सीएमएचओ का तबादला, कोतवाली में बिल्ली की म्याऊं, सतवास जो जीता वही सिकंदर, कलेक्टर की जनसुनवाई में बड़ी संख्या, पेंशनरों का धरना (लाड़ले बाबूजी) ,   साइंस कॉलेज प्रवेश का प्रवेश ,कमिश्नर और भाजपा ,

भगत—————प्रणाम बाबा।                         बाबा —————प्रणाम बेटा कैसा है ।

              भगत ——- सतवास चुनाव में सत्ता पक्ष ने अपनी दिखा दी।                                              बाबा—— राजनीति में जो जीता वही सिकंदर है। प्रदेश में सरकार होने का इस बार भारतीय जनता पार्टी पूरा लाभ उठा रही है। सतवास में नेताजी को पहले पार्षद का पद मिल गया था। लेकिन मुख्य पद अध्यक्ष का चले गया । चवन्नी देकर रुपैया ले गए। इस बार कांग्रेस  पूरी तैयारी में थी कि किसी भी तरह अध्यक्ष अपना बना लेंगे। जो नेता भाजपा से कांग्रेस में आए थे ।वह पार्षद का चुनाव जिताने के बाद पूरे आत्मविश्वास से लबरेज थे। लेकिन इस चुनाव में उनके विपक्ष के विधायक और कभी उनके खास रहे हैं। नेता जी भी अपना दाव दिखा गए । सब जानते हैं क्या हुआ परंतु अब पछताने से क्या फायदा जब चिड़िया चुग गई खेत। भाजपा के तीन विधायक और जिलाध्यक्ष पूरी टीम खेल खेल गई अब 4 माह बाद चुनाव है । नेताजी के पट्ठे अगले चुनाव में हिसाब बराबर की बात कर रहे हैं। अभी तो खेला हो गया सतवास में। वायरल वीडियो सत्ता के दुरुपयोग का सच कह रहा है ।परंतु आज के समय में साम दाम दंड भेद और कैसे भी हो जीत चाहिए और जनता भी आखिर में कहती है कि जो जीता वही सिकंदर।

भग——— कोतवाली पुलिस ने रिकॉर्ड बना दिया बिल्ली भी ढूंढ निकाली।                        बाबा———- बेटा गरीब की बेटी आज तक नहीं मिली जिला चिकित्सालय सहित और भी कई चोरी और प्रकरण है ।जो पुलिस की पहुंच से दूर है। फिर यूपी बिहार और मध्य प्रदेश के कई शहरों में तो विधायक और मंत्री की भैंस तक थानेदार ने ढूंढ कर दी है तो शहर के एक व्यापारी की बिल्ली भी तो महत्वपूर्ण है। बेचारी बिल्ली खुद ही आ गई चलो शहर कोतवाल संवेदनशील पशु प्रेमी है बिल्ली के प्रति संवेदना है  ।दोना पत्तल वाले कि बिल्ली  की म्याऊं से कोतवाली चर्चा में आ गया। चर्चा में तो पहले भी शहर कोतवाल दीपक यादव थे जब बागली में अच्छी पारी खेली और जिले में नाम चल रहा था यहां भीगी बिल्ली ने आकर उनको बता दिया कि तुम तो यही पकड़ो। यादव के साथ कई क्षेत्र के थानेदार जी चाह कर कुछ नहीं कर पा रहे हैं। शहर में लूट होती है ।चोरी होती है गुंडागर्दी होती है ।जुआ सट्टा चल ही रहा है  तब पुलिस चुप रहती है। लेकिन अगर चार चोरी में से एक चोरी भी पकड़ा जाए तो पुलिस इसे बड़ी उपलब्धि बताकर प्रेस वार्ता के लिए तैयार। चोरी हुई वह बड़ी बात नहीं हमने पकड़ ली वह बड़ी बात है। लूट हो गई अच्छी बात है और हमने पकड़ ली है तो वह और अच्छी बात होगी ना। मेरे शहर की पुलिस को क्या हो गया है। अब तो देवास शहर के अपराध और अपराधियों के चर्चे आसपास के शहरों में भी हो रहे हैं ।देवास सबसे सुरक्षित शहर माना जा रहा है। शहर और जिले में कई नामी थानेदार और अधिकारी है जिनका अपनी कार्यशैली से नाम चलता है ।लेकिन न जाने कौन सा सांप आकर इनको सुंघकर चला गया है हम तो इतना ही कहेंगे कि आप तो ऐसे ना थे।

