Category: विशेष

  • सत्ता और संगठन दोनों पर आर आर आर का जलवा, प्रभारी मंत्री के बोल से हलचल, कलेक्टर का मिशन 3, पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता का मिलन, सट्टा लगा रहा सरकार की छवि पर बट्टा, नगर निगम की गले की हड्डी बना डैम का पानी, आशा कार्यकर्ता अब किससे करें आशा, वन संरक्षक का तबादला, अति का अंत

    सत्ता और संगठन दोनों पर आर आर आर का जलवा, प्रभारी मंत्री के बोल से हलचल, कलेक्टर का मिशन 3, पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता का मिलन, सट्टा लगा रहा सरकार की छवि पर बट्टा, नगर निगम की गले की हड्डी बना डैम का पानी, आशा कार्यकर्ता अब किससे करें आशा, वन संरक्षक का तबादला, अति का अंत

    भगत —बाबा प्रणाम। बाबा —बेटा प्रणाम।

    भगत —–बाबा प्रभारी मंत्री किसको जगाना आई थी और किसको जगा गई। बाबा —-बेटा बड़े लंबे समय बाद प्रभारी मंत्री देवास में सक्रिय दिखी और उनके द्वारा बोले गए बोल ने कई भारतीय जनता पार्टी के नेता के कान खड़े कर दिए तो कांग्रेसी नेताओं में सत्ता वापसी की उम्मीद जगा दी। प्रशासनिक हलके में भी इनके द्वारा बोले गए बोल चर्चा में है ।अब थोड़ी सी कांग्रेसियों की भी चलने लगी है। अधिकारी कर्मचारी वर्ग अब दोनों पार्टी के नेताओं में अपनी पकड़ बनाकर रख रहा है। आम नेता कुछ बोलता तो चल जाता लेकिन प्रदेश मैं बहुत कुछ दम रखने वाली नेता द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं को कहीं बात के मायने अलग अलग तरीके से देखे जा रहे हैं । प्रभारी मंत्री द्वारा विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी जैन की अनुपस्थिति पर भी कार्रवाई उनके बदले अंदाज दर्शाती है तो अपने पार्टी के कार्यकर्ता संजय दायमा के घर भोजन कर कार्यकर्ता का उत्साह बड़ा गई।

    भगत —दमदार प्रभारी मंत्री है। बाबा—– बेटा अभी तक कई दमदार प्रभारी मंत्री देवास के प्रभारी रहे हैं ।लेकिन वह यहां के दमदार नेता महाराज के कारण न्यूट्रल रहे सबसे पहले कैलाश विजयवर्गीय ने तो महाराज के कारण चंद माह में ही अपना प्रभार बदला लिया ।उसके बाद शिवनारायण जागीरदार ,कैलाश चावला शुभ लाभ करते रहे और वे सत्ता में ही नहीं रहे जगदीश देवड़ा पारस जैन बस नाम के रहे अब राजे के क्षेत्र में राजे प्रभारी मंत्री बनने से थोड़ा सा जरूर असर दिखाई दे रहा है। अच्छा है देवास का विकास हो अच्छी योजनाएं बने और उनका क्रियान्वयन हो वैसे प्रभारी मंत्री के पी ए भी चाय से ज्यादा केतली गर्म वाला व्यवहार कर चर्चा में रहे हैं।

    भगत —-सत्ता और संगठन में आर आर आर भारी है। बाबा— समझ गया विधायक गायत्री राजे पवार का जलवा तो रहा ही है पहली बार संगठन में जिलाध्यक्ष राजू खंडेलवाल भी पावरफुल रहे हैं तो उनके साथ महामंत्री राजेश यादव भी कम नहीं थे अब सरकार ने उनका प्रमोशन कर पावर और बढ़ा दिया। पूरे जिले में अब राजे ,राजू और राजेश की चल रही क्या है। राजू खंडेलवाल गुट संगठन के साथ अब सत्ता में भी प्लस हो गए हैं।

    भगत — मुर्गी सोने के अंडा देगी । बाबा—राजू यादव का नाम पूर्व में भी महापौर के लिए चला था बाद में सभापति भी लगभग तय था आखिर में पैलेस के कारण पीछे हटना पड़ा । विपक्ष में भी राजू यादव द्वारा किए गए प्रभावी लगातार आंदोलन के कारण राजू यादव का नाम वैसे भी संगठन में ऊपर ही था। फिर प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने वही किया जो उनको करना था। अपने समर्थकों को अभी नहीं तो कभी नहीं वाली स्थिति में अभी ही सब कर दिया। भगत —बाबा राजू के पास 3 पद हो गए। बाबा– एक व्यक्ति एक पद की बात करने वाली भाजपा में एक व्यक्ति को 3 पद मिलना यानी राजू का भाग्यशाली होना भी कहा जा रहा है वैसे एक महामंत्री का पद अब खाली हो जाएगा राजू यादव पार्षद से इसलिए इस्तीफा नहीं दे रहे हैं की उनको जनता ने बड़े विश्वास के साथ चुना रही बात मानदेय की तो वह नहीं लेंगे। महामंत्री पद जरूर खाली होगा। भगत– पूर्व सांसद जय भान सिंह पवैया भी वरिष्ठ नेताओं को जगा गए। बाबा–, राष्ट्रीय नेता जय भान सिंह पवैया पूरे संभाग में वरिष्ठ ही कहना उनको उचित होगा को वापस संगठन में सक्रियता के साथ ला रहे हैं ।इससे दो फायदे होंगे एक तो कई नाराज भाजपा नेता संगठन से जुड़ जाएंगे दूसरा इनके अनुभव का लाभ भी मिलेगा। कई बल्लम नेता भाजपा कार्यालय पर नजर आए।

