भगत– बाबा प्रणाम। बाबा –बेटा प्रणाम। भगत — प्राधिकरण अध्यक्ष फार्म पर चल रहे हैं। बाबा— हां बेटा धीरे- धीरे चलने वाली गाड़ी की गति अचानक तेज हो गई है ।प्राधिकरण अध्यक्ष राजेश यादव अब लग रहा है कि कुछ कर रहे हैं। हाल ही में प्लाट निरस्त करा कर दो करोड़ का फायदा पहुंचाना छोटी नहीं बड़ी बात है। क्या अंदर ही अंदर अधिकारी कर्मचारी और प्रॉपर्टी वालों का खेल वर्षों से चल रहा था जिस का पर्दाफाश कर राजेश यादव ने एक अच्छी शुरुआत की है ।हम जिस संस्था में बैठे हैं उस संस्था के लिए भी कुछ सोचे तो वह पद सार्थक है ।देवास विकास प्राधिकरण अध्यक्ष ने ग्रीन बेल्ट पर अवैध निर्माण और उस पर अवैध कार्य करने वाले होटल के खिलाफ कलेक्टर को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की बात का असर भी हुआ पहली बार किसी ऐसी होटल पर कार्रवाई प्रशासन ने की है ।अब देवास में इस तरह का व्यापार करने वाले कम से कम कुछ तो डरेंगे ।और भी कई कार्य प्राधिकरण अध्यक्ष के लिए आने वाले समय में अच्छे रहेंगे शुरुआत कर दी है। एक और आमजन के लिए शुक्रवार को सीधी जनसुनवाई दरबार लगाना सबसे अच्छी बात है चलो राजेश यादव जो संगठन पूर्व में विपक्ष में आंदोलनकारी की भूमिका में पहचाने जाते थे। सत्ता आने के बाद महामंत्री और पार्षद बने यहां प्राधिकरण अध्यक्ष में अब धमाकेदार पारी खेल रहे हैं ।
भगत — पार्षद पद क्यों नहीं छोड़ रहे। बाबा– यह प्रदेश में पहले अध्यक्ष है जो इतने बड़े पद पर हैं कि जिनके पास एक छोटा पद भी है ।परंतु वे इस पद को भी बड़ा मानते हैं कहते हैं कि मुझे जनता ने बड़े विश्वास से चुना है मैं उनके लिए पार्षद ही रहूंगा क्योंकि मैं प्राधिकरण अध्यक्ष के पहले पार्षद था और उनके विश्वास पर हमेशा खरा उतरूंगा। जो भी हो प्राधिकरण अध्यक्ष द्वारा बड़े फैसले के साथ शुक्रवार की जनसुनवाई का असर भी हुआ है अब आम जनता प्राधिकरण में जो ऑफिस ऑफिस का खेल चलता है छोटे से कार्य के लिए चप्पल घिस जाती है उससे थोड़ी तो राहत मिलेगी।
भगत— जनसुनवाई तो महापौर भी लगाते हैं। बाबा– हां बेटा देवास नगर निगम में भी अब बहुत कुछ बदलाव आया है वैसे तो महापौर आम जनता से सीधे मिलते ही हैं लेकिन एक दिन खुली जनसुनवाई लगाने से लाभ यह होता है कि आम जनता उस नियत समय पर पहुंच जाती है ।अधिकारी कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं। नगर निगम में अभी घर बैठे जन्म प्रमाण पत्र और 1 दिन में नक्शा पास से लेकर व्यवस्था में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। आम जनता भी व्यवस्था में बदलाव ही चाहती है।
