Category: विशेष
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आजादी के बाद पहली बार सड़क की सौगात देने पहुंचे विधायक तो झूम उठा गांव 4 करोड़ की लागत से बनेगा चुरलाय-जलोदिया-खोकरिया मार्ग
देवास। बुधवार को ग्राम बड़ीचुरलाय में उस समय दीपावली जैसा माहौल निर्मित हो गया, जब रात करीब 8 बजे 4 करोड़ की लागत से बनने वाली बड़ीचुरलाय-खोकरिया-जलोदिया सड़क का भूमिपूजन करने के लिए क्षेत्रीय विधायक व अन्य अतिथि पहुंचे। आजादी के बाद पहली बार बन रही इस सड़क की खुशी न सिर्फ ग्राम बड़ीचुरलाय, खोकरिया व जलोदिया के ग्रामीणों को है, बल्कि आसपास के एक दर्जन से अधिक ग्रामवासी खुश दिखाई दे रहे है। माहौल कुछ ऐसा था कि जैसे ही अतिथियों ने गांव में प्रवेश किया धर की हर छत से महिलाओं, बच्चों द्वारा पुष्पवर्षा की जा रही थी और नीचे घर के पुरुष व नौजवानों द्वारा विधायक की आरती उतारकर श्रीफल भेंट किये जा रहे थे। कुल मिलाकर दीपावली से पहले ही ग्रामीणों ने दीपावली का उत्सव मना लिया। इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी की गई। इसी का परिणाम है कि भूमिपूजन कार्यक्रम में आसपास के लगभग 1 हजार ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और विधायक सहित सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। सरपंच प्रतिनिधि कुंदनसिंह ठाकुर ने बताया कि बुधवार को ग्राम बड़ीचुरलाय में 4 करोड़ से बनने वाली बड़ीचुरलाय-खोकरिया-जलोदिया सड़क का भूमिपूजन कार्यक्रम ग्राम पंचायत बड़ीचुरलाय द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में विधायक मनोज चौधरी, पूर्व जिपं अध्यक्ष नरेंद्रसिंह राजपूत, भाजपा नेता बहादुर मुकाती, भेरूसिंह उपड़ी, अनिलराजसिंह सिकरवार, भंवरसिंह गौड़, आनंदसिंह ठाकुर, विजयसिंह राजपूत, जगदीश चौधरी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। तत्पश्चात स्वागत भाषण भाजपा के वरिष्ठ नेता नरबतसिंह सिकरवार ने दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक चौधरी ने कहा कि ग्राम बड़ीचुरलाय व आसपास के गांवों से मुझे हमेशा आशीर्वाद मिलता आ रहा है और सिर्फ यही सड़क नहीं, बल्कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में 50 से अधिक सड़क बनाई जाएगी। कार्यक्रम को नरेंद्रसिंह राजपूत, बहादुर मुकाती, अनिल सिकरवार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मनोहरसिंह खोकरिया, बहादुरसिंह जलोदिया, राजेंद्र पाटीदार, अंतरसिंह सिकरवार, अर्जुन पाटीदार, संजय पाटीदार, राजाराम पाटीदार, भगवानसिंह बैस, राजेंद्रसिंह राजपूत, महेश पाटीदार, गोपाल पाटीदार,जीवन सिंह राजपूत खुर्द पिपल्या,लाखन सिंह ठाकुर धर्मेंद्रसिंह राजपूत,, बलराम चौधरी विष्णु मुकाती सहित बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीणजन व सरपंच, उपसरपंच उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन नरबतसिंह सिकरवार ने किया एवं आभार कुंदनसिंह ठाकुर ने माना
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सीईओ जनपद पंचायत देवास एवं लेखापाल को अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए – मप्र पंचायत सचिव संगठन ने नारेबाजी कर जिला पंचायत एवं कलेक्ट्रेट का किया घेराव
देवास। सीईओ जनपद पंचायत देवास एवं लेखापाल को अन्यत्र स्थानांतरण किए जाने की मांग को लेकर मप्र पंचायत सचिव संगठन ने गुरुवार को जिला पंचायत, जिला कलेक्टर का घेराव व नारेबाजी कर ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष आनंद सिंह ठाकुर एवं ब्लॉक अध्यक्ष कन्हैयालाल पटेल ने बताया कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत देवास द्वारा पंचायत सचिव एवं सरपंच के साथ गलत तरीके से बात की जाकर आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। सरपंच एवं सचिव द्वारा निर्माण कार्य के मूल्यांकन करवाने के पश्चात राशि भुगतान हेतु जाते हैं तो फाइलों पर स्वीकृति नहीं दी जाती हैं। जब सचिव सरपंच जाते तो उनसे स्तरहीन बदतमीजी से