देवास = देवास शहर इन दिनों मां चामुंडा की नगरी के बजाय फ्लेक्स नगरी में तब्दील हो चुका है पूरा एबी रोड सहित शहर के अनेक हिस्सों में आए दिन आयोजनों एवं जन्मदिन को लेकर इतने अधिक फ्लेक्स लगाए जाते हैं कि पूरा शहर अजीबोगरीब दिखने लगता है इतने अधिक फ्लेक्स तो इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में भी नहीं लगते हैं। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी व प्रवक्ता सुधीर शर्मा ने कहा कि शहर की खूबसूरती को बिगाड़ रहे इस फ्लेक्स संस्कृति को रोकना होगा चाहे फिर बात भारतीय जनता पार्टी की हो या कांग्रेस की या अन्य किसी स्वस्था की सभी ने मिलकर इस पर विचार करना चाहिए। वही यह फ्लेक्स संस्कृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के निर्देशों की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। इस तरह से अगर हम गंदगी फैलाते रहे तो स्वच्छता अभियान का क्या मतलब। फ्लेक्स संस्कृति से नाराज होकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ जी ने अपने मुख्यमंत्री काल में फ्लेक्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं कुछ माह पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी पार्टी के कार्यक्रम में नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा था कि फ्लेक्स संस्कृति पर रोक लगना चाहिए यह संस्कृति दूरियां बढ़ाने का काम कर रही है । जरूरी नहीं है कि जन्मदिन की बधाई या उपलब्धियों का बखान फ्लेक्स लगा के किया जाए । लोग पूरी तरह से जागरूक है और हर तरह से समझते हैं किस-किस ने शहर के हित में काम किया है जो काम करते हैं उन्हें काम गिनाने की आवश्यकता नहीं है सभी दल ने एवं बुद्धिजीवियों ने मिलकर फ्लेक्स संस्कृति को रोके जाने पर विचार करना चाहिए। अति आवश्यक की स्थिति में ही व्यक्तिगत फ्लेक्स लगना चाहिए जहां तक कंपनियों के प्रोडक्ट और उनके विज्ञापन का सवाल है उस तरह के होर्डिग अगर लगते हैं तो वह जनहित के होने के साथ आवश्यक भी है। —
देवास शहर नहीं, अब तो देवास हुआ- फ्लेक्स सिटी, राजनीति दल नहीं मान रहे अपने नेताओं का निर्देश। स्वच्छ मिशन के निर्देशों की उड़ा रहे धज्जियां
