सिंह भदौरिया, जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा बताया गया कि दिनांक 27.07.22 को फरियादी कुलदीप ने थाना कोतवाली पर रिपोर्ट लिखाई की उसकी देवास बस स्टैण्ड पर जय बजरंग नाम से स्कै्रप की दुकान है जब वह दुकान पर सुबह 09:00 बजे आया था तो साथ में हिसाब के कागज व पैसे से भरी नीले रंग की चैन वाली थैली जिसमें नगदी करीब 01 लाख 10 हजार रूपये व हिसाब के कागज थे। जिसे दुकान की खुटी पर टांगकर सामने हनुमान मंदिर में पूजा करने गया था। जब थोडी देर बाद पूजा करके वापिस दुकान में लौटा तो देखा कि हिसाब के कागज व पैसे से भरी थैली नहीं मिली। फरियादी द्वारा थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दुकान से हिसाब के कागज व रूपयों से भरी थैली आरोपीगण चुराकर ले गये थे। उक्त घटना का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना की गई विवेचना उपरान्त अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, (समक्ष: श्री शिव कुमार कौशल) जिला देवास द्वारा निर्णय पारित कर आरोपीगण कुन्दन पिता नरेन्द्र सिंह एवं शुभम पिता राधेश्याम को धारा 380 भादवि में दोषी पाये जाने पर 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000-5000/- रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन का सफल संचालन श्री रईस शेख, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, जिला देवास द्वारा किया गया तथा उक्त प्रकरण में आरक्षक यशवंत धानुक एवं आरक्षक गणेश परमार का विशेष सहयोग रहा।
