भगत – बाबा प्रणाम।
बाबा – भगत प्रणाम क्या ज्यादा ठंडी लग गई थी दिख नहीं रहा।
भगत – हां बाबा ठंड कहर बरपा रही है पर आदत सी हो गई है। बाबा कलेक्टर भी ठंड में छुट्टी नहीं दे रहे।
बाबा – कलेक्टर ने ढाई माह में पूरा प्रशासन व्यवस्थित पटरी पर ला दिया है और छुट्टी की क्या बात करें । स्कूल वाले को का मना करा है की क्लास लगाओ ही सही परंतु हमारे यहां की शिक्षा प्रणाली पूर्ण पूर्ण रूप से कलेक्टर पर आधारित है खैर अभी बात करते हैं जिला प्रशासन की तो सारे अधिकारी अब कानून की किताब पढ़ रहे हैं बच्चों से ज्यादा तो इनको पढ़ाई की आवश्यकता है कलेक्टर के पास आना है तो पूरी तैयारी के साथ आओ नहीं तो दंडाधिकारी दंड लिए बैठे हैं।
भगत – सभी अधिकारी के पास कानूनी पुस्तक अब ऑफिस में ही मिल रही है।
बाबा- बेटा यह कोई जंगलराज नहीं जो चाहे कर दिया कलेक्टर गुप्ता जी ने बता दिया कि कलेक्टर क्या होता है ।काम करो और आराम करो कोई कुछ नहीं कहेगा परंतु काम तो करना पड़ेगा ।ऑफिस अब 10:00 बजे लगने लगे हैं और शाम 6:00 बजे तक बाबूजी से लेकर अधिकारी तक आम जनता को मिल तो जाते हैं ।जिसका कारण कलेक्टर स्वयं सुबह से देर रात तक बैठ रहे हैं और जब जिले का मुखिया मेहनत करेगा तो पहले डर से काम कर रहे थे अब दिल से कर रहे हैं कि हमारा मुखिया ही कुछ सुधार चाहता है तो क्यों ना हम भी उसी दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाएं।
भगत-, कुछ कलेक्टर को हटाने के लिए प्रयासरत थे परंतु मुख्यमंत्री ने बैरंग लौटा दिया।
बाबा -सुधार कौन नहीं चाहता अगर कलेक्टर जिले में अच्छा काम करेंगे तो सरकार को ही लाभ होगा आने वाली पीढ़ी को लाभ होगा एक बार किसी विभाग का ढर्रा ठीक हो जाता है तो लंबे समय तक वहां पर अच्छा कार्य होता है सांसद विधायक को भी इससे लाभ ही है छोटे-मोटे काम भले ही ना हो लेकिन आम जनता के सीधे काम होते हैं और स्वच्छ प्रशासन भी आम जनता को प्रभावित करता है हम सरकार इसीलिए बदलते हैं। कि कुछ तो अच्छा होगा लेकिन वही सब पुराना ऑफिस ऑफिस भ्रष्टाचार चेहरे बदल जाते हैं भ्रष्टाचार अपनी जगह वहीं का वही। जनप्रतिनिधि को भी स्वच्छ प्रशासन के साथ फालतू की बेगार भी टल जाती है कलेक्टर सुनते ही नहीं यह बात अगर फेल भी जाती है तो फायदा जनप्रतिनिधि का ही है फालतू काम भी नहीं आएंगे ।
भगत-कुछ अधिकारी को नहीं पच रहे कलेक्टर। बाबा-बेटा मोनोपली कभी किसी एक की नहीं चली है कई महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं होने वाले अधिकारी अब मजबूरी में बैठक में हिस्सा ले रहे हैं और सबसे बड़ी बात कि पहले इतना सब कुछ कर लिया कि अब कलेक्टर कुछ अच्छा नहीं करेगा तो ठीक है कुछ गलत ना कर दे इधर से ही समझौता एक्सप्रेस चला रहे हैं।
