Category: विशेष

  • गैंगस्टर के मामले में दोषी सांसद अंसारी की सदस्यता समाप्त, गई सांसदी सजा के कारण

    गैंगस्टर के मामले में दोषी सांसद अंसारी की सदस्यता समाप्त, गई सांसदी सजा के कारण

    गाजीपुरः गाजीपुर कोर्ट से सजा मिलने के बाद अफजाल अंसारी की लोकसभा से सदस्यता खत्म कर दी गई है। अफजाल को 16 साल पुराने गैंगस्टर के मामले, में दोषी ठहराया गया था और 4 साल की सजा सुनाई गई थी। उन पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है। वहीं उनके भाई और माफिया मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई गई थी। अफजाल अंसारी के खिलाफ 16 साल पहले कृष्णानंद राय हत्याकांड और रुंगटा अपहरण मामले को लेकर दर्ज गैंगस्टर ऐक्ट मामले में 4 साल की सजा सुनाई गई थी। नियम के मुताबिक, 2 साल या इससे ज्यादा की सजा पर सांसदों या विधायकों को सदन की सदस्यता के अयोग्य घोषित कर दिया जाता है और उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाती है। अफजाल से पहले आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला की भी सदस्यता सजा होने के बाद जा चुकी है। इसके अलावा बीजेपी विधायक विक्रम सैनी की भी हाल ही में 2013 दंगों में दोषी करार दिए जाने के बाद सदस्यता खत्म कर दी गई थी। अफजाल अंसारी साल 2004 में पहली बार सांसद चुने गए थे। इसके बाद 2005 में उन्हें कृष्णानंद राय हत्याकांड मामले में जेल जाना पड़ा था। साल 2009 में उन्हें सपा से टिकट नहीं मिला तो वह बीएसपी में शामिल हो गए थे। इस बार उन्हें जीत नहीं मिली और सपा के प्रत्याशी से अफजाल चुनाव हार गए। साल 2014 में बलिया सीट से उन्होंने कौमी एकता दल के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन फिर उन्हें हार मिली। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में वह अपने पूरे परिवार के साथ बीएसपी में शामिल हो गए थे।

  • देवास शहर नहीं, अब तो देवास हुआ- फ्लेक्स सिटी, राजनीति दल नहीं मान रहे अपने नेताओं का निर्देश। स्वच्छ मिशन के निर्देशों की उड़ा रहे धज्जियां

    देवास शहर नहीं, अब तो देवास हुआ- फ्लेक्स सिटी, राजनीति दल नहीं मान रहे अपने नेताओं का निर्देश। स्वच्छ मिशन के निर्देशों की उड़ा रहे धज्जियां

                                  देवास  = देवास शहर इन दिनों मां चामुंडा की नगरी के बजाय फ्लेक्स  नगरी में तब्दील हो चुका है पूरा एबी रोड सहित शहर के अनेक हिस्सों में आए दिन आयोजनों एवं जन्मदिन को लेकर इतने अधिक फ्लेक्स लगाए जाते हैं कि पूरा शहर अजीबोगरीब दिखने लगता है इतने अधिक फ्लेक्स तो इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में भी नहीं लगते हैं।  शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी व प्रवक्ता सुधीर शर्मा ने कहा कि शहर की खूबसूरती को बिगाड़ रहे इस फ्लेक्स संस्कृति को रोकना होगा चाहे फिर बात भारतीय जनता पार्टी की हो या कांग्रेस की या अन्य किसी स्वस्था की सभी ने मिलकर इस पर विचार करना चाहिए। वही यह फ्लेक्स संस्कृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के निर्देशों की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। इस तरह से अगर हम गंदगी फैलाते रहे तो स्वच्छता अभियान का क्या मतलब।  फ्लेक्स संस्कृति से नाराज होकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ जी ने अपने मुख्यमंत्री काल में फ्लेक्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं कुछ माह पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी पार्टी के कार्यक्रम में नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा था कि फ्लेक्स संस्कृति पर रोक लगना चाहिए यह संस्कृति दूरियां बढ़ाने का काम कर रही है । जरूरी नहीं है कि जन्मदिन की बधाई या उपलब्धियों का बखान फ्लेक्स लगा के किया जाए । लोग पूरी तरह से जागरूक है और हर तरह से समझते हैं किस-किस ने शहर के हित में काम किया है जो काम करते हैं उन्हें काम गिनाने की आवश्यकता नहीं है सभी दल ने एवं बुद्धिजीवियों ने मिलकर फ्लेक्स संस्कृति को रोके जाने पर विचार करना चाहिए। अति आवश्यक की स्थिति में ही व्यक्तिगत फ्लेक्स लगना चाहिए जहां तक कंपनियों के प्रोडक्ट और उनके विज्ञापन का सवाल है उस तरह के होर्डिग  अगर लगते हैं तो वह जनहित के होने के साथ आवश्यक भी है। —

