जिले के हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार, मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के लिए कलेक्टर और उद्योगपति की बैठक संपन्न, उद्योगों का पंजीयन 7 जून से और युवाओं का पंजीयन 15 जून से, प्रशिक्षण के साथ 8 से ₹10000 प्रति माह मिलेगा, बेरोजगार युवाओं के लिए एक अवसर

——— ————— देवास बेरोजगार युवाओं के लिए यह अच्छा अवसर है ‘’मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’’ योजना के क्रियान्‍वय के संबंध में कलेक्‍टर श्री ऋषव गुप्‍ता की अध्‍यक्षता में देवास जिले में स्‍थापित उद्योगो के प्रतिनिधियों के साथ कलेक्‍टर कार्यालय सभाकक्ष में बैठक आयोजित हुई। बैठक में संयुक्‍त कलेक्‍टर श्रीमती प्रियंका मिमरोट, उद्योग संगठन देवास के अध्‍यक्ष श्री अशोक खण्‍डेरिया, सचिव श्री अमरजीत सिंह खनूजा, अन्‍य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में उद्योगो के प्रतिनिधि गुगल मीट से भी शामिल हुए। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार के लिए कौशल सिखाने एवं रोजगार उपलब्‍ध कराने के उद्देश्य से ‘’मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’’ योजना लागू की है। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने उद्योगों के प्रतिनिधियों को योजना के संबंध में जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि योजना में युवाओं को प्रशिक्षण देने वाले उद्योगो का पंजीयन 07 जून से शुरू होगा। बैठक में प्रतिनिधियों ने योजना के संबंध में सुझाव भी दिये। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने उद्योगो के प्रतिनिधियों से कहा कि देवास-इंदौर रोड़ पर संविधान पार्क में सीएसआर फण्‍ड से भारतीय संस्‍कृति से संबंधित प्रतिकृति का निर्माण करें। उद्योग प्रतिनिधि संविधान पार्क अपने-अपने स्‍थान का चयन कर लें। उन्‍होंने कहा कि देवास शहर की एंट्री बहुत सुंदर है, इसे और भी खूबसूरत बनाना है। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि जिले में विश्‍व पर्यावरण दिवस 05 जून से 20 जून तक मनाया जा रहा है। माता जी टेकरी पर तीन हजार पौधे एवं शंकरगढ पहाडी पर 27 पौधो का रोपण किया जायेगा। विश्‍व पर्यावरण पखवाडा में शंकरगढ पहाडी पर वन विभाग द्वारा पौधो का विक्रय करने के लिए एक नर्सरी स्‍थापित की जायेगी। जिसमें 15 तरह के पौधे उपलब्‍ध रहेंगे। नर्सरी से अपनी पंसद के पौधे क्रय कर, शंकरगढ पहाडी पर लगा सकते है। बैठक में बताया गया कि ‘’मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’’ योजना काम सीखने के इच्छुक युवाओं का पंजीयन 15 जून से शुरू होगा और प्लेसमेंट 15 जुलाई से आरंभ होगा। कार्य सीखाने वाले प्रतिष्ठान और राज्य शासन के बीच 31 जुलाई से अनुबंध की कार्यवाही होगी। एक अगस्त से युवा, कार्य आरंभ कर देंगे। कार्य से सीखने की अवधि में युवाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 18 से 29 वर्ष के युवा होंगे पात्र योजना में प्रदेश के कम से कम एक लाख युवाओं को प्रतिष्ठानों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी, 18 से 29 वर्ष के युवा, जिनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं अथवा आईटीआई या उच्च है, वे योजना में पात्र होंगे। प्रशिक्षण के बाद मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा स्टेट कॉउसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (SCVT) का प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। योजना से युवाओं को प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड मिलेगा, कौशल उन्नयन से उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कमाई का बेहतर मार्ग प्रशस्त होगा। 8 से 10 हजार रूपए तक होगा स्टाइपेंड योजना से देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित औद्योगिक तथा निजी संस्थानों को जोड़ा जाएगा। प्रतिष्ठान के पास पैन नंबर और जीएसटी पंजीयन होना आवश्यक होगा। प्रतिष्ठान अपने कुल कार्यबल के 15 प्रतिशत की संख्या तक छात्र प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दे सकेंगे। योजना में 12वीं उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को 8 हजार रूपए, आईटीआई उत्तीर्ण को 8 हजार 500 रूपए, डिप्लोमा उत्तीर्ण को 9 हजार रूपए और स्नातक उत्तीर्ण या उच्च शैक्षणिक योग्यता वालों को 10 हजार रूपए प्रतिमाह स्टाइपेंट दिया जाएगा। स्टाइपेंड की 75 प्रतिशत राशि राज्य शासन की ओर से प्रशिक्षणार्थी को डीबीटी से भुगतान की जायेगी। संबंधी प्रतिष्ठान को निर्धारित न्यूनतम स्टाइपेंड की 25 प्रतिशत राशि प्रशिक्षणार्थी के बैंक खाते में जमा करानी होगी। योजना में प्रशिक्षण के लिए 700 से अधिक कार्य क्षेत्र चिन्हित योजना में प्रशिक्षण के लिए 700 से अधिक कार्य-क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इसमें विनिर्माण क्षेत्र, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, प्रबंधन, मार्केटिंग, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, ट्रेवल, अस्पताल, रेलवे, आई.टी. सेक्टर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, बैंकिंग, बीमा, लेखा, चार्टर्ड एकाउंटेंट और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को जोड़ा जाएगा। मीडिया, कला, कानूनी और विधि सेवाएँ, शिक्षा-प्रशिक्षण तथा सेवा क्षेत्र में कार्यरत प्रतिष्ठान भी योजना में सम्मिलित होंगे। योजना से प्रशिक्षणार्थियों को उद्योग उन्मुख प्रशिक्षण, नवीनतम तकनीक और प्रक्रियाओं में दक्षता प्राप्त होगी, जिससे उनके नियमित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। योजना से प्रमुख प्रतिष्ठानों को जोड़ने के‍ लिए पुणे, बैंगलुरू और नोएडा में कार्यशालाएँ की जाएंगी। साथ ही प्रदेश में युवाओं को योजना की जानकारी देने के उद्देश्य से संभाग और जिला‍ स्तर पर गतिविधियाँ संचालित होंगी।

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