भगत — देवास विकास प्राधिकरण के लिए भी दावेदार फिर सक्रिय हो गए हैं इस बार नाम फाइनल हो सकता है। बाबा -यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार है जिसमें कई पद खाली रह जाते हैं अभी तक देवास विकास प्राधिकरण पर अधिकारी राज है यह सरकार की कमजोरी है। प्राधिकरण में इस समय एक अनार सौ बीमार से दावेदार है खासकर इस बार पैलेस गुट भी दमदार इसे अपने समर्थकों का नाम रख रहा है। फिर सांसद और संगठन की ओर से भी नाम है। भगत -अभी तक पैलेस गुट, से प्राधिकरण अध्यक्ष नहीं बन पाया है हमेशा ही पैलेस विरोधी रहा है । बाबा –हां बेटा अभी तक तो भाजपा की सरकार में पैलेस विरोधी को ही स्थान मिला है सबसे पहले अभिभाषक राजेंद्र बापट और फिर रायसिंह सेंधव और पूर्व महापौर शरद पाचुनकर को मौका मिला है उपाध्यक्ष और संचालक जरूर पैलेस के रहे हैं। भगत बाबा पूर्व अध्यक्ष भी फिर दावेदारी कर रहे हैं। बाबा– हां बेटा इनको विधायक का टिकट भी चाहिए और नहीं मिले तो प्राधिकरण या और कहीं जगह तो चाहिए ही वर्तमान भाजपा जिला अध्यक्ष राजू खंडेलवाल और महामंत्री राजेश यादव भी दावेदार है तो संगठन की ओर से फिर वही दिलीप जाधव का नाम दीपक जोशी गुट से भी कुछ नाम है तो राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय, की ओर से एक ही नाम सुमेर सिंह दरबार का है इस बार पैलेस भी जो महापौर और निगम में अच्छी बढ़त लेने के साथ प्राधिकरण अध्यक्ष भी अपना ही बनवाना चाहेगा अभी देवास विकास प्राधिकरण के माध्यम से बहुत सारी योजनाएं शहर के विकास में महत्वपूर्ण है पैलेस गुट से ओम जोशी, भरत चौधरी और भी नाम सामने आ रहे हैं इस बार 26 जनवरी के बाद प्राधिकरण का अध्यक्ष उपाध्यक्ष की घोषणा हो सकती है नहीं तो अधिकारी राज तो है ही जो पैलेस के हिसाब से चल रहा है।
भगत -बाबा नगर निगम में शीतल ने सर्द मौसम में माहौल गरमा दिया।
बाबा- विवाद की आग में रोटी सेकने वाले कुछ ठेकेदार धरे रह गए समझौता हो गया और विवाद बढ़ने का बढ़ाने का मंसूबा ठंडा पड़ गया। विधायक प्रतिनिधि सभापति और कमिश्नर और फिर स्वयं अधिकारी नागेंद्र वर्मा ने भी बात को तूल देने के लिए जगह निगम को एक परिवार की तरह मान कर मामला बढ़ने से पहले ही निपटा दिया। नगर निगम में एक बड़ा विवाद होने से रह गया क्योंकि शीतल भी छोटे-मोटे नेता नहीं है जितने ऊपर है उतने ही जमीन के अंदर भी है युवाओं की बड़ी टीम के साथ प्रदेश के कई नामी नेता सक्रिय हो गए थे यह बहुत अंदर की बात है कि शीतल के लिए एक बड़ी लाबी पर्दे के पीछे थी परंतु मामला एक अच्छे अधिकारी वर्मा से पंगे का जो था सो कुछ ठेकेदार की लाग लपेट के बाद भी आगे नहीं बढ़ सका ।
भगत – निगम के कुछ इंजीनियर और अधिकारी को जनप्रतिनिधि राज रास नहीं आ रहा है।
