————– देवास प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र में ‘’आबादी क्षेत्र’’ की भूमि पर पात्र परिवारों को आवासीय भू-खण्ड उपलब्ध कराने के लिये “मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार’’ योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना के लाभ लेने के लिए 10 मार्च 2023 तक आवेदन कर सकते है। आवेदक को ऑनलाइन आवेदन SAARA पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा। भू-खण्डों का केवल निवास गृह के निर्माण के लिए उपयोग किया जायेगा। भू-खण्ड धारक द्वारा किसी भी शर्त का पालन नहीं करने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा। भू-अधिकार योजना में हितग्राहियों को आवास भू-खण्ड प्राप्त होने से शासकीय योजनाओं एवं बैंक से आवास ऋण प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। भू-अधिकार योजना के लिए पात्रता आवेदक परिवार के पास स्वतंत्र रूप से रहने के लिये आवास नहीं हो। आवेदक परिवार के पास 5 एकड़ से कम भूमि हो। आवेदक परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी.डी.एस.) दुकान से राशन प्राप्त करने के लिये पात्रता पर्ची धारित करता हो। आवेदक परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता नही हो। आवेदक परिवार को कोई भी सदस्य शासकीय सेवा में नहीं हो। आवेदक का नाम उस ग्राम में जहां वह आवासीय भू-खण्ड चाहता है दिनांक 01 जनवरी, 2021 तक की मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है। योजना अंतर्गत परिवार में पति-पत्नी तथा उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री शामिल है। आवेदन प्रक्रिया योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को ऑनलाइन आवेदन SAARA पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा। आवेदन संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव एवं पटवारी को परीक्षण प्रतिवेदन के लिए भेजा जायेगा। ग्राम पंचायत के सचिव एवं पटवारी द्वारा आवेदन की जांच कर प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार प्रारंभिक परीक्षण कर पात्र/ अपात्र आवेदकों की सूची तैयार की जाएगी। तहसीलदार द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों की ग्रामवार सूचि तैयार करने के बाद प्रकरण ग्रामवार दर्ज किया जायेगा। पात्र, अपात्र परिवारों की ग्राम पंचायतवार सूची संबंधित ग्राम के निवासियों से आपत्तीयां या सुझाव आमंत्रित किये जाने के लिए प्रकाशित की जायेगी। सूचना चौपाल, गुडी, चावडी आदि सार्वजनिक स्थलों तथा ग्राम पंचायत कार्यालयों में चस्पा की जायेगी। तहसीलदार सूचना में दी हुई तारीख और स्थान पर आपत्तियों और सुझाव का परीक्षण करेगा और पात्र, अपात्र आवेदकों की सूची तैयार करेगा। तहसीलदार द्वारा पात्र, अपात्र आवेदकों की सूची ग्राम सभा के अनुमोदन के लिए भेजी जायेगी, जो ग्राम सभा द्वारा अनुमोदन कर तहसीलदार को प्रेषित की जाएगी। जिस पर तहसीलदार आवंटन के लिए आदेश पारित करेगा। आवेदकों से आवेदन प्राप्त होने के उपरात सम्बन्धित ग्राम में रिक्त आबादी/अन्य भूमि चिन्हित कर आबादी घोषित कर उसका लेआउट तैयार किया जायेगा। आवंटन के लिए भू-खण्ड का अधिकतम क्षेत्रफल 60 वर्ग मीटर होगा। वर्तमान में तृतीय चरण का कार्य प्रारंभ है। भू-खण्ड आवंटन के लिए कोई प्रीमियम देय नहीं होगा। प्रत्येक आवंटित भू- खण्ड के लिए मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता नियम 2018 के अंतर्गत नियमों की अनुसूची एक के अनुसरण में आवंटित भू-खण्ड के कुल क्षेत्रफल पर 0.50 रूपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भू-राजस्व निर्धारित किया जायेगा।