(लोकप्रिय साप्ताहिक स्तम्भ ‘नारद संहिता’ वरिष्ठ पत्रकार , महेश दीक्षित की कलम से )कमलनाथ नहीं लड़ेंगे चुनाव, सबकी नानीयो की धना धन, मालवा के सांसद जी की परेशानी, भोपाल दक्षिण-पश्चिम से चुनाव लड़ेंगे राहुल, बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना

————————————————– —————————————————- कमलनाथ चुनाव नहीं लड़ेंगे! मध्यप्रदेश में अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस ने तमाम दिग्गज नेताओं की असहमति के बावजूद ऐलान कर दिया है कि, पार्टी विधानसभा चुनाव कमलनाथ के नेतृत्व में ही लड़ेगी। पर, कमलनाथ के करीबी सूत्रों का कहना है कि, कमलनाथ पार्टी को तो चुनाव लड़वाएंगे, पर खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे। कमलनाथ चुनाव न लड़कर दूर की कोड़ी खेल रहे हैं। वो यह कि, कांग्रेस यदि चुनाव में बहुमत हासिल करती है, तो उनका सीएम बनना तय है। इसके लिए कोई भी सीट खाली कराकर विधानसभा में पहुंच जाएंगे। यदि कांग्रेस चुनाव हार जाती है, तो कमलनाथ पीसीसी चीफ तो बने ही रहेंगे। इसके साथ हार से होने वाली बेइज्जती से भी बच जाएंगे। इसे कहते हैं कमलनाथ कूटनीति। — सबकी नानियों की धना-धन! राजधानी में हाल ही में शहीद हेमू कालानी की याद में देश-दुनिया के सिंधियों का मजमा लगा। इस मजमे में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सीएम शिवराज और सिंधियों के बड़े संतों के पहुंचने से भाजपा की दो ‘नानियों’ की बल्ले-बल्ले हो गई । इनमें एक ‘नानी’ भाजपा संगठन की महामंत्री हैं, तो दूसरी ‘नानी’ सांसद हैं। भाजपा की इन दोनों ‘नानियों’ के संयोजकत्व में आयोजित इस सिंधी मजमे से सिंधियों का क्या राजनीतिक फायदा हुआ? यह विश्लेषण का विषय है। लेकिन दोनों ‘नानियों’ ने इस सिंधी मजमे के जरिए जमकर धना-धन (चंदा उगाही) की… इसके साथ दोनों ‘नानियों’ ने शक्ति प्रदर्शन कर यह भी संदेश दे दिया कि, हम किसी कम नहीं। हमें पार्टी में इग्नोर करने की कोशिश नहीं करना। संघ का वरदहस्त हमारे सिर पर है। जय हो भाजपा की दोनों ‘नानियों’ की…! — मालवा के सांसदजी की परेशानी! मालवा क्षेत्र के एक सांसदजी जो विवादास्पद बयानों को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहते हैं। अभी चर्चाओं में हैं। सांसदजी जहां भी जाते हैं समाज सुधार और संस्कारों की बड़ी-बड़ी बातें हांकते हैं। लेकिन इन दिनों सांसदजी खुद अपने घर में ही परेशान हैं। सांसदजी की परेशानी की वजह ड्रग एडिक्ट ‘मीत’ बताया जाता है। कहते हैं नाइट कल्चर के शौकीन मीत ने सांसदजी की नाक में दम कर रखी है। मालवा के एक नेताजी नारदजी को बताते हैं ‘मीत’ की वजह से सांसदजी की पार्टी में तो छिछालेदार हो ही रही है, पार्टी हाईकमान की निगाहों में भी नंबर कम’ हो रहे हैं। कुल मिलाकर मीत की प्रीत सांसदजी के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। यही नहीं 2024- लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सांसदजी के राजनीतिक भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। —- भोपाल दक्षिण-पश्चिम सीट से चुनाव लड़ेंगे राहुल! प्रख्यात कथा वाचक पं. देवकीनंदन ठाकुर की सात दिवसीय भागवत कथा के जरिए प्रदेश भाजपा के मंत्री राहुल कोठारी ने एक तरह से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी लांचिंग कर दी है। कहा जा रहा है कि, राहुल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। राहुल की दावेदारी इसलिए भी सबसे मजबूत है, क्योंकि वे जितने मप्र में सीएम शिवराज, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के करीबी माने जाते हैं, उतने ही दिल्ली में वे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और अनुराग ठाकुर की गुड लिस्ट में माने जाते हैं। नारदजी कहते हैं कि, राहुल ने एक चमकदार युवा नेता के रूप में प्रदेश की भाजपाई राजनीति में सबसे अलग लाइन खींची है। जिसके पुरस्कार के रूप में उन्हें माननीय बनने का मौका तो मिलना ही चाहिए। यह अलग बात है, उनकी दावेदारी स्थानीय नेताओं की आंखों में बुरी तरह से खटक रही है। — बेगानी शादी में अब्दुला दीवाना मप्र भाजपा के एक उम्रदराज एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष इन दिनों राजनीतिक वनवास भोग रहे हैं और दिल्ली हाईकमान की रीति-नीति एवं इशारों से नहीं लगता कि, उनका राजनीतिक वनवास कभी खत्म होने वाला है। बावजूद इसके ये नेताजी बिन बुलाए मेहमान की तरह भाजपा की हरेक बैठक, कार्यक्रम और आयोजनों में पहुंच जाते हैं। फिर खुद ही उन कार्यक्रमों और आयोजनों के फोटो सोशल मीडिया पोस्ट करते हैं। संभवत: यह बताने के लिए कि, बूढ़ा हो गया हूं, पर मेरी इच्छा शक्ति अभी मरी नहीं है। नारदजी कहते हैं कि, सत्ता का सुख वो अफीम है, जिसको उसकी लत लग जाए, उसका नशा फिर कैसे भी सिर से उतरता नहीं है। ऐसे किरदारों के लिए ही यह जुमला बना है- बेगानी शादी में अब्दुला दीवाना..! ———– Email id-maheshdixit66@gmail.com/(mb)-9893566422

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