  • लाडली बहना सेंटर तक नहीं पहुंच पाई तो  पार्षद प्रतिनिधि ने घर जाकर लिए आवेदन

    लाडली बहना सेंटर तक नहीं पहुंच पाई तो पार्षद प्रतिनिधि ने घर जाकर लिए आवेदन

    मध्यप्रदेश की बहनों के लिए एक हजार रु प्रतिमाह देने की प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में विगत डेढ़ माह से सरकार द्वारा वार्डों में कैंप लगाकर लाडली बहना के आवेदन लिए जा रहे हैं लेकिन जो बहने किसी बीमारी या अन्य कारणों के चलते कैंप तक जाने में असमर्थ हैं उनके लिए वार्ड 32 के पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण वर्मा उनके घर जाकर लाड़ली बहना का आवेदन करवा रहे है, पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण वर्मा ने बताया की वार्ड की जो बहन सेंटर तक जाकर आवेदन करने में असमर्थ है हम पूरी टीम के साथ उनके घर पहुंचकर ekyc समग्र आइडी में करेक्शन और लाड़ली बहना का आवेदन करवा रहे हैं, श्री वर्मा ने बताया की हमारा उद्देश्य है की कोई भी बहन योजना से वंचित ना रहे और भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश की बहनों को हर माह एक हजार रु दी जाने वाली इस योजना में वार्ड की हर बहन लाभान्वित हो, इस उद्देश्य और मुख्यमंत्री जी के बहनों के नाम संदेश को लेकर हम घर घर जा रहे हैं इस अवसर पर वार्ड के सनी गंभीर, नगर निगम की टीम और वार्ड की आंगनवाड़ी की कार्यकर्ता उपस्थित थी,,,

  • देवास जिले कि 50 आशा कार्यकर्ता पहुंची ग्वालियर धरना प्रदर्शन में निलंबित आशा कार्यकर्ताओं को किया बहाल

    देवास। जिलेभर की आशा कार्यकर्ता आशा-आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ के बेनर तले 44 दिनों से हड़ताल पर बैठी है। विभिन्न माध्यमों से सरकार तक अपनी मांगे पहुंचा रही है। जिलाध्यक्ष सुनीता चौहान एवं अनुराधा लोधी ने बताया कि ग्वालियर में आशाओं के साथ हुए दुव्र्यवहार एवं कार्यवाही के विरोध में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता भोपाल पहुंची और धरना दिया। इसी कड़ी में देवास जिले से भी करीब 50 से अधिक आशाएं ग्वालियर धरने में शामिल हुई। संगठन मंत्री अनिता सिंह ने कहा कि ग्वालियर में आशाओं पर हुई एफआईआर और निलम्बन के विरोध में धरना दिया गया। आशाओं के धरने को देखते हुए जिला प्रशासन ने समस्त निलंबित आशाओं को बहाल कर दिया और जिन आशाओ पर प्रकरण दर्ज हुआ उन्हें खत्म करने का आश्वासन दिया गया। तब जाकर प्रदेश स्तरीय धरना समाप्त हुआ। हड़ताल को डेढ़ माह हो चुका है, लेकिन मप्र शासन द्वारा हमारे पक्ष में कोई ठोस निर्णय नही लिया गया। हमारी मांग है कि आशाओं को 10 हजार और पर्यवेक्षकों को 15 हजार रुपए देना निश्चित किया जाए। आशा/आशा पर्यवेक्षकों को कर्मचारी के रूप में नियमित किया जाए, तब तक न्यूनतम वेतन देने, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए किया जाए, भविष्य निधि, ईएसआई, ग्रेच्युटी, पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा लाभ दिया जाए। हमारी हड़ताल 30 अप्रैल तक चलेगी। यदि उसके पश्चात मांगे पूरी नही होती है तो आशाएं भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। ग्वालियर में हुए आंदोलन के दौरान माया पारिता, सम्पत कर्मा, कविता विजया, भगवंता सेफ्टा, नीतु, अमीना बी, भूरि बोड़ाना, मंजू कौशल, रिंकी मुछाल, प्रेमलता, मंजू सहित बड़ी संख्या में जिले की आशाएं पहुंची।

