पूर्व मंत्री जोशी की उपेक्षा, प्रदेश अध्यक्ष का आना अचानक निरस्त ,नगर निगम सम्मेलन, महापौर जनसुनवाई ,उद्योगों की सीएसआर ,मच्छरों का साम्राज्य, आईपीएल में देवास के युवाओं का योगदान

भगत —बाबा प्रणाम । बाबा——-बेटा प्रणाम । भगत———बाबा बड़े आयोजन में बड़े वाले पूर्व मंत्री की बड़ी उपेक्षा हुई। बाबा——-बेटा पूर्व मंत्री दीपक जोशी का प्राधिकरण पदभार में शहर में कहीं से कहीं तक फ्लेक्स से लेकर पूरे आयोजन में नाम तक नहीं है फोटो की बात तो दूर है।

भगत —-बहुत करीब से फिर दूर कैसे हो गए बाबा। बाबा —सही बात कही बेटा इस गुट से दीपक जोशी बहुत करीब से थे ।क्योंकि राजू खंडेलवाल ,राजू यादव और ऐसे कई महाराज विरोधी नेता उनके कट्टर विरोधी जोशी के होने के कारण आपस में एक थे। और अभी तक तो देवास में तीन दशक से भारतीय जनता पार्टी में स्वर्गीय तुकोजीराव पवार गुट और सामने दीपक जोशी गुट का ही बोलबाला था । भारतीय जनता पार्टी में बड़े से बड़ा विधायक या अन्य नेताओं या तो वह पवार गुट मैं रहा या जोशी गुट मे। अब लगता है देवास में जोशी गुट की जगह राजू खंडेलवाल राजेश यादव गुट ने ले ली है। यानी सीधा सामने पवारगुट जिसका नेतृत्व विधायक राजे और महाराज कर रहे हैं तो सामने उतनी ही ताकत से खंडेलवाल और यादव खड़े हैं ।जिसमें सांसद से लेकर विधायक और पार्षद इनके साथ है और लगता है सीधे अपने ग्रुप का नाम चलाने के लिए पूर्व मंत्री जोशी की उपेक्षा की , तो दूसरा कारण समझौते का भी हो सकता है ।जिसमें महाराज और जिलाध्यक्ष के बीच समझौते के बाद पूर्व मंत्री के तीन विधायक और विरोधी है । हाटपिपलिया विधायक मनोज चौधरी के बाद आशीष शर्मा और पहाड़ सिंह क्न्नोजे क्योंकि दीपक जोशी हाटपिपलिया के साथ कन्नौद खातेगांव विधानसभा पर की लगातार नजर रखे हुए हैं और पिछले 2 वर्ष से उनकी सक्रियता बढ़ी है । तीसरा पहाड़ सिंह के खिलाफ तो पुतला दहन से लेकर कई मामले सामने आ चुके हैं । पूर्व मंत्री को नहीं शामिल करने के पीछे यह कारण भी महत्वपूर्ण है। मामला जो भी हो अभी तो चर्चा में पूर्व मंत्री की उपेक्षा सीधे सीधे नजर आ रही है । प्राधिकरण अध्यक्ष के कार्यभार में सीधा शक्ति प्रदर्शन कुछ हद तक सफल भी रहा तो उसमें पूर्व मंत्री पूर्व विधायक की उपेक्षा के साथ भारी धनराशि खर्च करना और उनके आका प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा का कार्यक्रम में नहीं आना भी चर्चा का विषय रहा।

भगत—राजू यादव के पास समय कम है यह भी एक बड़ी चुनौती है। बाबा—- 9 साल तक नौकरशाही ने राज किया यह सरकार की और संगठन की लापरवाही ही कहेंगे अब जब कुछ समय ही इस सरकार को बचा है तब प्राधिकरण यादव को मिला है करने को अभी बहुत कुछ है ,वैसे शुरुआत उन्होंने कर दी है लेकिन अधिकारी और भोपाल तक योजना जाना आना और उसका क्रियान्वयन होना बड़ा कठिन कार्य है। अब जब सरकार ने जनता का आदमी प्राधिकरण में बिठा दिया है तो उनको दिन रात एक कर यहां पर कुछ ऐसा कर जाना चाहिए जो यादगार हो और सीधा जनता दरबार तो लगाना ही चाहिए पूर्व में जय सिंह ठाकुर ने प्राधिकरण में जनता दरबार लगाकर अच्छी लोकप्रियता हासिल की थी उसका परिणाम उनको महापौर के चुनाव में मिला लेकिन महापौर में अकड़ के भुट्टा होने के कारण या ज्यादा काम होने से अगली विधानसभा हार गए।