बातचीत की जाती है और फाइलों को हटा दी जाती है। ग्राम पंचायत द्वारा भुगतान हेतु फाइल जनपद पंचायत में प्रेषित करने के 1 से 2 माह तक भुगतान नहीं किया जाता है। ऐसी स्थिति जनपद पंचायत में उत्पन्न होने के कारण से सचिव ग्राम पंचायत ऐसे अधिकारी के साथ काम करने में असंतोष महसूस कर रहे हैं और भविष्य में अधिकारी द्वारा सचिव के साथ कुछ भी अनहोनी घटना के शिकार हो सकते हैं। इस प्रकार स्थिति को देखते हुए पंचायत सचिवो ने मांग की है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत देवास श्रीमती मारिषा शिंदे एवं शेर सिंह चौहान लेखापाल जनपद पंचायत देवास को जनपद से अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए। ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी का स्थानांतरण अन्यत्र नहीं होता तो समस्त सचिव एवं सरपंच मजबूर होकर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होकर समस्त सचिव कलमबंद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की रहेगी। संगठन ने ज्ञापन की कॉपी विधायक गायत्री राजे पवार एवं मनोज चौधरी को भी सौंपी। इस दौरान वीरेंद्र सिंह ठाकुर, सरपंच बनेसिंह लाखा, सरपंच पूनमचंद भंडारी, सरपंच जफर भाई, भगवान चौधरी, घनश्याम चौधरी, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, इरफान पठान, सिकंदर पटेल, अर्जुन देवड़ा, सुनील खींची, कालूराम प्रजापत, इस्माइल खान, अंतर सिंह चौहान, धर्मेंद्र सिंह ठाकुर, राजेंद्र मीणा, हुकम मंडलोई, मनोहर व्यास, निर्भय सिंह चौधरी, अरुण पटेल, रवि रावत, संजीव सिंघल, कमल मिश्रा, भगवान सिंह परिहार सहित समस्त ब्लॉक सचिव उपस्थित थे।
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युवा छात्र छात्राओं के लिए खास खबर) शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय देवास में संस्था स्तरीय काउंसलिंग के माध्यम से प्रवेश के लिए सुनहरा अवसर ————- संस्था स्तरीय काउंसलिंग का द्वितीय चरण 18 अक्टूबर को, एमपी ऑनलाईन पर रजिस्ट्रेशन 15 अक्टूबर तक करें
————– देवास, / शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय देवास में संचालित इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों इलेक्ट्रानिक्स एण्ड टेलीकम्युनिकेशन, कम्प्यूटर साईंस एण्ड इंजीनियरिंग तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए संस्था स्तरीय काउंसलिंग का द्वितीय चरण 18 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है। पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए निर्धारित योग्यता कक्षा 10 वी उत्तीर्ण है। प्रवेश के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को अपना रजिस्ट्रेशन एमपी ऑनलाईन पर 12 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक करवाना आवश्यक है। 18 अक्टूबर को संस्था में प्रातः 10.30 बजे उपस्थित होकर प्रवेश संबंधी समस्त गतिविधियां पूर्ण की जाना है। प्रवेश के समय छात्र/छात्रा अपने साथ ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन की प्रति, 10वी अंकसूची, शाला त्यागी प्रमाण पत्र (टी.सी.),मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, समग्र आई.डी., आधार कार्ड, की मूल प्रति एवं एक सेट फोटोकापी तथा तीन पासपोर्ट साईज फोटोग्राफ लेकर उपस्थित होवें।
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जनसेवा अभियान कार्य में लापरवाही पर आयुक्त ने सहायक राजस्व निरीक्षक को किया निलंबित