    भगत —-कलेक्टर गुप्ता मिशन 3 पर आ गए हैं। बाबा —-बस कुछ करने का जज्बा चाहिए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बना ली है अब जिधर भी एक कार्य करेंगे उधर कुछ अच्छा ही परिणाम आएंगे शिक्षा क्षेत्र के बाद चिकित्सा क्षेत्र में और उसके बाद मिशन 3 व्यवस्था में सुधार तो पहले दूसरे के साथ तीसरे पर भी कार्य शुरू कर दिया है। कलेक्टर की छवि अब आम जनता और नेताओं में भी ऐसी बन गई है। कि उनको आलतू फालतू कार्य के लिए दबाव नहीं आएगा बस काम करे जाओ।

    भगत—— एडीएम ट्रेनिंग पर है। बाबा –+कई प्रशासनिक कार्य एडीएम महेंद्र काउचे आसानी से निपटा देते थे ।वह 5 मई तक भोपाल ट्रेनिंग में है । एसडीएम की वही कार्यशैली है तहसीलदार दो जरूर नए आए हैं। तलवारे और सपना शर्मा अनुभवी अधिकारी है। तहसील में तो सभी वही का वही है।

    भगत– वन विभाग में तबादले में पी एन की जगह पीके आ गए। बाबा— पहले देवास में डीएफओ पोस्ट के अधिकारी रहते थे अब वन संरक्षक को ही जिला दिया जा रहा है। वन संरक्षक पी एन मिश्रा ने कागजी कार्य किए तो शंकरगढ़ पहाड़ी पर दिल लगाकर कार्य किया फालतू विवादों में नहीं पड़े। अब पी एन की जगह बस पी के मिश्रा आ गए। यानी मिश्रा जी की जगह मिश्रा जी आ गए।

    भगत —यह लोग अपना हिंदी नाम अंग्रेजी में क्यों रखते हैं फिर अपना सरनेम भी अंग्रेजी में ही क्यों नहीं रख लेते।

    बाबा–, अपने माता-पिता द्वारा भगवान का नाम अपने बेटों का इसलिए रखा जाता था कि उनके साथ भगवान का नाम भी ले लेंगे ।लेकिन मां बाप ने दो किताब बच्चों को ज्यादा पढ़ा दी तो बच्चों ने बड़े होकर अपना और अपने पिताश्री का नाम भी अंग्रेजी में बदल दिया। यह मिश्रा जी के लिए नहीं सभी अधिकारी और उन लोगों के लिए है जिनको हिंदी मैं अपने और अपने पिताजी का नाम अच्छा नहीं लगता वैसे नेताओं में या कम देखा जाता है । कई अधिकारी व्यापारी आज भी अपने पिता और अपना नाम भले ही कितना ही बड़ा हो हिंदी में ही शान से लेते हैं ।

    भगत –नेता और राजा महाराजा । बाबा– सही बात है नेता और राजा महाराजा ने कभी अपने नाम और संस्कृति से समझौता नहीं किया । मात्र दिखावे के लिए अपने हिंदी नाम को अंग्रेजी में बदलने वाले का क्या भरोसा ।अब जब देश विश्व गुरु बनने जा रहा है हमारी संस्कृति हमारे नाम अपना रहा है हम वही गुलामी की मानसिकता को तो अब छोड़ दे।

    भगत —–सट्टा बाजार गर्म है। बाबा—– एक तरफ भारतीय जनता पार्टी स्वच्छ सुशासन प्रशासन का दावा करती है दूसरी तरफ पूरे जिले में सट्टा शबाब पर है नवागत एसपी संपत उपाध्याय के आगमन पर कुछ लगा था कि सट्टा तो कम से कम बंद हो जाएगा लेकिन अभी तक उसी शैली में अभी तो चल रहा है सबसे बड़ी बात आम जनता सबको मालूम है कि शहर में सट्टा जुआ में शराब का कारोबार खुला रूप में चल रहा है बस पुलिस अधिकारी जान कर भी अंजान हैं इसको लेकर शहर में बड़ा आंदोलन आने वाले समय में हो सकता है जब अति होती है तो उसका अंत भी होता है पुलिस के साथ सबसे ज्यादा सरकार की बदनामी हो रही है। भगत जैसे अतीक का अंत हुआ। बाबा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर अब यही चलेगा दिन भर पीछे लगे रहते परंतु बचा नहीं पाए अतीक तो पहले ही मर चुका था पूरी जिंदगी हो गई बुरा कार्य करते रहा अपने परिवार को बर्बाद होते देखा विकास दुबे हो या अन्य माफिया सभी का यही अंत खराब रहा है चंद रूपए और झूठे अभिमान दिखावे मैं माफिया यह भूल जाता है कि अंत बुरा है जबकि इमानदार व्यक्ति का प्रारंभ जरूर संघर्ष में रहता है परंतु अंत सुखद और कुछ इतिहास में अपना नाम लिखा कर ही जाता है अतीक के अंत में कई राज छुपे हैं इस विषय का यही अंत करते हैं बाकी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दिनभर दिखाने को ।