भगत— नगर निगम में भी लगने लगा है। बाबा—सही बात है देवास नगर निगम में भी महापौर ने जनसुनवाई शुरू कर जनता दरबार लगना शुरू कर दिया है देवास में विधायक राजे और सिविल लाइन में सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के बाद महापौर गीता अग्रवाल ने एक अच्छी शुरुआत की प्रारंभ में कुछ परेशानी आती है लेकिन धीरे-धीरे सब रूटिंग में आ जाता है अब यादव द्वारा प्राधिकरण में जनता दरबार लगाना चाहिए। भगत —-विपक्ष में भी लगता है। बाबा—- हां शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी की बात कर रहा है ना वह कभी-कभी शहर कांग्रेस कार्यालय पर सीधा जनता दरबार लगाते हैं लेकिन कुछ समय बाद फिर अपने काम में व्यस्त। भगत— प्रशासन भी लगाता है। बाबा— हां जिला कलेक्टर कार्यालय पर जनसुनवाई मैं हर मंगलवार को सीधे जनता से कलेक्टर और अन्य अधिकारी रूबरू होते हैं । वैसे तो रोज ही आम जनता एक निश्चित समय पर अपनी समस्या के लिए मिल सकती है। लेकिन एक दिन तो केवल यह जनता के लिए होता है और कई मुद्दे ऐसे जनता दरबार में हल हो जाते हैं। कई लोग तो अभी भी ऑफिस ऑफिस के चक्कर और जनसुनवाई में भी केवल चक्कर पर चक्कर लगा रहे हैं।

भगत —–अब उद्योगपति सीएस आर का उपयोग सही जगह करवा रहे हे। बाबा—- भय बिना प्रीत नहीं, अब कलेक्टर ने उद्योगपति की सीएसआर का अपने देवास शहर में ही पूरा मैदान में उपयोग कराना शुरू करवा दिया है इसके पहले कागज पर या साहब की मनपसंद जगह उद्योगपति की सीएसआर का पैसा लग जाता था पूर्व कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला कमिश्नर विशाल सिंह ने जिला चिकित्सालय में आपातकाल कोरोना मैं और स्पोर्ट्स पार्क में उपयोग में लिया तो अब कलेक्टर ऋषव गुप्ता शिक्षा के साथ चिकित्सा क्षेत्र में सीधे संबंधित को दिला रहे हैं । देवास में सैकड़ों उद्योग वर्षों से यहां सस्ते दर पर जमीन लेने के साथ सरकार से सब्सिडी और तमाम सुविधा लेने के बाद अपनी सीएसआर दूसरे शहर में खर्च करते थे ।या कागज पर अगर यह सब पहले ही देवास में खर्च करते तो देवास में बहुत कुछ बदला नजर आता खेर देर से सही उद्योगपति लाइन पर तो आए विधानसभा लोकसभा और कुछ चुनाव में चंदा देकर कर्तव्य से इतिश्री करने वाले उद्योगपतियों को अब देवास में सेवा क्षेत्र में भी कार्य करते देखा जा रहा है ।तो छोटी सी बात उद्योगपतियों ने भी समझ लेना चाहिए कि हमें सीएसआर और जिला प्रशासन की समझाइश के बाद ही तो समझ में आता है अगर पहले स्वयं ही सेवा क्षेत्र में कार्य करने लग जाए तो उसकी बात कुछ और होगी अब मजबूरी में करना तो वही सब पड़ रहा है खैर उद्योगपति सेवा क्षेत्र में खर्च कर रहे हैं बड़ी बात यह है कि हमारे देवास जिला प्रशासन इमानदारी से यह पैसा सीधा जनता और जरूरतमंद तक पहुंचा रहा है बहुत अंदर की बात यह है कि प्रशासन के अधिकारी की जेब की जगह सीधा आम जनता को लाभ मिल रहा है साहब को आर्थिक लाभ भले ही ना मिले लाखों लोगों की दुआ जरूर मिलेगी। अब तो दुआ पुण्य कार्य सीधे वाईफाई से कनेक्ट है बहुत जल्द लाभ होता है।

भगत— परिषद की बैठक भी निपट गई। बाबा —–बेटा वह बात नहीं के भारी विरोध हो और हंगामा हो विपक्ष में कुछ थोड़ा बहुत विरोध करने वाले पार्षद है ।तो सत्ता पक्ष में भी उतने ही ज्यादा कुछ होना नहीं है। बैठक से उठकर चल दो तो भी चर्चा में रहोगे उनका कार्य तो चलता रहेगा ।जो प्रस्ताव है वह तो पास हो ही जाएंगे। नगर निगम मैं अब परिषद की हर बैठक के पहले बहुत चर्चा होगी लेकिन बाद में यही सब होगा। सभी नामी पार्षद को और विपक्ष के नेता को भी शानदार बैठक रूम से लेकर कर्मचारी तक सेवा में मौजूद रहते हैं। और भी सुविधा फिर विरोध किस तरह कर पाएंगे इसके पूर्व परिषद ने ज्यादा विरोध सत्ता पक्ष पार्षद ने ही किया था इस बार उनमें से ज्यादा की पत्नियां पार्षद है। नगर निगम मैं धीरे-धीरे जनप्रतिनिधि बदलाव ला रहे हैं अधिकारी राज में बाहरी ठेकेदारों के मजे रहे और बहुत कुछ वह कर दिया जो आने वाले समय में कुछ अंदर के ही बाहर लाएंगे ही परिषद में नहीं उठे लेकिन जनता और मीडिया में जरूर मामले उठेंगे।