भगत– व्यवस्था में बदलाव के लिए तो कलेक्टर गुप्ता भी दिन रात एक कर रहे हैं। बाबा– अच्छी बात है हमें भी ज्यादा नकारात्मक की जगह यदि सकारात्मक कार्य हो रहा है, तो उसे भी उतना ही प्रचारित करना चाहिए । कलेक्टर ने मुआवजे वाले प्रकरण में f.i.r. करवा कर संकेत दे दिए थे। कि किसी कार्य मैं हेरा फेरी भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर का शासकीय कार्यालय में निरीक्षण लगातार जारी है और किसी भी गंभीर मामले में वे तत्काल निर्णय लेते हैं आम जनता में विश्वास बढ़ा है प्रशासन के प्रति।
भगत— साइंस कॉलेज में थोड़ी चुक हो गई। बाबा— एक अकेले किला लड़ा रहे हैं अधीनस्थ लोक निर्माण विभाग ने धोखा दे दिया ।और बारिश भी इस कदर आई की निर्माण कार्य की कछुआ गति की पोल खोल कर रख दी । यहां पर कलेक्टर ने जिन पर भरोसा किया था ।उन्होंने लापरवाही की और धीमी गति का कार्य समस्या बन गया है। फिर कॉलेज प्रशासन ने भी इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि बच्चों की परीक्षा है सेना पुलिस की तैयारी की परीक्षा थोड़ी है ।एक दिन ऐसी स्थिति में देवास में कहीं व्यवस्था कर सकते थे ।छात्रों के भविष्य के लिए कुछ करना चाहिए छात्र नेताओं ने आंदोलन कर अपनी भूमिका इमानदारी से निभाई ।मीडिया ने अपना पक्ष ईमानदारी से रखा। अब कॉलेज प्रशासन को उस दिन का पेपर जो की सेना जैसी परीक्षा देने के कारण कई छात्र-छात्राओं का बिगड़ गया है उसके बारे में कुछ हल निकालना चाहिए । विश्वविद्यालय प्रबंधन से बात कर सभी स्थिति बताकर उस दिन के पेपर को या तो निरस्त या अतिरिक्त अंक में छूट देना चाहिए। छात्र नेताओं ने विरोध प्रदर्शन कर छात्रों की समस्या उठाई परंतु यहां सरकार सत्ता पक्ष के नेता जो पदाधिकारी है विधायक प्रतिनिधि से लेकर सभी नेता ने भी ध्यान देना चाहिए।
भगत– विधायक प्रतिनिधि से तो ज्यादा पार्षद प्रतिनिधि सक्रिय है। बाबा– पार्षद प्रतिनिधि मतलब पार्षद पति या पार्षद के बेटे फिर भी काम तो करते हैं विधायक प्रतिनिधि हो या सांसद प्रतिनिधि वे भी अपने पद को सार्थक करें। देवास जिला चिकित्सालय से लेकर अभी आम जनता सबसे ज्यादा बिजली कटौती से लेकर मनमानी पूर्वक अनाप-शनाप बिजली के बिल से परेशान है कभी विधायक प्रतिनिधि एक दो बार शासकीय कार्यालय में सीधे जनता से संपर्क कर उनकी समस्या हल करा सकते हैं प्रतिनिधि का मतलब ही होता है कि विधायक सांसद जा नहीं पहुंच सकते वहां पर उनके प्रतिनिधि पहुंच जाए और उनकी समस्या का निराकरण करें बैठक और आयोजन में अतिथि सत्कार की जगह सीधा जनता के बीच जाकर काम करें तो कई समस्याएं हल हो जाएगी जिले में दूर-दूर से आने वाले ग्रामीण परेशान नहीं होंगे।
भगत— ठेकेदार ने बारिश में डामर की खेती कर ली । बाबा— सबसे पहली बात बता दें की गंगाधर ही शक्तिमान है। यानी नेताजी ही ठेकेदार है ।अब इनके हौसले पहले से ही बुलंद है। पहले इतने कार्य कर दिए किसी ने कुछ नहीं कहा बेचारे इस बारिश में फस गए। जागरूक जनता और पत्रकारों ने पूरा नेताजी का खेल बिगाड़ दिया । क्षेत्र के पार्षद धर्मेंद्र सिंह बेस ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और अब उस जगह फिर से डामरीकरण होगा। परंतु बात यहां आती है कि संबंधित विभाग के इंजीनियर और सुपरवाइजर क्या कर रहे थे। अगर आम जनता वीडियो वायरल नहीं करती तो यह सड़क भी जनता को झेलना ही पड़ती ।