  • असंतुष्ट पर नहीं चला ‘तोमर’ दाव ,                                 कांग्रेस् की चिंता 12 संदिग्ध विधायक,                        राजनीति में फंसे सत्कार अधिकारी,                    आबकारी महकमा और मैडम बवीता( प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार महेश दीक्षित का लोकप्रिय साप्ताहिक स्तंभ नारद संहिता)

    असंतुष्ट पर नहीं चला ‘तोमर’ दाव , कांग्रेस् की चिंता 12 संदिग्ध विधायक, राजनीति में फंसे सत्कार अधिकारी, आबकारी महकमा और मैडम बवीता( प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार महेश दीक्षित का लोकप्रिय साप्ताहिक स्तंभ नारद संहिता)

    —————————————————- असंतुष्ट पर नहीं चला तोमर दाव मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में अबकी बार 200 पार का नारा देने वाले भाजपा के रणनीतिकारों की यह सोच-सोचकर धड़कनें बढ़ रही हैं कि, यदि असंतुष्ट और नाराज़ नेता नहीं माने, तो क्या होगा? भाजपा संगठन ने भोपाल में असंतुष्ट एवं नाराज नेताओं के संतुष्टीकरण का जिम्मा केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को सौंपा। तोमर ने इसके लिए ‘संतुष्टीकरण’ बैठक बुलाई। उन्होंने असंतुष्ट एवं नाराज नेताओं से सामूहिक और वन-टू-वन चर्चा की। बताते हैं बैठक में पूरे भोपाल जिले से सिर्फ 30 नेता ही आए। हरेक नेता की यही शिकायत रही कि, पार्टी में 40 से 60 साल की उम्र वाले निष्ठावान नेताओं की उपेक्षा हो रही है। संघ और कांग्रेस से आयातित नेताओं को मलाई परोसी जा रही है। खैर, तोमर की असंतुष्टों के संतुष्टीकरण की कवायद कितनी सार्थक रही, यह तो चुनाव में ही पता चलेगा। लेकिन नारदजी कहते हैं कि, तोमर के समक्ष जिस तरह से असंतुष्ट नेताओं ने तेवर दिखाए, वे आने वाले दिनों भाजपा के लिए शुभ संकेत तो कतई नहीं हैं।

    कांग्रेस की चिंता 12 संदिग्ध विधायक मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में सात महीने बचे हैं, पर कांग्रेस को इस बात की चिंता सता रही है कि, 2019 में श्रीमंत के साथ 22 विधायक कांग्रेस से धोखाबाजी कर भाजपा में चले गए थे और कमलनाथ की अच्छी-भली चलती सरकार को गिरा दिया था। इस बार चुनाव से पहले वो 12 विधायक धोखा न दे जाएं, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान पार्टी गाइड लाइन से अलग जाकर भाजपा प्रत्याशी द्रोपदी मुर्मू (वर्तमान राष्ट्रपति) के पक्ष में वोटिंग की थी। बताते हैं कि कांग्रेस ये 12 विधायक राष्ट्रपति चुनाव के समय से भाजपा के बड़े नेताओं से लगातार गलबहियां कर रहे हैं। अब देखना है कि संदिग्ध हो चुके 12 विधायकों की कांग्रेस किस तरह से बाड़ा बंदी करती है। हालांकि, नारदजी से कांग्रेस के एक पदाधिकारी कहते हैं कि, इस बार विधानसभा चुनाव में पार्टी उन्हीं पर दांव लगाएगी, जो इस कसम के साथ शपथ पत्र लिखकर देगा कि धोखा नहीं दूंगा। —-

    इस मैसेज का भावार्थ बताइए यह मैसेज सोशल मीडिया मप्र भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी दीपक विजयवर्गीय का है…कि ऐसे झोलाछाप डाक्टरों से गंभीर बीमारी के इलाज की उम्मीद, असल में उनके साथ नाइंसाफी है, जिन्हें नाड़ी ज्ञान भी नहीं है…दीपक ने इस मैसेज के जरिए पार्टी की अंदरूनी कलह और जमीनी स्थिति बयां की है…लेकिन सवाल यह है कि, पार्टी में झोलाछाप डाक्टर कौन-कौन हैं…खैर नेता-कार्यकर्ता सब जानते हैं… नारदजी बता दें कि, दीपक विजयवर्गीय मप्र भाजपा के उन नेताओं में शुमार हैं, जिनकी छबि पार्टी में बेहद संजीदा और ईमानदार नेता की रही है। तथा दीपक और उन सरीखे सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं को पार्टी संगठन ने पिछले तीन साल से साइड लाइन कर रखा है। पार्टी के जिम्मेदारों के लिए इशारा ही काफी है।