भगत————- सीएमएचओ शर्मा गए और मैडम विष्णु लता गई है।                              बाबा———– हां बेटा मीठा लाल जी ने कोरोना में शुभ लाभ का सारा आंकड़ा पार कर दिया ।हालांकि इनके समय देवास जिला चिकित्सालय में विकास कार्य जरूर हुए ,लेकिन जिले की व्यवस्था नहीं बदल सके। शर्मा जी शर्माते शुभ लाभ कर गए। डॉ सरल की जगह फेविकोल लगा कर बैठे थे। परंतु विधानसभा चुनाव और मैडम भारी पड़ी अब मैडम पर पूरे जिले की स्वास्थ्य विभाग की जवाबदारी है ।बागली और अन्य जगह अभी तो उनके कार्य को देख कर यही लग रहा है कि जिले में कुछ अच्छा होगा स्वयं सबसे पहले व्यवस्था में सुधार चाहती है ।और यही जिला कलेक्टर गुप्ता का मिशन है। देवास जिला चिकित्सालय में संसाधन सुविधा बहुत है। बस यहां के चिकित्सक और स्टाफ में इतनी सी भावना लानी है कि यह हमारा चिकित्सालय है आम गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार बहुत मजबूर होकर यहां पर आता है क्योंकि शासकीय चिकित्सालय से आम जनता का विश्वास उठ गया था। लेकिन अब धीरे-धीरे यहां संसाधनों सुविधा देखकर आमजन वापस आने लगा है गरीब के दर्द को समझना होगा उसे बांटना होगा । इंदौर रेफर की जगह देवास में ही उसका उपचार कर ठीक करना होगा खैर नए सीएमएचओ से कुछ उम्मीद तो कर सकते हैं।

भगत ——– कलेक्टर की जनसुनवाई में भीड़ बढ़ गई है।                                                  बाबा———– दोनों ही कारण हो सकते हैं एक पहला कलेक्टर द्वारा न्याय प्रिय कार्रवाई के कारण जनता का विश्वास बढ़ा है जिस तरह अभी तक कलेक्टर ऋषव गुप्ता कार्यप्रणाली रही है। उससे यह माना जा रहा है कि जनसुनवाई में अब पहले से ज्यादा संख्या रही है।  परंतु दूसरा यह भी तो है कि क्या जिले में इतनी समस्या बढ़ गई है ,और इतनी जनता परेशान है की जनसुनवाई में संख्या बढ़ गई है?

भगत ————प्रवेश अग्रवाल ने साइंस कॉलेज में दाखिला ले लिया।                                                    बाबा——– सही मायने में प्रवेश अग्रवाल ने अब देवास में राजनीति की शुरुआत की है ।चाहे राजनेता कितने फ्लेक्स और जमाने भर के जतन कर ले लेकिन यदि वह एक कार्य भी जनहित में जनता से जुड़ा सीधा करता है तो एक अलग इमेज बनती है। प्रवेश ने मौके पर चौका मारा साइंस कॉलेज में बस की समस्या मैं अलग हटकर मैजिक ही चला दी बस चलाते तो इतना प्रचार नहीं होता मैजिक में मैजिक चल गया। अब बस वजह है कि यह लगातार चलना चाहिए वैसे जिला प्रशासन ने भी बस की व्यवस्था की थी लेकिन बस वाले हैं कि किसी के बस में नहीं है खैर अभी तो प्रवेश ने पूरे 1 साल बाद एक अच्छे कार्य से प्रवेश किया है अब देवास की जनता मैं अगर जगह बनाना है तो सीधे जनहित मुद्दे से जुड़े टिकट मिले ना मिले देवास में जनता का प्यार जरूर मिलेगा फिर भाग्य का भरोसा नहीं कुछ भी हो सकता है यह देवास है।

