देवास। कांग्रेस के गढ़ कहे जाने वाले क्षेत्र के तीन पार्षद अचानक एक ही दिन में एक मंच से वह भी कव्वाली का भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए तीनों ही कांग्रेस से जुड़े थे बीच में निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण एक पूर्व पार्षद अकील हुसैन बाहर हो गए थे लेकिन मुकेश थावलिया और अमृत बारोड़ कांग्रेस में ही थे अचानक एक कव्वाली में इनका भाजपा मैं जाना अलग-अलग दृष्टिकोण से देखा जा रहा है कव्वाली के प्रोग्राम के तहत महाराज विक्रम सिंह पवार के मुख्य अतिथि में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की साथ ही पूर्व पार्षद अमृत बारोड,, मुकेश थावलिया ने भी भाजपा की विधिवत सदस्यता ली। इस अवसर पर महापौर प्रतिनिधिदुर्गेश अग्रवाल, भाजपा नेता विजय पंडित, पूर्व सभापतिअंसार अहमद हाथी वाले, विधायक प्रतिनिधिभरत चौधरी, महामंत्री गणेश पटेल, पार्षद,धर्मेंद्र सिंह बेस पार्षद इरफान अली, पार्षदप्यारे पठान मंडल अध्यक्ष विशाल रघुवंशी, अर्जुन यादव इमरान दर्पण, बंटी, पार्षद मुस्तफा अहमद विजयवर्गीय , राजू खान, आदि उपस्थित थे नाहर दरवाजा चौराहे पर देश के प्रख्यात कव्वाल रईस अनीस साबरी की कव्वाली हुई जिसमे देर रात तक हजारों लोगों ने लुत्फ उठाया। भारतीय जनता पार्टी के लिए पठान कुआं और आसपास का क्षेत्र वारसी नगर रेवा बाग चुनाव में मशक्कत वाला रहता था जहां पठान कुआं और आसपास से कांग्रेस को अच्छी लीड मिलती थी ।अब कांग्रेस के ही बैनर के साथ काम करने वाले तीन पूर्व पार्षद का अचानक जाना भारतीय जनता पार्टी देवास विधायक के लिए निश्चित ही लाभदायक है एक गढ़ में सेंध लगाने के साथ एक झटका है राजनीति में साम-दाम-दंड-भेद सभी चलता है और विरोधी भले ही कहेगी आपराधिक प्रवृत्ति से जुड़े पार्षद को ले लिया है लेकिन यह कांग्रेस में भी तो थे और इनको कांग्रेस ने टिकट तो दिया था। हालांकि अकील हुसैन वर्तमान में निर्दलीय चुनाव हार चुके हैं और हारने के बाद वे भाजपा में शामिल हुए हैं । भाजपा में जाने के बाद महाराज की अगली रणनीति यही रहेगी कि पठान कुआं से भारतीय जनता पार्टी का पार्षद का अभी तक खाता नहीं खुला है शायद अगली बार अकील हुसैन पर दाव अजमा आएंगे अभी तो विधानसभा है और माइनस वोट का मामला भी यहां पर राजनीति में कांग्रेस के लिए सोचने वाला विषय है।
