देवास । प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री जी ने जो बजट पेश किया है वह मध्यप्रदेश को, देश को, युवाओं को, महिलाओं को, बुजुर्गों को और समाज के हर वर्ग को ताकत देगा। आजादी के अमृतकाल में प्रस्तुत इस बजट के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार ने देश को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प जताया है। उक्त बात स्थानीय भाजपा कार्यालय देवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए योगेश मेहता आर्थिक प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक ने केंद्रीय बजट 2023-24 का स्वागत करते हुए कही। उन्होंने बजट को सर्वसमावेशी बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार भी व्यक्त किया। देश को आत्मनिर्भर, गरीबी मुक्त बनाने की राह पर बढ़ रहे प्रधानमंत्री जी आज का दिन हमारे लिए महत्वपूर्ण दिन है। आज केंद्र सरकार ने जो बजट पेश किया है, यह देश के आर्थिक चक्र को मजबूत करने वाला बजट है। 2014 से पहले भारत विश्व की दसवीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन आज भारत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। यह सब ऐसे ही नहीं हुआ, बल्कि उन उपायों का परिणाम है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने किए हैं। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी एक विजनरी व्यक्तित्व हैं और आजादी के अमृतकाल के इस पहले बजट से भी यही दिखाई देता है कि उनकी सरकार आत्मनिर्भर और गरीबी मुक्त भारत के संकल्प की पूर्ति की दिशा में आगे कदम बढ़ा रही है। इस बजट में 7 लाख रूपए तक सालाना कमाने वालों पर कोई टैक्स नहीं है, वहीं, 10 लाख करोड़ का जो पूंजीगत व्यय किया गया है, उससे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप होगा और रोजगारों का सृजन होगा। बजट में रखा हर वर्ग का ध्यान यह सर्वसमावेशी बजट है, जिसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। यह देश के गरीबों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और किसानों को ताकत देने वाला बजट है। आम बजट में पीएम कौशल विकास योजना-4 प्रारंभ करने, स्किल इंडिया मिशन इंटरनेशनल सेंटर स्थापित करने, युवा उद्यमियों के लिए एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करने की बात की गई है। यह बजट युवाओं के लिए नये रोजगार का सृजन तो करेगा ही साथ ही महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी प्रभावी होगा। महिलाओं को 2 लाख तक की बचत पर 7.5 प्रतिशत ब्याज देने प्रावधान इसमें किया गया है। जनजातीय क्षेत्रों के लिए पीजीबीटी के अंदर 15000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जो जनजातीय समाज के नौजवानों और आदिवासी भाई-बहनों को ताकत देगा। मोदी सरकार ने कोविड काल में गरीब कल्याण अन्न योजना चलाई थी, ताकि कोई भी गरीब भूखा न सो सके। 80 करोड़ परिवारों के लिए इस योजना को 1 वर्ष के लिए और बढ़ाकर मोदी सरकार ने गरीबों को ताकत दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना जो हर गरीब के जीवन स्तर को बदल रही है, उसमें 66 प्रतिशत की वृद्धि एवं 79 हजार करोड़ का प्रावधान कर मध्यम वर्गीय एवं गरीब परिवारों को ताकत देने का काम किया गया है। आम बजट में युवाओं के कृषि स्टार्ट अप्स को बढ़ावा देने के लिए एग्रीकल्चर फंड की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, अगले 3 साल तक 1 करोड़ किसानों को नेचुरल फॉर्मिंग में मदद करने और 10 हजार बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर्स बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। सरकार के ये कदम किसानों को लाभदायक और जैविक खेती की ओर प्रेरित करेंगे। देश के विकास को गति देगा जिला अध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने आगे कहा कि गुड इकॉनोमी इज द गुड पॉलीटिक्स। इस लिहाज से देखें तो प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में प्रस्तुत आम बजट देश को आगे बढ़ाने वाला, अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला बजट है और यही अच्छी राजनीति है। उन्होंने कहा कि यह सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय बजट देश के विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि अमृतकाल का यह बजट हर क्षेत्र में सामर्थ्यशाली भारत की नी केंद्र सरकार का बजट जन आकांक्षा के विपरीत इनकम टैक्स में दो लाख की छूट के अलावा कोई विशेष बात नहीं। देवास= वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा लोकसभा में पेश 2023 / 24 के बजट में ऐसी कोई महत्वपूर्ण सौगात नहीं है जिससे कि लोगों में खुशी का माहौल हो जाए 2014 के बाद इनकम टैक्स में छूट की सीमा पाँच लाख से बड़ा कर सात लाख की गई है आम नागरिकों का कहना है कि इतने साल बाद 2 लाख की छूट देना कोई महत्वपूर्ण सौगात नहीं है । शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी वह प्रवक्ता सुधीर शर्मा ने कहा कि बजट में बढ़ती महंगाई को काबू करने के लिए कोई कारगर उपाय नहीं बताए गए हैं इसी के साथ पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए भी कोई प्रयास उपाय नहीं किये गये है अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत कम होने के बावजूद निर्णय नहीं लिया गया जबकि 20 रुपये लीटर पेट्रोल सस्ता होना चाहिए था। एक वर्ष तक 80 करोड़ लोगों को मुक्ता अनाज की घोषणा की गई है लेकिन जो अनाज वर्तमान में दिया जा रहा है उसके अंतर्गत प्रति व्यक्ति 2 किलो गेहूं एवं 3 किलो चावल दिया जा रहा है उस की मात्रा बहुत ही कम है। अधिकांश योजनाएं एवं उन पर खर्च होने वाली राशि भविष्य को मद्देनजर रख बनाई गई है फिर बात चाहे चिकित्सा ,कृषि, युवा रोजगार इनमें सुधार की बात की गई है अधिकांश क्षेत्र के व्यापार को बजट से अलग रखा है इनके लिए कोई रियायत नहीं दी गई है कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि बजट जल आकांक्षा के विपरीत रहा है
मोदी सरकार के नए बजट में देश को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्पः मेहता जिला अध्यक्ष खंडेलवाल ने सर्वसमावेशी बजट प्रस्तुत करने पर जताया प्रधानमंत्री जी और केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार, वही कांग्रेस ने बताया आकांक्षाओं के विपरीत बजट