भगत ——— बाबा भोपाल में पेंशनरों ने अच्छी भीड़ जुटाई परंतु सरकार टस से मस नहीं हो रही है। बाबा————— मामा सबको मिलकर बांट रहे हो और जो हमारे माता पिता समान वयोवृद्ध जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी सरकारी सेवा में खफा दी ।उनके साथ ऐसा क्या भेदभाव सीनियर सिटीजन यह पेंशनर आज भी जागरूक है। अपनी लड़ाई खुद लड़ रहा है घर में लाडली बहना है भैया है और लाडली भांजी भी है परंतु उम्र के अंतिम पड़ाव पर सब को आशीर्वाद देते पेंशनर का आशीर्वाद मामा जी नहीं लेना चाहते। आज इनका तो कल जल्दी तुम्हारा है ।तुम को पेंशन मिलेगी लेकिन वह सम्मान नहीं जो तुमने इनको नहीं दिया। सबसे पहले मामाजी हमारे देश के पेंशनरों की समस्या हल करो लाडली बहना के साथ लाडले  बाबूजी का भी ध्यान रख लो ।कुछ मिले ना मिले उनका आशीर्वाद कभी खाली नहीं जाता । पेंशनर संघ आज भी संगठन के रूप में जवान है अगर उनकी मांग नहीं मानी तो इनके ही घर में लाडली बहना लाडली भांजी और भांजे भी है।

भगत———– कमिश्नर भाजपा कार्यालय चले गए। बाबा—————– कमिश्नर विशाल सिंह वैसे भी अब कुछ दिन गिन रहे हैं मनचाहे तबादले के प्रयास में है हो भी जाएगा सबसे ज्यादा प्राइम समय बिना परिषद के नगर निगम कमिश्नर अकेले तब भाजपा कार्यालय की जगह केवल पैलेस पर जाकर की काम हो जाता था उसके बाद कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला के आने के बाद शेर सवा शेर हो गए हैं परंतु समय बदला निगम में परिषद बन गई महापौर सभापति और बल्लम पार्षद आ गए इधर कलेक्टर भी बदल गए और यहां तक तो ठीक देवास विकास प्राधिकरण जहां से देवास विकास की कई योजनाएं और बहुत कुछ कमिश्नर ने किया वहां भी किस्मत से राजेश यादव अध्यक्ष बन गए यहां तो अब पटरी बैठना ही नहीं थी व्यस्तता अच्छा बहाना था प्राधिकरण प्रभार छोड़ने का । अब चुनाव आयोग की तलवार सर लटक रही है कमिश्नर विशाल सिंह को जाना ही है तो जाते-जाते भाजपा कार्यालय भी चले गए अभी तक तो पैलेस  ही भाजपा कार्यालय था अब पता चला कि यह भी कार्यालय है। खैर जो भी हो कमिश्नर विशाल सिंह शुभ लाभ की बात छोड़ो तो देवास विकास के लिए बहुत कुछ किया और कई सौगात मिली है । अब कांग्रेस ने भी कमिश्नर विशाल सिंह को अपने कार्यालय में आने का निमंत्रण दिया है। देखना है कि कमिश्नर तबादले के पहले कांग्रेस कार्यालय में भी जाते हैं या अगली पारी चुनाव के बाद जिला पंचायत सीईओ मैं वादा निभाएंगे। बस कमिश्नर इतना ध्यान रखना विकास भले ही कितना हो जाए थोड़ा सा व्यवस्था में भी सुधार होना चाहिए नहीं तो घर सुंदर बन जाए और घर के अंदर सारी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो तो सुंदरता और विकास कोई मायने नहीं रखता उस पर भ्रष्टाचारी अधीनस्थ सारा पानी फेर देते है ।

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