—————————————————- असंतुष्ट पर नहीं चला तोमर दाव मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में अबकी बार 200 पार का नारा देने वाले भाजपा के रणनीतिकारों की यह सोच-सोचकर धड़कनें बढ़ रही हैं कि, यदि असंतुष्ट और नाराज़ नेता नहीं माने, तो क्या होगा? भाजपा संगठन ने भोपाल में असंतुष्ट एवं नाराज नेताओं के संतुष्टीकरण का जिम्मा केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को सौंपा। तोमर ने इसके लिए ‘संतुष्टीकरण’ बैठक बुलाई। उन्होंने असंतुष्ट एवं नाराज नेताओं से सामूहिक और वन-टू-वन चर्चा की। बताते हैं बैठक में पूरे भोपाल जिले से सिर्फ 30 नेता ही आए। हरेक नेता की यही शिकायत रही कि, पार्टी में 40 से 60 साल की उम्र वाले निष्ठावान नेताओं की उपेक्षा हो रही है। संघ और कांग्रेस से आयातित नेताओं को मलाई परोसी जा रही है। खैर, तोमर की असंतुष्टों के संतुष्टीकरण की कवायद कितनी सार्थक रही, यह तो चुनाव में ही पता चलेगा। लेकिन नारदजी कहते हैं कि, तोमर के समक्ष जिस तरह से असंतुष्ट नेताओं ने तेवर दिखाए, वे आने वाले दिनों भाजपा के लिए शुभ संकेत तो कतई नहीं हैं।
— कांग्रेस की चिंता 12 संदिग्ध विधायक मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में सात महीने बचे हैं, पर कांग्रेस को इस बात की चिंता सता रही है कि, 2019 में श्रीमंत के साथ 22 विधायक कांग्रेस से धोखाबाजी कर भाजपा में चले गए थे और कमलनाथ की अच्छी-भली चलती सरकार को गिरा दिया था। इस बार चुनाव से पहले वो 12 विधायक धोखा न दे जाएं, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान पार्टी गाइड लाइन से अलग जाकर भाजपा प्रत्याशी द्रोपदी मुर्मू (वर्तमान राष्ट्रपति) के पक्ष में वोटिंग की थी। बताते हैं कि कांग्रेस ये 12 विधायक राष्ट्रपति चुनाव के समय से भाजपा के बड़े नेताओं से लगातार गलबहियां कर रहे हैं। अब देखना है कि संदिग्ध हो चुके 12 विधायकों की कांग्रेस किस तरह से बाड़ा बंदी करती है। हालांकि, नारदजी से कांग्रेस के एक पदाधिकारी कहते हैं कि, इस बार विधानसभा चुनाव में पार्टी उन्हीं पर दांव लगाएगी, जो इस कसम के साथ शपथ पत्र लिखकर देगा कि धोखा नहीं दूंगा। —-
इस मैसेज का भावार्थ बताइए यह मैसेज सोशल मीडिया मप्र भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी दीपक विजयवर्गीय का है…कि ऐसे झोलाछाप डाक्टरों से गंभीर बीमारी के इलाज की उम्मीद, असल में उनके साथ नाइंसाफी है, जिन्हें नाड़ी ज्ञान भी नहीं है…दीपक ने इस मैसेज के जरिए पार्टी की अंदरूनी कलह और जमीनी स्थिति बयां की है…लेकिन सवाल यह है कि, पार्टी में झोलाछाप डाक्टर कौन-कौन हैं…खैर नेता-कार्यकर्ता सब जानते हैं… नारदजी बता दें कि, दीपक विजयवर्गीय मप्र भाजपा के उन नेताओं में शुमार हैं, जिनकी छबि पार्टी में बेहद संजीदा और ईमानदार नेता की रही है। तथा दीपक और उन सरीखे सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं को पार्टी संगठन ने पिछले तीन साल से साइड लाइन कर रखा है। पार्टी के जिम्मेदारों के लिए इशारा ही काफी है।
— राजनीति में फंसे सत्कार अधिकारी भाजपा संगठन ने जब से भाजपा नेता कुलदीप खरे और राजेश हिंगोरानी को पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं के स्वागत-सत्कार के लिए सत्कार अधिकारी बनाया है, तब से मुख्यालय में दोनों ‘सत्कारियों’ को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। फैलान यह हो रही है कि वरिष्ठ नेताओं का स्वागत-सत्कार तो सिर्फ एक बहाना है। दरअसल, संगठन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी द्वारा अपनी भावी राजनीति चमकाने और पड़ोसी चेंबर वाले पदाधिकारी भाईसाब की राजनीति खराब करने के लिए मुख्यालय में दोनों ‘सत्कारियों’ की नियुक्तियां करवाई गई हैं। मजेदार बात यह भी कि, संगठन ने ‘सत्कार अधिकारी’ तो बना दिया, लेकिन दोनों को मुख्यालय में बैठने के लिए कमरा नहीं मिल पा रहा है। वो इसलिए कि, जिन पदाधिकारी भाईसाब को कमरा अलाट करना है, ‘सत्कारियों’ के सरपरस्त , पदाधिकारी साहब उन्हें फूटी आंख नहीं सुहा ते हैं।
— आबकारी महकमा और मैडम बवीता राजधानी का शाहपुरा और बावड़ियां कलां इलाका इन दिनों सुरा प्रेमियों के लिए स्वर्ग हो रहा है। इलाके में कोई दर्जनभर बड़े-बड़े बार-रेस्टोरेंट चल रहे हैं, जहां सरकार और आबकारी महकमे की तमाम पाबंदियों के बावजूद बिना लाइसेंस शराब बेची और पिलाई जा रही है। बताते हैं कि, इस क्षेत्र में शराब बेचने और पिलाने वालों पर शिकंजा कसने का जिम्मा आबकारी महकमे की एक मैडम बवीता पर है। लेकिन मैडम ने रेस्टोरेंट-बार वालों को कह रखा है कि, खूब शराब बेचो और पिलाओ, पर हर महीने हमारा ख्याल रखते रहो। जब तक हमारा ख्याल रखोगे, हम आंखें बंद रखेंगे। वर्ना दुकान बंद करा देंगे। ——————————— Email id-maheshdixit66@gmail.com/ (mb)-9893566422
