———————————————– ———————————————– मंत्री जी को सूट नहीं कर रहा 50 लाख का नीलम मध्यप्रदेश सरकार के एक कद्दावर मंत्री, जो कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सबसे करीबी हैं, को शिवराजजी के साथ रहते-रहते रात में भी मुख्यमंत्री बनने के सपने आने लगे हैं। लेकिन समस्या यह आ रही है कि, जब तक शिवराजजी हटते नहीं, उनका मुख्यमंत्री बनने का रास्ता क्लीयर होता नहीं। मंत्रीजी इसी राजनीतिक तिकड़म में थे कि, आखिर क्या किया जाए? इसी बीच एक ज्योतिषी ने सलाह दे दी कि, यदि मंत्रीजी को मिडिल फिंगर में नीलम (रत्न) धारण करा दिया जाए, तो मुख्यमंत्री की कुर्सी की राह निष्कंटक हो सकती है। बस फिर क्या था, मंत्रीजी को 50 लाख रुपए का नीलम धारण करा दिया गया। लेकिन यह क्या? बताते हैं कि जब से मंत्रीजी ने नीलम धारण किया है, तब से उनके जीवन में सब उल्टा-पुल्टा हो रहा है। नीलम धारण करने के बाद से ही मंत्रीजी की फजीहत होना शुरू हो गई है। विपक्षी और साथी मंत्री उन्हें कुर्सी से उतारने आमदा हो रहे हैं। नारदजी कहते हैं कि नीलम किसी को सूट कर जाए तो उसकी किस्मत में चार चांद लगा देता है और सूट न करे, तो व्यक्ति को राजा से रंक भी बना देता है।
—- भाजपा की दो सुदर्शनाएं मध्यप्रदेश भाजपा में दो सुदर्शनाओं- भक्ति शर्मा और नेहा बग्गा की बुलंदियों ने कई पुराने और जमीनी नेताओं के राजनीतिक सितारे गर्दिश में पहुंचा दिए हैं। इनका कोई राजनीतिक आधार नहीं था, बावजूद इसके भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से अच्छे संबंध और केन्द्रीय नेताओं में गहरी पैठ के चलते भक्ति शर्मा भाजयुमो की राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य और नेहा बग्गा भाजपा संगठन की प्रदेश प्रवक्ता बना दी गईं। अब खबर है कि पार्टी भाजपा के लिए सबसे मुश्किल सीट भोपाल उत्तर पर भक्ति शर्मा और भोपाल मध्य विधानसभा सीट पर नेहा बग्गा पर दांव लगा सकती है। नारदजी कहते हैं कि, दोनों सुदर्शनाओं को राजनीतिक एक्सपोजर क्यों दिया जा रहा है, यह तो भाजपा हाईकमान जाने? लेकिन इन सुदर्शनाओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पंख लगाने से पार्टी के भीतर बहुतेरी कलह की आशंकाएं जरूर बढ़ गई हैं।
—– साहबो की लड़कियों का तलाक दुखद है भगवान ऐसा किसी की भी बेटी के साथ न हो…जिन बेटियों के साथ ऐसा वाक्या हुआ अत्यंत दुखद है। दरअसल, हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के उन तीन पूर्व आईएएस अधिकारियों की, जो कभी मप्र की भाजपा सरकार की नाक का बाल कहे जाते थे। जिनका सरकार में रसूख चलता था। इन तीनों आईएएस के परिवारों में एक जैसा दुखद वाक्या हुआ है। इन तीनों आईएएस की शान-ओ-शौकत में पली बेटियों को तलाक के दौर से गुजरना पड़ा है। इनमें से एक साहब ने तो अपनी बेटी का विवाह करोड़ों रुपए खर्च कर इतने शाही अंदाज में किया था, जिसकी प्रदेशभर में चर्चा हुई थी। तथा ये साहब अपनी बेटी को ससुराल भेजने के बजाय दामाद को घर जमाई बनाकर लाए थे। भगवान बेटी दे, लेकिन ये दिन कभी न दिखाए। नारदजी की सिम्पैथी तीनों साहबों और उनकी बेटियों के साथ है।
—- भाजपा के खजांची का गिव एंड टेक फॉर्मूला मप्र भाजपा मुख्यालय में जब से नए खजांचीजी आए हैं, पार्टी के संस्कार, हिसाब-किताब सब बिगड़ रहे हैं। खजांची ने मुख्यालय में’ गिव एंड टेक’ का फार्मूला चला रखा है। जिससे मुख्यालय के कर्मचारी, कार्यकर्ता-पदाधिकारियों से लेकर पार्टी के लिए काम करने वाली एजेंसियां सब परेशान हैं। इन खजांची के आते ही सबसे पहले पार्टी मुख्यालय में बाहर से आने वाले कार्यकर्ताओं-नेताओं की मेहमाननवाजी में कटौती की गई। पार्टी की ओर से (नि:शुल्क) दिया जाने वाला चाय-नाश्ता यह कहकर बंद कर दिया गया कि, खर्च बहुत हो रहा है। इसके साथ, जो एजेंसियां वर्षों से पार्टी की इमेज बिल्डिंग के लिए काम कर रही हैं। मुख्यालय में दूध-शक्कर, किराना और अन्य सामान की सप्लाई करती हैं, उनके भुगतानों में अड़ंगे लगाने शुरू कर दिए गए। नारदजी कहते हैं कि जब ‘गिव एंड टेक’ का फार्मूला चलेगा, तो पार्टी के संस्कार और हिसाब-किताब बिगड़ना स्वाभाविक है।
— टीआई साहब का जलवा है राजधानी से लगी औद्योगिक नगरी मंडीदीप की सीमा पर स्थित पुलिस थाने के टीआई साहब के रसूख और जलवे की इन दिनों पुलिस मुख्यालय से लेकर राज्य मंत्रालय तक चर्चाएं हैं। बताते हैं कि, टीआई साहब भाजपा संगठन के एक बड़े पदाधिकारी के करीबी रिश्तेदार हैं। सो इसका टीआई साहब को साफ्ट कार्नर मिला हुआ है। इनके खिलाफ तमाम तरह की शिकायतें हैं। बावजूद इसके महकमे का कोई अफसर इनके कान उमठने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। नारदजी को एक मुखबिर ने बताया कि, टीआई साहब का रुतबा ऐसा कि, मंडीदीप-भोपाल सामान लाने-लेजाने वाला कोई भी ट्रक-वाहन थाने को बिना चुंगी भरे गुजर जाए ऐसा हो नहीं सकता। कुल मिलाकर टीआई साहब के हाथ-पैर घी में और सिर कढ़ाई में डूबा हुआ है। फिर सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का…! ————- Email Id-maheshdixit66@gmail.com/(mb)-9893566422
