी को महंगे तोहफे किसने दिए…? मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और टिकट के चक्कर में खुशामदी दावेदारों में इस बात की होड़ लगी हुई है कि, कैसे नेताजी को खुश किया जाए। बस इसी चक्कर में हाल ही में सत्तारूढ़ पार्टी एक प्रमुख नेताजी को उनके तीन जिला अलंबरदारों ने जी-जान लगाकर महंगे तोहफों से नवाजा। खासतौर से नेताजी की पत्नी को। वो इसलिए कि, पत्नी खुश तो नेताजी खुश। तीनों जिला अलंबरदारों में से एक ने नेताजी की पत्नी को प्लेटिनम में जड़ी हीरे की अंगूठी, दूसरे ने लैंड रोवर और तीसरे ने फार्च्यूनर भेंट की है। नारदजी कहते हैं कि नेताजी की पत्नी को महंगे तोहफे देने से अलंबरदारों के क्या राजनीतिक शुभ-लाभ होते हैं, यह तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल तो राजनीतिक गलियारों में नेताजी की पत्नी को ‘भेंट अनुष्ठान’ की खूब चर्चा है। –?
वो कौन है, जिससे सरकार में सब डर रहे। सिंधिया के सबसे खास और शिवराज सरकार में मंत्री तुलसी सिलावट की किसानों के करोड़ों रुपए के भुगतान की शिकायत पर सीएम द्वारा यह कह देना कि, जब सीएस और संबंधित विभाग के पीएस कुछ नहीं कर सकते, तो मैं भी कुछ नहीं कर सकता? राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि, आखिर ऐसा कौनसा ताकतवर व्यापारी है, जो प्रदेशभर के हजारों किसानों से करोड़ों रुपए की उपज खरीदकर बिना भुगतान किए भाग गया? और सीएम और सीएस-पीएस कह रहे हैं कि हम कुछ नहीं कर सकते। नारदजी को राज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि, दरअसल, किसानों का पैसा खाकर भागने वाला कोई व्यापारी नहीं, बल्कि गुजरात की एक कंपनी ‘पीएमएस’ है। सवाल है कि इतना बड़ा घोटाला सामने आने के बाद भी ‘पीएमएस’ पर जिम्मेदार कार्रवाई करने से क्यों बच रहे हैं? नारदजी कहते हैं कि-‘समझ समझ के समझो, समझ-समझ के समझना भी समझदारी है, जो इतने पर भी न समझो, तो समझो यह आपकी नादानी है?
—- मप्र भाजपा की मीडिया विंग क्या करेगी? लगता है मप्र भाजपा संगठन के भाईसाबों पर दिल्ली भाजपा हाईकमान को रत्तीभर पर भी भरोसा नहीं रह गया है। यह हम नहीं, खुद भाजपा हाईकमान के फैसलों से लगता है। भाजपा हाईकमान ने पहले मप्र भाजपा संगठन के ऊपर तीन-तीन चुनाव प्रभारियों सहित आठ-आठ प्रभारी बैठाये, अब नारदजी को भाजपा के दिल्ली सूत्रों ने बताया है कि, विधानसभा तक मोर्चा संभालने के लिए दिल्ली से जल्द पांच दिग्गज नेता बतौर मीडिया प्रभारी मध्यप्रदेश पदार्पण करने वाले हैं। ये पांचों मीडिया प्रभारी भोपाल के साथ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में बैठकर विधानसभा चुनाव होने तक विपक्ष की घेराबंदी करेंगे। नारदजी कहते हैं कि, जब दिल्ली से आए मीडिया प्रभारी ही मप्र विधानसभा चुनाव में खेला करेंगे, तो मप्र की जम्बो मीडिया विंग के भाईसाब लोग क्या करेंगे? —
सुदर्शना पत्रकारों से दूर रहें। विधानसभा चुनाव होने तक किसी भी विवाद और अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भाजपा हाईकमान ने अप्रत्यक्ष रूप से अपने नेताओं को नसीहत दी है कि सुदर्शना पत्रकारों से दूर रहें। दरअसल, विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच भाजपा हाईकमान को पार्टी मुख्यालय और उसके राजनीतिक गलियारों में स, श, प नाम की मप्र भाजपा की मीडिया विंग क्या करेगी के सक्रिय होने की सूचना मिली हैं, जो छुटभैये चैनलों से जुड़ी हुई हैं। इसके साथ जिनके अपने यू-टयूब चैनल हैं। जिन पर ये सुदर्शना पत्रकार ऐसे कामुक कंटेट डालती हैं, जिनसे नेता सम्मोहित हो सकते हैं। ज्ञात रहे कि, कुछ साल पहले हनीट्रैप कांड सामने आया था। जिसकी आंच में कई नेताओं की राजनीति झुलस गई थी। अब देखना यह है कि, भाजपा हाईकमान की नसीहत नेताओं को कितनी काम आती है। —
— साहब लोग क्यों हो रहे मायूस? मप्र भाजपा संगठन से विधानसभा चुनाव में टिकट का भरोसा मिलने के बाद से मध्यप्रदेश के तीन ब्यूरोक्रेटस पिछले कुछ महीनों से बेहद खुश-खुश नजर आ रहे थे। इन ब्यूरोक्रेटस ने झकाझक खादी के कुर्ता-पायजामे-जैकेट सिलवाने के साथ चुनाव लड़ने के लिए संभावित चुनाव क्षेत्र, जहां से उन्हें टिकट मिलने की संभावना थी, वहां चुनावी तैयारियां और सामाजिक कार्यक्रमों-आयोजनों के बहाने सोशल मीडिया प्लेट फार्म्स से प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया था। लेकिन यह खबर मिलने के बाद कि टिकट भाजपा हाईकमान के सर्वे के आधार पर दिल्ली से बांटे जाएंगे, ये ब्यूरोक्रेटस मायूस हो गए हैं। साहब लोगों को कौन बताए कि यह राजनीति है! वक्त और भाग्य का ऊंट कब किस करवट बैठ जाए किसी को पता नहीं होता है? नारदजी तो ब्यूरोक्रेटस यही कहेंगे, अभी टिकट बंटे नहीं हैं, सब्र रखें, शायद तुक्का लग जाए…! —- Email id-maheshdixit66@gmail.com/(mb)-9893566422