बाबा भाजपा सरकार की सबसे बड़ी कमजोरी ही रहेगी इतने वर्ष पंचायती राज तो पूर्व सरपंच को सौंप दिया लेकिन नगर निगम कई नामी अधिकारी और इंजीनियर के हवाले कर दी जो चाहा इंजीनियर अधिकारी ने किया पूरे प्रदेश में अधिकारी इंजीनियर राज चला अब अचानक जनप्रतिनिधि आने से बोखलाना स्वाभाविक है ।वर्षों के कई मामले पूरे प्रदेश में सामने आ रहे हैं यहां तक कि पूर्व मंत्री भाजपा के ही ने लोकायुक्त में दे दिए हैं और भी अभी कई मामले सामने आ सकते हैं।
भगत –एडीजीपी वरुण कपूर देवास आए बाबा – प्रदेश में पुलिस विभाग मैं विरले अधिकारी है श्री वरुण कपूर जिन्होंने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक कार्य किए उज्जैन रेंज में 105 ब्लाइंड मर्डर ट्रेस कर उनको हवालात की हवा खिलाई तो अब वे जो अभी सबसे बड़ा क्राइम चल रहा है साइबर क्राइम के प्रति पूरे प्रदेश में जागरूकता अभियान चला रहे हैं साइबर अपराध की बारीकियां और उससे बचाव के उपाय आसान सरल भाषा में समझने के बाद हम साइबर अपराध से निश्चित बच सकते हैं ।यह श्री वरुण कपूर का जुनून गजब का जज्बा और मेहनत है कि लगातार अपने मिशन में लगे हुए हैं इनके द्वारा जारी वीडियो विदेश में भी प्रेरणा बन रहे हैं। देवास में इसका आयोजन सफल रहा है खासकर टीआई सिविल लाइन संजय सिंह का विशेष प्रयास रहा हम श्री वरुण कपूर के जोश जज्बे को सलूट करते हैं ।
भगत – मनीष चौधरी खातेगांव में सक्रिय है।
बाबा– देवास में कभी विपक्ष की भूमिका दमदारी से निभाने वाले मनीष चौधरी की नजर अब खातेगांव पर है जहां पर भाजपा विधायक आशीष शर्मा का टिकट भी फिफ्टी फिफ्टी का लग रहा है जहां पूर्व मंत्री दीपक जोशी की नजर है तो अब अंदर की खबर यह आ रही है कि हाटपिपलिया सीट पर मनोज चौधरी की स्थिति कमजोर देखते हुए मनोज चौधरी को खातेगांव और दीपक जोशी को या अन्य सशक्त नेता को हाटपिपलिया से चुनाव लड़ा जाएगा सर्वे के साथ सिंधिया कोटा भी देवास में चलेगा।
भगत –देवास में भी एक नेता भीड़ देखकर उत्साही लाल बन गए हैं ।
बाबा –देवास में जमीनी मेहनत वाला व्यक्ति ही कुछ कर सकता है किसी आयोजन में भीड़ केवल उस आयोजन के लिए आती है ना कि व्यक्तित्व के लिए धार्मिक सामाजिक या खेल के आयोजन में शामिल लोगों को देखकर टिकट मिलने लगे तो दावेदारों दर्जन से भी ज्यादा हो जाएंगे वैसे भी कांग्रेसमें दावेदार बढ़ते जा रहे हैं वैसे इस बार मनोज राजानी ने मन बना लिया है प्रवेश अग्रवाल प्रदीप चौधरी अभी 3 नाम सर्वे सूची में चल रहे हैं ।
भगत –टेकरी पर चांदी वाले मामले में और दान के मामले में कुछ दाल काली नजर आ रही है।
बाबा –एक अधिकारी किसी मामले में दोषी नहीं होता वहां पर नीचे से ऊपर तक सबकी सहमति के बाद ही कुछ होता है विकास हुआ है और छोड़ धार्मिक मामला है वैसे भी मामला ठंडा पड़ जाएगा। माता मंदिर टेकरी के विकास को देखते हुए जनप्रतिनिधि उच्च अधिकारी इस मामले में ज्यादा रुचि नहीं लेंगे।
भगत –नगर परिषद की लोकायुक्त जांच और आगे की कार्रवाई के मामले में पूर्व मंत्री ठंडे नजर आ रहे हैं।