    भगत —- डैम का पानी निजी कंपनी को देना निगम के गले की हड्डी बन गया है। बाबा —देवास में नगर निगम के बहुत से कारनामे हैं जागरूक ललित चौहान ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था परंतु नगर निगम अधिकारी ने कभी ध्यान नहीं दिया अब निजी कंपनी को पानी देने का मामला उलझ गया है आगे यह मुद्दा और गर्म होगा।

    भगत— पैकि प्लाट का मुद्दा भी चल रहा है। बाबा —मुद्दा बहुत पुराना है अब वापस उसे कांग्रेसी नेता उठा रहे हैं कुछ नहीं तो धरना सबसे अच्छा कार्य है। ज्यादा संख्या की आवश्यकता नहीं कुछ व्यक्ति भी बैठ सकते हैं ।वरना आंदोलन में ज्यादा भीड़ कहां से लाएं जनता आगे आती नहीं और पार्टी के बड़े नेता पहले ही यह मुद्दा ज्यादा उठा चुके हैं। अब उनको विधानसभा दिख रही है ,और मुद्दे भी विधानसभा वाले ही जोर पकड़ेंगे।


    भ्ग्त्—— आशा कार्यकर्ता की भी कोई नहीं सुन रहा। बाबा ——क्या करें सारे तरीके के जतन कर लिए सरकार तक बात पहुंच जाए अब तो बहनों ने अपने खून की पाती भी लिख दी ।अब शायद मामा की नजर पड़ जाए। इनका भी धरना आंदोलन की तरह आंदोलन जारी है ।कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है ।अभी तक एक होकर लगातार संघर्ष कर रही है।

    भगत—– पूर्व पुलिसकर्मी से शराब पकड़ाई। बाबा—— हां बेटा कभी पुलिस अधीक्षक की स्कॉट में कई अपराधियों को जेल भेजने वाले राजेंद्र राठौड़ ने छोटे से लालच मैं अपना पद गवा दिया ।अब अपराधी की दुनिया में प्रवेश कर गए हैं एक अच्छा पुलिसकर्मी छोटे से चंद लोगों के लालच में कैसे सब कुछ खो देता है। यह देवास के कुछ बर्खास्त पुलिसकर्मी को देखकर समझा जा सकता है ।आधी रोटी छोड़कर पूरी के चक्कर में आधी भी हाथ से गई।

    भगत –जेल अधीक्षक उषा राज का भी यही हाल है। बाबा —–वैसे तो कई उदाहरण है परंतु यह ताजा उदाहरण है कि जिस जेल में उषा राज चलता था आज वहां पर उसी को अपने सोने खाने के लिए लाले पड़ रहे हैं जेल से जेल बदलना पड़ रही है ।लालच यहां भी पूरा निकल गया। लालच के साथ बेंडा हाथी घर की फौज मारे की तरह उषा राज ने अपने विभाग वालों से ही ज्यादा पंगा लिया। आज सबसे ज्यादा उसी विभाग में उसे संघर्ष करना पड़ रहा है अपने जेल विभाग में भी फजीहत हो रही है जब आप पद पर रहे तब अपने विभाग और अधीनस्थ से अच्छे लगे तो बुरे समय में भी अच्छे लोग और अच्छे कर्म काम आते हैं ।

  • प्रतिपक्ष नेता गोविंद सिंह का पुतला फूंका

    प्रतिपक्ष नेता गोविंद सिंह का पुतला फूंका

    “आदिवासियों के सम्मान में , युवा मोर्चा मैदान में ” “रानी कमलापति का अपमान , जनजाति समाज का अपमान” भारत की अस्मिता का प्रतिबिंब ,अपने सतीत्व को बचाने के लिए जल जौहर करने वाली वीरांगना रानी कमलापति पर नेता प्रतिपक्ष Dr. Govind Singh द्वारा की गई अशोभनीय टिप्पणी पर BJYM Dewas द्वारा सतवास बस स्टैंड चौराहा पर जिला अध्यक्ष राम सोनी के नेतृत्व में पुतला फूंक कर आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष गोपीकृष्ण व्यास , भाजपा सतवास मंडल अध्यक्ष सोहन पटेल, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष राज टुटेजा एवं लालू नागोरी, जिला उपाध्यक्ष अनिल जाट गोदारा सतीश चौहान युवा मोर्चा जिला एवं मंडल पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहें। कांग्रेस नेता द्वारा की गई टिप्प्णी नारी शक्ति एवं जनजाति समाज में के प्रति कांग्रेस की मानसिकता को प्रदर्शित करता हैं, जो कि निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