अभी केला देवी मार्ग पर यही सब हुआ है कमिश्नर और महापौर को सबसे पहले ठेकेदार के साथ संबंधित इंजीनियर और सुपरवाइजर पर भी कड़ी कार्रवाई करना चाहिए। भगत– पशु हाट में भी नेता जी का हाट हो रहा है। बाबा — देवास में जो हो जाए कम है यहां सब अलग ही चलते हैं जहां हाट लगना चाहिए वहां तो नहीं सड़क पर आ गए सड़क पर शादी ब्याव जन्मदिन नुक्ता घाटा चाहे जहां टेंट लगाया और मार्ग परिवर्तित अब इतना बड़ा पशुहाट लगाएंगे तो जाम होगा ही । इसके लिए जहां जगह निर्धारित है वहीं पर लगना चाहिए पार्षद का विरोध अपनी जगह सही है नेताजी अपने हाट के पीछे आम जनता को परेशान मत करो तुम्हारा तो वहां भी हो ही जाएगा बस जरा जनता का ध्यान रखो। यह हमारा भारत देश ही है जहां सड़क पर ट्रक, जेसीपी, बस ,मैजिक कार मोटरसाइकिल ,साइकिल पैदल यात्री , हाथी ,गधे, घोड़े ,भेड़ ,बकरी ,और शादी ब्याह मैं नाचते बाराती , जमाने भर के जुलूस और अंतिम यात्रा तक निकल जाती है ।सच में हमारा देश महान है ।इसे भगवान ही चला रहा है। वरना विदेश में इतना सब कुछ एक सड़क पर हो तो सारी व्यवस्था चौपट हो जाए। अब बची कसर पशुहाट वाले व्यापारी नेता जी ने कर दी उसे भी बीच हाईवे सड़क पर लगाकर।
भगत– ब्रिज पर अब डिवाइडर बनाए हैं। बाबा— पुलिस के एक अधिकारी का सबसे गलत तुगलकी निर्णय जिसके कारण शहर में बहुत बदनामी हुई और निर्णय बदलना पड़ा। ब्रिज पर पहले से ही लोक निर्माण विभाग डिवाइडर बनवा देता तो शायद यह हालात ना होते उस पर पुलिस ने अचानक टू व्हीलर पर रोक लगाने का निर्णय ले लिया था। जिसे पूरी जनता ने तुगलकी आदेश ठहराया इसमें सत्ता पक्ष के नेता का ज्यादा सोशल मीडिया पर विरोध हुआ । अच्छा हुआ पुलिस ने तत्काल निर्णय वापस ले लिया । लोक निर्माण विभाग ने ब्रिज अच्छा बनाया और लगता कि अच्छा है डिवाइडर नहीं होना और तेज गति से वाहन चलाना दुर्घटना का मुख्य कारण है।
भगत– पुलिस अधीक्षक अब धमाकेदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। बाबा— लगता है पुलिस अधीक्षक को अब समझ में आया होगा कि अपने कुछ सलाहकार गलत है जिनके कारण मुफ्त की बदनामी हाथ लगी। अब पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने कमान पुरी अपने हाथ में ले ली है शहर के सेक्स रैकेट चलने वाले ढाबे पर बड़ी कार्रवाई के बाद बुलडोजर चलवाने और शहर से लेकर जिले के ग्रामीण में चल रहे जुआ घर पर दबिश के बाद कई ऐसे मामले हैं जिसमें लग रहा है कि पुलिस अधीक्षक अब फार्म पर आए हैं देवास जिला सट्टा जुआ और ड्रग्स माफियाओं का अड्डा बनता जा रहा था अगर धीरे-धीरे ऐसी ही कार्रवाई होती रही तो