भगत —- शहर में मच्छरों का राज भी है। बाबा ——बेटा लगता है अब देवास कमिश्नर विशाल सिंह की रुचि देवास में नहीं रही देवास में कई समस्या पनप रही है ।आम जनता सोशल मीडिया पर आए दिन वायरल करती है परंतु इस समय सबसे बड़ी समस्या मच्छरों की है ।शहर में अचानक इतने मच्छर कहां से आ गए चारों ओर इनका साम्राज्य है घर से लेकर ऑफिस फैक्ट्री और सभी प्रतिष्ठानों पर यह आपके सामने अपनी उपस्थिति अवश्य दर्ज कराएंगे की करोड़ों रुपए स्वच्छता मिशन पर लगाने के बाद हम मच्छर सबसे ज्यादा स्वस्थ और मस्त हे। स्वच्छ शहर स्वस्थ शहर की जगह मच्छरों का शहर मच्छरों से भरपूर शहर मैं आपका स्वागत है यह है हमारी देवास।

भगत —–धुआ उड़ाने वाली मशीन भी अब नजर नहीं आती। बाबा—–बेटा उसके लिए तुझे सिविल लाइन और अधिकारियों के बंगलो के आसपास जाना होगा ।वहां कभी सभी यह धुआ फेंकने वाली मशीन कुछ देर के लिए राह देखी नजर आती है कि हमारे शहर में नगर निगम भी है वैसे अब उसका असर भी इन मच्छरों पर नहीं पड़ता यह इतने दमदार हो गए हैं और अब इन्होंने अपने संगीतकार मच्छर साथियों को भी बुला लिया है काटने वाले मच्छर के साथ कान के आसपास मुफ्त में संगीत सुनाने वाले यह मच्छर अलग है तो आंखों के सामने घूमने वाले छोटे बारीक मच्छर अलग आ गए हैं बस डेंगू नहीं आए यही ईश्वर से प्रार्थना है। बाकी मच्छरों हमें भी आदत हो गई है आपके साथ रहने की।

भगत— बाबा हमारे देवास आईपीएल खेलने कोई नहीं जाता खिलाड़ी। बाबा— कौन कहता है कि हमारे देवास से आईपीएल खेलने कोई नहीं जाता हमारे का युवा सबसे ज्यादा आईपीएल में ही पैसा लगा रहा है खेल रहा है युवाओं का बहुत योगदान है अब कहीं से तो समर्थन कर रहा है। भगत—बाबा सटोरियों की अलग दुनिया है और देवास का नाम तो प्रदेश में चल रहा है। बाबा— देवास में क्रिकेट का सट्टा ही नहीं रतन खत्री से लेकर क्लब तक चल जाते हैं यहां पर दूर-दूर से केवल सट्टा लगाने ही लोग आते हैं साथ में ड्रग्स का व्यापार भी धड़ल्ले से चल रहा है यह भी हमारी युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा आज भले ही इनको चलाने वाले कुछ आर्थिक लाभ लेकर झूठी शान का दिखावा करेंगे लेकिन इसका असर निश्चित उनके परिवार पर और उनके स्वास्थ्य पर पड़ेगा फिर नाम तो बदनाम है ही क्यों चंद लालच में युवा पीढ़ी को और अपने नेता से लेकर संगठन को बदनाम कर रहे हो।

भगत—पुलिस अधीक्षक के बाद भी। बाबा—– हां बेटा क्या करें अब पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय का नाम दूसरे शहर में उनके कार्य को लेकर चर्चा में था कि कुछ अच्छा वैसा देवास में करेंगे ।लेकिन उनके आने के बाद सब वही का वही चल रहा है एक उम्मीद थी वह भी निराशा में बदल गई ।उपाध्याय का अभी तक का कार्यकाल अच्छा कार्य करने का रहा इसलिए देवास की जनता को भी उम्मीद थी। परंतु उनके आने के बाद कुछ समय के लिए भी सट्टा बाजार और अवैध गतिविधियां बंद नहीं हुई ना पुलिस विभाग में कोई बदलाव। हम तो इतना ही कहेंगे कुछ तो मजबूरियां रही होगी …….. ।

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