  • देवास में 270 अशासकीय स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी

    देवास में 270 अशासकीय स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी

    ———- देवास, देवास जिले में पिछले दो दिनों से यू – डाइस प्रविष्टि को लेकर चल रहे मीटिंग और निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण 270 अशासकीय विद्यालयों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है दिनांक 11.4.2023 को एस.डी.एम. एस अंतर्गत छात्रों की जानकारी को यू – डाइस में विद्यार्थी वार जानकारी को भरने में रूचि न लेने के कारण अभियान चलाकर 4 दिन में एक लाख छात्रों की प्रविष्टि की गयी है 270 अशासकीय विद्यालयों के द्वारा किसी भी छात्र की प्रविष्टि नहीं किये जाने के कारण समस्त विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है जिनमें प्रमुख विद्यालय हॉली ट्रिनिटी सेंट्रल इंण्डिया एकेडमी , सेंट्रल मालवा एकेडमी , किंडर हायरसेकेण्ड्री , इनोवेटिव पब्लिक हायर सेकेण्ड्री , सतपुडा एकेडमी देवी अहिल्या चौबाराधीरा , वर्टेक्स कॉनवेन्ट स्कूल बाइट आर्सेनल आशातीत विद्यानिकेतन , ब्राइट स्टार पब्लिक स्कूल , सेंट उमर हायरसेकेण्ड्री स्कूल , ज्ञान सागर एकेडमी इत्यादि अधिकतम नामांकन वाले विद्यालयों को भी नोटिस जारी कर 3 दिवस में कार्य पूर्ण कर कारण बताओं सूचना पत्र का जवाब डी . पी.सी के माध्यम से प्रस्तुत करने को आदेशित किया गया है अन्यथा मान्यता समाप्ति की एक पक्षीय कार्यवाही की जावेगी ।

  • राज्य स्तरीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप  में  देवास के खिलाड़ियों ने जीते 4 मेडल

    राज्य स्तरीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में देवास के खिलाड़ियों ने जीते 4 मेडल

    देवास। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खिलाडिय़ों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 2 सिल्वर और 2 ब्रोन्ज मेडल जीते। कोच सीएसएम जितेन्द्र गोस्वामी ने बताया कि 21वी राज्य स्तरीय अंतरजिला 20 वर्ष से कम बालक/बालिका एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 14 अप्रैल को टीटी नगर स्टेडियम भौपाल में समपन्न हुईं। जिसमें हिन्द फौज सैनिक एवं देवास जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के खिलाडिय़ों ने दो सिल्वर एवं दो ब्रोन्ज के साथ चार मेडल प्राप्त किए। विजेता खिलाड़ी रजू यादव 3000 मीटर स्टिरपलचैस में सिल्वर एवं 5000 मीटर में ब्रोन्ज मेडल राजकुमार बागडिया ने 3000 मीटर रेस में ब्रोन्ज मैडल एवं पुनम सविता ने 400मीटर रेस में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर देवास जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन सचिव अनिल श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव, देवास जिला/कारपोरेशन मास्टर एथलेटिक्स एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक राजेश यादव, संरक्षक विकास गिरी, अध्यक्ष सुरेश शर्मा, हिन्द फौज सीनियर सैनिक अजय दायमा, सुरेन्द्र शुक्ला, चन्द्रशेखर तिवारी, ललित द्विवेदी, रवि अग्रवाल, सुरेश शर्मा, अरूण शर्मा, मनोज पटेल, विक्रांत जोशी, अंकुर भाटिया, कुमेर सिंह वर्मा, मनप्रीत सिंह, सुभाष चावड़ा, कुशल राजपूत, राजपाल ठाकुर, अफजल राणा, वेद प्रकाश, प्रवीण पंवार, विकास गिरी, कविता शर्मा, श्रीजा अग्रवाल, सोनाली गिरडे, मीना राव, मोना तिवारी, आरती दायमा, अंशुमन खातरकर, मेघना पुरोहित, ज्योति मेम, गरिमा राठौर, सीमा गिरी, निशी चतुर्वेदी, स्मिता चौधरी, अमृता नाइगोकर, रीना पटेल, पुनीत गिरी आदि ने बधाई दी।

  • देवास जिले में स्कूल संचालकों, पुस्तक प्रकाशकों एवं विक्रेताओं के एकाधिकार को समाप्त करने के प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी

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आदेश का उल्‍लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों के तहत होगी कार्यवाही

    देवास जिले में स्कूल संचालकों, पुस्तक प्रकाशकों एवं विक्रेताओं के एकाधिकार को समाप्त करने के प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी ————– आदेश का उल्‍लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों के तहत होगी कार्यवाही