उड़ता देवास की जगह वापस हमारा शांति शकुन वाला देवास बन जाएगा देर आए दुरुस्त आए पुलिस अधीक्षक को चुनाव के पहले ही नई टीम मिल जाएगी और काम भी अब अच्छे ही होंगे थोड़ा ध्यान यातायात विभाग के कुछ कर्मी की वसूली पर भी दे इससे पुलिस विभाग के साथ सरकार की भी बदनामी होती है वर्षों से पदस्थ कुछ पॉइंट पर सभी का अपना राज है कुछ नहीं तो थोड़ा अदला-बदली ही कर दे तो कुछ तो बदलाव होगा । वैसे पुलिस अधीक्षक की शैली से कुछ अच्छे संकेत नजर आ रहे हैं।
भगत — कुछ देर के लिए तो राजानी विरोधी खुश हो गया थे। बाबा— समझ गया बेटा वह फेविकोल का जोड़ है ऐसे ही थोड़ी बिना मर्जी के हटेंगे। उन्होंने ही प्रभारी बनाएं है वह भी अपनी मर्जी के। देवास में मनोज राजानी और प्रदेश में कमलनाथ लिखा गया है मुख्यमंत्री के पहले भी प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री बनने के बाद भी प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से हटने के बाद प्रदेश अध्यक्ष ऐसे ही देवास में। भगत– सुधीर शर्मा जी सबकी खबर मीडिया में लग जाते हैं लेकिन उनके लिए किसी ने ध्यान नहीं दिया। बाबा– बेटा होता ही यही है मीडिया से दिन-रात जुड़े नेता को आज तक तीन दशक हो गया देखा है कभी प्रमुख पद या कुर्सी कुछ लोगों को मिली है । पुराने सभी कांग्रेस् भाजपा में देख लो और वर्तमान में भी यही स्थिति है । बस एक टिकट दिया तो उसमें भी पार्टी के लोगों ने साथ नहीं दिया भाजपा से शंभू अग्रवाल तो कांग्रेसी सुधीर शर्मा दोनों हार गए। संगठन के कुछ लोगों ने ही उनका साथ नहीं दिया। दूसरा इनके साथ यह प्रॉब्लम भी है कि कई बार इनके ही खास नेता इनको गुप्त मीटिंग में या गुप्त बातें नहीं बताते उनको मीडिया में फैलने का डर रहता है। मतलब दिन रात मेहनत करने वाली सबको मीडिया में हाईलाइट करवाने की कोशिश वालों को हमेशा ही ऐसा होता आया है अभी भी मिला तो प्रभारी का पद मतलब होगा वही जो राजानी चाहेंगे।
भगत—राजानी और भाजपा जिलाध्यक्ष का राजनीति घमासान। बाबा– जिलाध्यक्ष राजू खंडेलवाल वर्षों बाद संगठन के जिलाध्यक्ष बने है और फिर जब संगठन की बात आएगी तो भले ही पर्दे के पीछे मनोज राजानी और राजू खंडेलवाल आपस में एक हो लेकिन एक तरफ संगठन है और दूसरी तरफ भैया के प्रति अपार निष्ठा। अब महाकाल का मामला चामुंडा की नगरी में कम से कम समाचार पत्रों में तो विरोध-, प्रतिरोध दिखेगा ही।
भगत —जिले में राजू खंडेलवाल गुट ने अपना वर्चस्व बना लिया है। बाबा— भारतीय जनता पार्टी में पहली बार जिलाध्यक्ष स्वयं और संगठन के लिए फैसले लेने वाला वरना इसके पहले या तो पवार गुट या जोशी गुट के जिलाध्यक्ष रहने के साथ फैसले वहीं से होते थे । खंडेलवाल ने पूरे जिले में अपनी टीम खड़ी करें और निगम ,नगर पंचायत, जनपद में भी अपने लोगों को जीता कर भी लाए हैं। अब राजेश यादव के बाद महामंत्री पद के जिले में कई दावेदार थे लेकिन यहां भी राजू खंडेलवाल के खास पंकज वर्मा को मौका मिला फिर यह एक पद इस खेमे में चले गया। अगर यही हाल रहा तो जिले में इस गुट की विधायक टिकट में भी महत्वपूर्ण भूमिका रह सकती है ।