मध्यप्रदेश में विगत कई वर्षों से शासकीय शालाओं में अतिथि शिक्षकों के पद पर कार्यरत अतिथि शिक्षकों का सरकार ने ध्यान रखना चाहिए उन्हे भी अपना कर्मचारी मानना चाहिए प्रदेश सरकार ने नियमितीकरण का तोहफा तो दूर उनका पारिश्रमिक भी नही बढ़ाया गया बावजूद कई बार प्रदेश के यशस्वी मुखिया श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषणा हो चुकी हैं यह तो दूर की सबसे रोचक बात यह है की स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के पावन अवसर के दिनों का भी वेतन नहीं दिया जाता है उसके बाद भी अपना कर्त्तव्य पालन करते हुए अतिथि शिक्षक अपनी अपनी शालाओं में उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।जब की निजी संस्थानों, कंपनियों में अवकाश भी और वेतन भी दिया जाता है ।