    देवास जिले में स्कूल संचालकों, पुस्तक प्रकाशकों एवं विक्रेताओं के एकाधिकार को समाप्त करने के प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी ————– आदेश का उल्‍लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों के तहत होगी कार्यवाही ————- स्कूल में संचालित प्रत्येक कक्षा के लिये अनिवार्य पुस्तकों की सूची विद्यालय के परीक्षा परिणाम के पूर्व ही अपने स्कूल की बेवसाइट पर अपलोड करेंगे ————- स्कूल संचालक/प्राचार्य विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों को सूचीबध्द पुस्तकें परीक्षा परिणाम अथवा उसके पूर्व क्रय करने के लिए बाध्य नहीं करेंगे ———— अभिभावक पुस्तकों की उपलब्धता के आधार पर 15 जून 2023 तक क्रय कर सकेंगे ————- कोई भी विद्यालय अधिकतम दो से अधिक यूनिफार्म निर्धारित नहीं कर सकेंगे ———— देवास, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (1) (2) के तहत स्कूल संचालकों, पुस्तक प्रकाशकों एवं विक्रेताओं के एकाधिकार को समाप्त करने के लिए देवास जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा के लिए प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी किये है। यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्‍लंघन करेगा तो उसके विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी। जारी निर्देशानुसार स्कूल संचालक/प्राचार्य स्कूल में संचालित प्रत्येक कक्षा के लिये अनिवार्य पुस्तकों की सूची विद्यालय के परीक्षा परिणाम के पूर्व ही अपने स्कूल की बेवसाइट पर अपलोड करेंगे एवं विद्यालयीन सार्वजनिक सूचना पटल/स्थान पर चस्पा करेंगे। मान्यता नियमों के अन्तर्गत स्कूल की स्वयं की बेवसाइट होना अनिवार्य है। स्कूल के प्राचार्य/संचालक पुस्तकों की सूची की एक प्रति प्रवेशित अभिभावकों को प्रवेश के समय एवं परीक्षा परिणाम के समय आवश्यक रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। स्कूल संचालक/प्राचार्य विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों को सूचीबध्द पुस्तकें परीक्षा परिणाम अथवा उसके पूर्व क्रय करने के लिए बाध्य नहीं करेंगे। अभिभावक पुस्तकों की उपलब्धता के आधार पर 15 जून 2023 तक क्रय कर सकेंगे। ऐसी स्थिति में अप्रैल माह में प्रारंभ होने वाले शैक्षणिक सत्र में प्रथम तीस दिवस की अवधि 01 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023 तक के मध्य का उपयोग विद्यार्थियों के ओरिएंटेशन व्यवहारिक ज्ञान व मनोवैज्ञानिक पध्दति से शिक्षण में किया जावेगा। स्कूल जिस नियामक बोर्ड यथा सी.बी.एस.ई/आई.सी.एस.ई/एम.पी.बी.एस.ई./ माध्यमिक शिक्षा मण्डल आदि से सम्बध्द है, उस संस्था के द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम व पाठ्यक्रम के अन्तर्गत नियामक संस्था अथवा उसके द्वारा विधिकरूप से अधिकृत ऐजेंसी यथा एन.सी.आर.टी.ई. म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम आदि के द्वारा प्रकाशित एवं मुद्रित पुस्तकों के अतिरिक्त अन्य प्रकाशको/मुद्रकों द्वारा प्रकाशित की जाने वाली पुस्तकों को विद्यालय में अध्यापन के लिए प्रतिबंधित करेंगे। स्कूल संचालक/प्राचार्य सुनिश्चित करेंगे कि उक्त के अतिरिक्त अन्य विषयों जैसे नैतिक शिक्षा, सामान्य जान, कम्प्यूटर आदि की निजी प्रकाशकों/मुद्रकों द्वारा प्रकाशित पुस्तकें क्रय करने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा। स्कूल संचालक/प्राचार्य द्वारा विद्यार्थियों/अभिभावकों को पुस्तकें, कापियां, सम्पूर्ण यूनिफार्म आदि सम्बन्धित स्कूल/ संस्था अथवा किसी भी एक दुकान/विक्रेता/संस्था विशेष से क्रय किये जाने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा। स्कूल संचालक/प्राचार्य/पालक शिक्षक संघ (पी.टी.एम.) सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्थिति में पुस्तकों के निजी प्रकाशक/मुद्रक/विक्रेता स्कूल परिसर में प्रचार प्रसार के लिए किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं करें। स्कूल संचालक/प्राचार्य/ विक्रेता द्वारा पुस्तकों के सेट की कीमत बढ़ाने के लिए अनावश्यक सामग्री जो निर्धारित पाठ्यक्रम से सम्बन्धित ही नहीं है का समावेश सेट में नहीं किया जायेगा। कोई भी विक्रेता किसी भी कक्षा के पूरे सेट को क्रय करने की बाध्यता नहीं रखेगा, यदि किसी विद्यार्थी के पास पुरानी पुस्तकें उपलब्ध है तो उसे केवल उसकी आवश्यकता की पुस्तकें ही विक्रेता द्वारा उपलब्ध कराई जायेगी। नोट बुक, कॉपी पर ग्रेड किस्म, साइज, मूल्य, पृष्ठ संख्या स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिये, किसी भी पुस्तक, नोट बुक, कॉपी अथवा इन पर चढ़ाये जाने वाले कवर पर विद्यालय का नाम मुद्रित नहीं किया जायेगा। कोई भी विद्यालय अधिकतम दो से अधिक यूनिफार्म निर्धारित नहीं कर सकेंगे ब्लेजर/स्वेटर इसके अतिरिक्त होगा। विद्यालय प्रशासन द्वारा यूनिफार्म का निर्धारण इस प्रकार किया जा सकेगा कि कम से कम 03 वर्ष तक इसमें परिवर्तन नहीं हो विद्यालय प्रशासन द्वारा वार्षिकोत्सव अथवा अन्य किसी आयोजन पर किसी भी प्रकार की वेशभूषा को विद्यार्थियों/पालकों को क्रय करने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा। जिन विषयों के सम्बन्ध में नियामक संस्था के द्वारा कोई पुस्तक प्रकाशित/मुदित नहीं की गई है। उस विषय से सम्बन्धित किसी अन्य पुस्तक को अनुशंसित किये जाने के पूर्व स्कूल संचालक सुनिश्चित करेंगे कि उक्त पुस्तक की पाठ्य सामग्री ऐसी आपत्तिजनक नहीं हो जिससे कि लोक प्रशांति भंग होने की संभावना हो। चूंकि यह आदेश जन साधारण की सुविधा के लिए तत्काल प्रभावशील किया जाना आवश्यक है।