क्योंकि अभी तक सांसद और ग्रामीण विधायक , प्राधिकरण अध्यक्ष ,पार्षद, नगर पंचायत और जिला जनपद में भी इनके समर्थक है। सबसे बड़ी बात देवास में इस गुट के जितने भी पार्षद के टिकट थे सारे जीत कर आए । हाटपिपलिया और सोनकच्छ में एक जगह इसचुक् का खास व्यक्ति टिकट ला रहा है। भगत– मनीष चौधरी खातेगांव में विपक्ष की भूमिका निभा रहे।
बाबा– अंतिम 1 वर्ष में मनीष चौधरी खातेगांव में सक्रिय हुए हैं वहां भी वह कमियां ढूंढ रहे हैं वैसे मनीष चौधरी अच्छे नेता है लेकिन सामने आशीष शर्मा है और इधर अभी मनोज राजानी लाइन भी क्रॉस करना मतलब टिकट लाना सबसे पहली बार मनीष चौधरी को। वह किसानों से अब अस्पताल पर पहुंच गए हैं अंतिम 1 वर्ष पहले में तो इतना तो इतना ही कर पाएंगे । बस आखरी में स्थानीय का मुद्दा नहीं उठे तो ही मनीष नंबर मार सकते हैं । अभी तो राहत यही है कि वहां माहौल बना दिया है।
भगत– देवास में शिवसेना भी अच्छे मुद्दे उठा रही है। बाबा– आपको जो जिम्मेदारी मिली यदि आप उसे ईमानदारी से निभाने लग जाओ तो उसका फल अवश्य मिलता है। वर्तमान में शिवसेना के पदाधिकारी लगातार जनता की समस्या के मुद्दे उठाने के साथ उसे हल कराने का प्रयास भी कर रहे हैं और भी सामाजिक कार्य में शिवसैनिक आगे आ रहे हैं बहुत समय बाद देवास जिले में शिवसेना की गतिविधियां लगातार चलते देखी जा रही है । सबसे पहले नापतोल विभाग से शुरुआत करने वाले शिवसेना के पदाधिकारी ने कई ज्वलंत मुद्दे पर आवाज उठाई है।
भगत –नापतोल विभाग तो वैसा का वैसा ही है। बाबा— देवास में कमतौल का मामला केवल कृषि उपज मंडी किसानों तक नहीं है लोहा मंडी में सरिए, फल मंडी, सब्जी मंडी पेट्रोल पंप और नमकीन से लेकर मिठाई तक में आमजन ठगा जा रहा है यहां तक की कई कंपनियों की पैकेट की भी ईमानदारी से जांच की जाए तो उपभोक्ता अपने आप को ठगा पाएगा जिम्मेदार विभाग शुभ लाभ कर सो रहा है।
भगत — इधर महाराज की जय श्री राम । बाबा– देवास विकास के साथ लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर जमीन से जुड़ने वाली विधायक गायत्री राजे पवार के विरोध में विरोधी कुछ नए मुद्दे खोजते हैं। जिसमें एक मुद्दा अंदर ही अंदर चल रहा था । विरोधी सर्वाधिक जिस बात को लेकर नकारात्मक माहौल बना रहे थे। और उसमें विधायक पुत्र महाराज विक्रम सिंह पवार पर टारगेट अधिक था तो उसका जवाब भी राजनीति में चाणक्य हो चुके महाराज अब टीम के साथ सुंदरकांड में जब श्री गणेश जय श्रीराम से कर रहे हैं। और ऐसे जय श्री राम वाले विक्रम सिंह पवार के वीडियो खूब हो रहे सोशल मीडिया पर वायरल। तो फिर मिलेंगे जय श्री राम।