बाबा –हर जगह यही हालत है मुद्दा केवल कुछ समय के लिए उठता है फिर अपने आप ठंडा पड़ जाता है विधायक पूर्व मंत्री के बीच का मामला ठंडे बस्ते में चला गया है।
भगत —यातायात जागरूकता सप्ताह चल रहा है। बाबा —-सबसे बड़ा यातायत सप्ताह सफल जब होगा जब आमजन जागरूक हो जाए और पुलिस यातायात भी वसूली पॉइंट की जगह शहर के मुख्य यातायात पॉइंट पर नजर आए। भगत यातायात प्रभारी कुछ न कुछ करती तो रहती है। बाबा यातायात प्रभारी सुप्रिया चौधरी का रिकॉर्ड कार्यकाल रहा चुनाव आयोग भी इन पर मेहरबान रहा। बस मैडम गरीब लोगों का ध्यान रखो इनकी दुआ जितनी अच्छी रहती है बद्दुआ उतनी ही खराब ।करें कौन और भरे कौन। कई वाहन संचालक कर्ज में डूबे होकर वाहन चला रहे हैं अपने घर की रोजी रोटी चला रहे हैं उच्च अधिकारी के सीसीटीवी कैमरे चाहे कुछ ना देखे लेकिन ऊपर वाला सब देख रहा है ।
भगत– रजिस्ट्रार कार्यालय में हड़ताल हो गई।
बाबा —शासनकाल का कामधेनु विभाग जिसमें जनता अच्छा राजस्व देती है राजस्व के साथ साहब का राजस्व भी फिर भी जनता परेशान है महीने भर सर्वर डाउन तो कभी बाबूजी डाउन कभी अधिकारी डाउन कुल मिलाकर रजिस्ट्रार विभाग में आमजन भारी राजस्व देने के बाद भी परेशान है सो उनको सर्विस देने वाले सर्विस प्रोवाइडर ने मजबूरी में हड़ताल की। यह हमारा देश ही है जहां शासन को टैक्स देने वाली जनता उन विभागों से सबसे ज्यादा परेशान रहती है जहां सबसे ज्यादा कर देती है चाहे आयकर विभाग हो विक्रय कर आरटीओ या स्थानीय नगर निगम के संपत्ति कर व अन्य करवाले विभाग जहां पर जनता को टैक्स देने के लिए भी अलग से टैक्स देना पड़ता है और भीड़ में संघर्ष करना पड़ता है कायदा तो यह होना चाहिए कि इनको सम्मान के साथ टैक्स भरने का मौका मिलना चाहिए इन विभागों में टैक्स भरने वालों को लाइव में ना लगना पढ़े पीने के पानी से लेकर बैठने तक की अच्छी व्यवस्था हो हमारे करदाता है लेकिन उल्टा हो रहा है।
भगत —-इस बार तहसील में भी अच्छी राजस्व की वसूली की।
बाबा —तहसीलदार ने नामी लोगों की संपत्ति कुर्क कर पहले ही टेलर बना दिया एक उच्च अधिकारी जरूर बीच में रोड़ा अटका आते थे अब नवागत कलेक्टर के आने के बाद तहसीलदार और उनका विभाग खुले दिल से कार्रवाई कर रहा है इस बार रिकॉर्ड वसूली हो सकती है।
भगत –शहर में फिर जुआ सट्टा शबाब पर है और शराब माफिया भी सक्रिय है।
बाबा —यह चंद सटोरिए पूरी सरकार को और पुलिस विभाग तक को बदनाम कर देते हैं। और अवैध शराब तो पुलिस भी पकड़ती है और आबकारी विभाग राजस्व के साथ अवैध शराब पकड़ने की डोरी भूमिका भी निभाती है यह कुरीति है चलती रहेगी । आबकारी विभाग में स्टॉप बढ़ाने के साथ अधिकार भी बढ़ाना होंगे बाकी तो चलता रहेगा।
भगत —बाबा हर दूसरे दिन मिला करेंगे।
बाबा —ठीक है बेटा फिर आज इतना ही एक दो रोज छोड़कर मिलने आ जाया कर । राम राम जय हिंद जय भारत। अब हम हर दूसरे तीसरे दिन मिला करेंगे सभी पाठकों का ह्रदय से आभार।