  • (लोकप्रिय साप्ताहिक स्तम्भ ‘नारद संहिता’ वरिष्ठ पत्रकार , महेश दीक्षित की कलम से )कमलनाथ नहीं लड़ेंगे चुनाव, सबकी नानीयो की धना धन, मालवा के सांसद जी की परेशानी, भोपाल दक्षिण-पश्चिम से चुनाव लड़ेंगे राहुल, बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना

    (लोकप्रिय साप्ताहिक स्तम्भ ‘नारद संहिता’ वरिष्ठ पत्रकार , महेश दीक्षित की कलम से )कमलनाथ नहीं लड़ेंगे चुनाव, सबकी नानीयो की धना धन, मालवा के सांसद जी की परेशानी, भोपाल दक्षिण-पश्चिम से चुनाव लड़ेंगे राहुल, बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना

    ————————————————– —————————————————- कमलनाथ चुनाव नहीं लड़ेंगे! मध्यप्रदेश में अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस ने तमाम दिग्गज नेताओं की असहमति के बावजूद ऐलान कर दिया है कि, पार्टी विधानसभा चुनाव कमलनाथ के नेतृत्व में ही लड़ेगी। पर, कमलनाथ के करीबी सूत्रों का कहना है कि, कमलनाथ पार्टी को तो चुनाव लड़वाएंगे, पर खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे। कमलनाथ चुनाव न लड़कर दूर की कोड़ी खेल रहे हैं। वो यह कि, कांग्रेस यदि चुनाव में बहुमत हासिल करती है, तो उनका सीएम बनना तय है। इसके लिए कोई भी सीट खाली कराकर विधानसभा में पहुंच जाएंगे। यदि कांग्रेस चुनाव हार जाती है, तो कमलनाथ पीसीसी चीफ तो बने ही रहेंगे। इसके साथ हार से होने वाली बेइज्जती से भी बच जाएंगे। इसे कहते हैं कमलनाथ कूटनीति। — सबकी नानियों की धना-धन! राजधानी में हाल ही में शहीद हेमू कालानी की याद में देश-दुनिया के सिंधियों का मजमा लगा। इस मजमे में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सीएम शिवराज और सिंधियों के बड़े संतों के पहुंचने से भाजपा की दो ‘नानियों’ की बल्ले-बल्ले हो गई । इनमें एक ‘नानी’ भाजपा संगठन की महामंत्री हैं, तो दूसरी ‘नानी’ सांसद हैं। भाजपा की इन दोनों ‘नानियों’ के संयोजकत्व में आयोजित इस सिंधी मजमे से सिंधियों का क्या राजनीतिक फायदा हुआ? यह विश्लेषण का विषय है। लेकिन दोनों ‘नानियों’ ने इस सिंधी मजमे के जरिए जमकर धना-धन (चंदा उगाही) की… इसके साथ दोनों ‘नानियों’ ने शक्ति प्रदर्शन कर यह भी संदेश दे दिया कि, हम किसी कम नहीं। हमें पार्टी में इग्नोर करने की कोशिश नहीं करना। संघ का वरदहस्त हमारे सिर पर है। जय हो भाजपा की दोनों ‘नानियों’ की…! — मालवा के सांसदजी की परेशानी! मालवा क्षेत्र के एक सांसदजी जो विवादास्पद बयानों को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहते हैं। अभी चर्चाओं में हैं। सांसदजी जहां भी जाते हैं समाज सुधार और संस्कारों की बड़ी-बड़ी बातें हांकते हैं। लेकिन इन दिनों सांसदजी खुद अपने घर में ही परेशान हैं। सांसदजी की परेशानी की वजह ड्रग एडिक्ट ‘मीत’ बताया जाता है। कहते हैं नाइट कल्चर के शौकीन मीत ने सांसदजी की नाक में दम कर रखी है। मालवा के एक नेताजी नारदजी को बताते हैं ‘मीत’ की वजह से सांसदजी की पार्टी में तो छिछालेदार हो ही रही है, पार्टी हाईकमान की निगाहों में भी नंबर कम’ हो रहे हैं। कुल मिलाकर मीत की प्रीत सांसदजी के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। यही नहीं 2024- लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सांसदजी के राजनीतिक भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। —- भोपाल दक्षिण-पश्चिम सीट से चुनाव लड़ेंगे राहुल! प्रख्यात कथा वाचक पं. देवकीनंदन ठाकुर की सात दिवसीय भागवत कथा के जरिए प्रदेश भाजपा के मंत्री राहुल कोठारी ने एक तरह से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी लांचिंग कर दी है। कहा जा रहा है कि, राहुल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। राहुल की दावेदारी इसलिए भी सबसे मजबूत है, क्योंकि वे जितने मप्र में सीएम शिवराज, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के करीबी माने जाते हैं, उतने ही दिल्ली में वे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और अनुराग ठाकुर की गुड लिस्ट में माने जाते हैं। नारदजी कहते हैं कि, राहुल ने एक चमकदार युवा नेता के रूप में प्रदेश की भाजपाई राजनीति में सबसे अलग लाइन खींची है। जिसके पुरस्कार के रूप में उन्हें माननीय बनने का मौका तो मिलना ही चाहिए। यह अलग बात है, उनकी दावेदारी स्थानीय नेताओं की आंखों में बुरी तरह से खटक रही है। — बेगानी शादी में अब्दुला दीवाना मप्र भाजपा के एक उम्रदराज एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष इन दिनों राजनीतिक वनवास भोग रहे हैं और दिल्ली हाईकमान की रीति-नीति एवं इशारों से नहीं लगता कि, उनका राजनीतिक वनवास कभी खत्म होने वाला है। बावजूद इसके ये नेताजी बिन बुलाए मेहमान की तरह भाजपा की हरेक बैठक, कार्यक्रम और आयोजनों में पहुंच जाते हैं। फिर खुद ही उन कार्यक्रमों और आयोजनों के फोटो सोशल मीडिया पोस्ट करते हैं। संभवत: यह बताने के लिए कि, बूढ़ा हो गया हूं, पर मेरी इच्छा शक्ति अभी मरी नहीं है। नारदजी कहते हैं कि, सत्ता का सुख वो अफीम है, जिसको उसकी लत लग जाए, उसका नशा फिर कैसे भी सिर से उतरता नहीं है। ऐसे किरदारों के लिए ही यह जुमला बना है- बेगानी शादी में अब्दुला दीवाना..! ———– Email id-maheshdixit66@gmail.com/(mb)-9893566422