    राजनीति में फंसे सत्कार अधिकारी भाजपा संगठन ने जब से भाजपा नेता कुलदीप खरे और राजेश हिंगोरानी को पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं के स्वागत-सत्कार के लिए सत्कार अधिकारी बनाया है, तब से मुख्यालय में दोनों ‘सत्कारियों’ को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। फैलान यह हो रही है कि वरिष्ठ नेताओं का स्वागत-सत्कार तो सिर्फ एक बहाना है। दरअसल, संगठन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी द्वारा अपनी भावी राजनीति चमकाने और पड़ोसी चेंबर वाले पदाधिकारी भाईसाब की राजनीति खराब करने के लिए मुख्यालय में दोनों ‘सत्कारियों’ की नियुक्तियां करवाई गई हैं। मजेदार बात यह भी कि, संगठन ने ‘सत्कार अधिकारी’ तो बना दिया, लेकिन दोनों को मुख्यालय में बैठने के लिए कमरा नहीं मिल पा रहा है। वो इसलिए कि, जिन पदाधिकारी भाईसाब को कमरा अलाट करना है, ‘सत्कारियों’ के सरपरस्त , पदाधिकारी साहब उन्हें फूटी आंख नहीं सुहा ते हैं।

    आबकारी महकमा और मैडम बवीता राजधानी का शाहपुरा और बावड़ियां कलां इलाका इन दिनों सुरा प्रेमियों के लिए स्वर्ग हो रहा है। इलाके में कोई दर्जनभर बड़े-बड़े बार-रेस्टोरेंट चल रहे हैं, जहां सरकार और आबकारी महकमे की तमाम पाबंदियों के बावजूद बिना लाइसेंस शराब बेची और पिलाई जा रही है। बताते हैं कि, इस क्षेत्र में शराब बेचने और पिलाने वालों पर शिकंजा कसने का जिम्मा आबकारी महकमे की एक मैडम बवीता पर है। लेकिन मैडम ने रेस्टोरेंट-बार वालों को कह रखा है कि, खूब शराब बेचो और पिलाओ, पर हर महीने हमारा ख्याल रखते रहो। जब तक हमारा ख्याल रखोगे, हम आंखें बंद रखेंगे। वर्ना दुकान बंद करा देंगे। ——————————— Email id-maheshdixit66@gmail.com/ (mb)-9893566422

  • पेट लवर सभापति रवि जैन ने कराया अपने पेट का पहला पंजीयन
 महापौर ने दिया पहला पेट प्रणाम पत्र

    पेट लवर सभापति रवि जैन ने कराया अपने पेट का पहला पंजीयन महापौर ने दिया पहला पेट प्रणाम पत्र

    देवास/ म. प्र. शासन की योजना है जिसमे पशु पालको को अपने पालतु पशुओ का पंजीयन कराना होता है। ऐसे नागरिक जो पेट लवर हैं जिन्होने पेट (पालतु पशु) पाल रखें है उन्हें अपने पेट का पंजीयन कराना अनिवार्य है। उल्लेखनिय है कि पेट लवर पार्थ जैन सभापति रवि जैन के ज्येष्ठ पुत्र हैं। पार्थ जैन की अनुपस्थिती मे निगम सभापति रवि जैन कोे पेट पंजीयन का प्रमाण पत्र महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल के द्वारा दिया गया। निगम सभापति रवि जैन ने इस अवसर पर बताया कि देवास शहर मे जो पेट लवर है जिन्होने अपने घरो पर पेट पाल रखें है वे निगम मे अपने पेट का पंजीयन व लायसेंस अनि प्रमाण पत्र प्रमाण पत्र वार्य रूप से बनवायें। सभापति ने कहा कि मे भी एक पेट लवर हुं मेरे बेटे द्वारा नियमो पालन करते हुए निगम मे पेट का सबसे पहला पंजीयन कराया जो मुझे प्राप्त हुआ। मे सभी नागरिको से अपील करता हुं जितने भी पेट लवर हैं वे अपने पेट का निगम मे पंजीयन अवश्य करवाये। जिससे निगम मे आपके पेट का रेकार्ड भी रहेगा साथ ही कोई आपदा आती है तो पहले उपचार पालतु पेट का होगा।