  • अब मिलेगी 93 अवैध कालोनियो मे नागरिक अधोसंचना एंव भवन निर्माण की अनुमति

    अब मिलेगी 93 अवैध कालोनियो मे नागरिक अधोसंचना एंव भवन निर्माण की अनुमति

    93 अवैध कालोनियो मे रहवासी जिनके भवन, भूखण्ड है वे विकास शुल्क जमा कर अनुमति प्राप्त करें- महापौर देवास/ शासन निर्देशो के अनूरूप क्रियान्वित नियम म.प्र. (कालोनी विकास) नियम 2021 के नियमो अनुरूप अवैध कालोनियो मे नागरिक अधोसंचरना उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान मे वर्ष 2016 के पूर्व की नगर निगम सीमा क्षेत्र की 93 कालोनी जिसकी नागरिक अधोसंरचना एवं भवन निर्माण अनुमति जारी की जाना है। महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल ने बताया कि ऐसी 93 कालोनियो मे नियमो के अनुरूप विकास शुल्क जमा कर भवन निर्माण की अनुमति दी जावेगी। उक्त कालोनियो मे भवन निर्माण अनुमति प्राप्त होने पर संबंधित हाउसिंग ऋण आदि प्राप्त कर सकेगें तथा अनुमितयां भी प्राप्त कर सकेगें। महापौर ने यह भी बताया कि जो भवन बिना अनुमति के बने है उनका निगम के साथ कम्पाउंडिग शुल्क, विकास शुल्क जमा कर अपने भवन को वैध करा सकेगें साथ ही यह भी बताया कि नागरिकगण जो ऐसी कालेानियो मे निवासरत है या जिनके भूखण्ड है ऐसे नागरिकगण तत्काल विकास शुल्क जमा कर निगम से अनुमति प्राप्त करें। इसी प्रक्रिया के अन्तर्गत ऐसी कालोनियो मे नागरिक अधोसंरचना भी उपलब्ध कराई जावेगी। उक्त 93 कालोनी जो की नागरिको के लिए उल्लेखित है जिनमे महांकाल नगर पार्ट-1, महांकाल नगर पार्ट-2, महांकाल नगर पार्ट-3, महादेव नगर, डायमंण्ड कालोनी पार्ट-1, डायमंड कालोनी पार्ट-2 परिहार कालोनी पार्ट-1, परिहार कालोनी पार्ट-2, परिहार कालोनी पार्ट-3, कचंन कालोनी, सोना पैलेस कालोनी, अन्नपूर्णा नगर, गजरा गियर्स चौराहे के पास स्टेशन रोड, शिमला नगर के पास, रविशंकर शुक्ल नगर, विष्णु कालोनी, गजानंद कालोनी, गोविन्द नगर एक्सटेंशन, गोविन्द नगर, रौनक कालोनी पार्ट-1 रौनक कालोनी पार्ट-2, रौनक कालोनी पार्ट-3, नवमाता मंदिर, परमानंद कालोनी पार्ट-2, परमानंद कालोनी पार्ट-3, परमानंद कालोनी पार्ट-1 ए, परमानंद कालोनी पार्ट-1 बी, सिलवर कालेानी पार्ट-1, सिलवर कालोनी पार्ट-2, बालगढ नई आबादी पार्ट-1, बालगढ नई आबादी पार्ट-2, ग्राम देवास सिनियर की भूमि गुरूनानक कालोनी के पास, अनुकुल नगर के पास, मुखर्जी नगर शॉपिंग काम्पलेक्स के पास, राजाराम नगर के पास, इंदुखॉ कालोनी पार्ट-1, इंदुखॉ कालोनी पार्ट-2, इंदुखॉ कालोनी पार्ट-3, आलम नगर, डाबरा कालोनी सिलवर कालोनी पार्ट-3 बालगढ नई आबादी पार्ट-3, पालनगर के पास, शालीमार कालोनी पार्ट- 1,शालीमार कालोनी पार्ट-2,शालीमार कालोनी पार्ट-3,शालीमार कालोनी पार्ट-4, शालीमार कालोनी पार्ट-5, अर्जुन नगर आडा कांकड के पास पार्ट-1 अर्जुन नगर आडा कांकड के पास पार्ट- 2, आनंद बाग, नौसराबाद कालोनी के पास, पटेल नगर, ग्राम बावडिया की भूमि, जोया नगर पार्ट-1 जोया नगर पार्ट-2, जोया नगर पार्ट-3, हारून नगर पार्ट-1, हारून नगर पार्ट-2, हारून नगर पार्ट-3, नुसरत नगर पार्ट-1 (ए), नुसरत नगर पार्ट-1 (बी), नुसरत नगर पार्ट-1 (सी), नुसरत नगर पार्ट-2 (ए), नुसरत नगर पार्ट-2 (बी) नुसरत नगर पार्ट-3, रौशनी नगर कालोनी, जयशिव नगर कालोनी, मोदी जी का चोपडा पार्ट-2, मोदी जी का चोपडा पार्ट-3, मल्हार कालोनी शंकरगढ पार्ट-1, मल्हार कालोनी शंकरगढ पार्ट-2, मल्हार कालोनी शंकरगढ पार्ट-3 मल्हार कालोनी शंकरगढ पार्ट-4, मल्हार कालोनी शंकरगढ पार्ट-5, मल्हार कालोनी शंकरगढ पार्ट-6, मल्हार कालोनी शंकरगढ पार्ट-7, डाबरा कालोनी, खेत कालोनी, जमना नगर, विवेक नगर के पास, पुष्पकुंज कालोनी पार्ट-7 ए, पुष्पकुंज कालोनी पार्ट-10, पुष्पकुंज कालोनी पार्ट-11, पुष्पकुंज कालोनी पार्ट-12, पुष्पकुंज कालोनी पार्ट-3 पुष्पकुंज कालोनी पार्ट-4, पुष्पकुंज कालोनी पार्ट-5, पुष्पकुंज कालोनी पार्ट-8, अन्नपूर्णा नगर पार्ट-1, अन्नपूर्णा नगर पार्ट-2 उक्त कालोनियो मे नागरिक अधोसंरचना एवं भवन निर्माण अनुमति के लिए संबंधित विस्तृत जनकारी के लिए नगर निगम कार्यालय के भूतल क्रमांक 7 पर जानकारी प्राप्त कर सकते है। इस प्रकार की प्रक्रिया से नगर निगम द्वारा निगम सीमा क्षेत्र की 93 अवैध कालोनियो मे नागरिक अधोसंरचना एवं भवन निर्माण की अनुमति दी जावेगी । महापौर जनसुनवाई मे हुआ निगम संबंधि शिकायतो का निराकरण देवास/ नगर निगम मे प्रति बुधवार को होने वाली महापौर जनसुनवाई के अन्तर्गत महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल के बाहर प्रवास पर होने के कारण बुधवार को निगम मे महापौर जनसुनवाई निगम राजस्व समिती अध्यक्ष जितेन्द्र मकवाना के द्वारा निगम उपायुक्त वित्त पुनित शुक्ला, निगम कार्यपालन यंत्री नागेश वर्मा के साथ की गई। जनसुनवाई मे नागरिको द्वारा निगम संबंधि 5 शिकायतो के आवेदन प्राप्त हुए जिनका निराकरण किये जाने हेतु संबंधित विभागो मे भेजा गया तथा 4 मजदूर डायरी का वितरण हिग्राहियो को किया गया। इस अवसर पर निगम सहायक यंत्री इंदुप्रभा भारती, जगदीश वर्मा, कार्यालय अधिक्षक अशोक उपाध्याय, उपयंत्री मुशाहीद हन्फी, अशोक देशमुख, हरेन्द्रसिह ठाकुर, विकास शर्मा, गिरजेश शर्मा, प्रहलाद चौहान आदि उपस्थित रहे।