देवास। मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान को लेकर वार्डों में चल रहे सर्वे कार्यों पर विस्तृत चर्चा एवं कार्यों की समीक्षा आयुक्त विशालसिंह चौहान के द्वारा सभी हितग्राहीमूलक योजनाओं के विभाग प्रभारियों के साथ की गई। कहा गया कि वार्डों में सर्वे कार्य धीमी गति से हो रहा है, जिसमें देवास की स्थिति अन्य निगमों से अच्छी नहीं है। दिए गए लक्ष्य अनुसार कार्य हेतु वार्डों में लगाए गए कर्मचारियों द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है। वार्डवार जानकारी विभाग प्रभारियों से ली गई। जानकारी अनुसार जिन वार्ड प्रभारियों द्वारा सहयोगी अन्य विभाग से आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता प्रभारियों के द्वारा कार्य में लापरवाही की जा रही है। निगम वार्ड प्रभारियों की वार्डवार जानकारी लेते हुए सबसे कम सर्वे कार्य किए जाने में तथा कार्य में लापरवाही बरतने पर निगम सहायक राजस्व निरीक्षक राजेंद्रपांडे को निलंबित किया गया। ऐसे ही आंगनवाड़ी, आशा या अन्य विभाग, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, खाद्य एवं सभी योजनाओं के सर्वे में लगे कर्मचारियाें द्वारा की जा रही लापरवाही पर विभाग के प्रभारियों को कार्रवाई करने के निर्देश आयुक्त ने दिए। आयुक्त द्वारा प्रति दिवस रिपोर्ट लिपिक कुणाल दुबे तथा आयुष्मान कार्ड से संबंधित लिपिक सौरभ शर्मा को देने हेतु कहा। कार्य को गति देने के लिए सभी अधिकारियों को एक सप्ताह में लक्ष्य पूर्ति किए जाने के निर्देश दिए।
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प्रदेश के लिये ऐतिहासिक होगा श्री महाकाल लोक का लोकार्पण
———- देवास, 11 अक्टूबर का दिन मध्यप्रदेश के इतिहास में ऐतिहासिक होने जा रहा है। इस दिन प्राचीन काल-गणना नगरी उज्जयनी सहित प्रदेश के सभी मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर दीपोत्सव मनाया जाएगा। यह अवसर होगा, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल की नगरी उज्जैन में नव-निर्मित श्री महाकाल लोक का लोकार्पण। शिव लीलाओं की अदभुत छटा के साथ विकसित किया गया श्री महाकाल लोक न केवल प्रदेशवासियों वरन पूरे भारत के श्रद्धालुओं के लिये आकर्षण का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की विशेष रूचि ने उज्जैन नगरी को श्रद्धालुओं के लिये ऐसा विकसित कर दिया है कि पर्यटक एवं श्रद्धालु स्वयं ही खिंचे चले आयेंगे। यहाँ पौराणिक कथाओं पर केन्द्रित शिव लीलाओं के साथ ऐसी अधो-संरचनाएँ निर्मित की गई हैं, जिन्हें देख कर लोगों को पृथ्वी पर शिव लोक के दर्शन होंगे। श्री महाकाल लोक के लोकार्पण समारोह को सुखद और आनंदित बनाने के लिये सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्री महाकाल लोक का लोकार्पण अद्भुत समारोह होगा, इसमें जन-जन को जोड़ने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री श्री चौहान स्वयं प्रदेशवासियों को विभिन्न संचार माध्यमों से समारोह में आमंत्रित कर रहे हैं। साथ ही उनके द्वारा यह आहवान भी किया जा रहा है कि प्रदेश के सभी मंदिरों में 11 अक्टूबर को दीप जला कर भजन-कीर्तन किये जाये। यहाँ उज्जैन के मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे क्षेत्रवासी समारोह का आनंद उठा कर साक्षी बन सकें। मुख्यमंत्री श्री चौहान का मानना है कि समारोह जरूर उज्जैन में हो रहा है, लेकिन इसकी छटा पूरे प्रदेश में बिखरे और दिखे। मुख्यमंत्री की इस मंशा को पूरा करने सभी जिलों में स्थानीय प्रशासन द्वारा जन-भागीदारी से लोकार्पण समारोह की तैयारियाँ की जा रही हैं। प्रदेश के देव स्थानों में दीपमालाएँ जला कर रोशनी की जाएगी। सभी जिलों के बड़े शिव मंदिरों में 10 एवं 11 अक्टूबर को 2 दिन अभिषेक-पूजन आदि होंगे और मंदिरों में रोशनी की जायेगी। श्री महाकाल लोक की अवधारणा वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मन में आई थी। इस पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, संतों और विषय-विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श कर योजना तैयार की गई थी जिस पर गंभीरता से अमल करते हुए योजना का प्रथम चरण पूर्ण किया जा चुका है। “श्री महाकाल लोक” के लोकार्पण के अलावा प्रधानमंत्री श्री मोदी उज्जैन में एक विशाल धर्म सभा को भी संबोधित करेंगे
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सेवा दल में सेवा देने वाले ज्ञान सिंह दरबार को प्रदेश में संगठन ने दिया दायित्व
सेवा दल जिलाध्यक्ष की पोस्ट को सार्थक करने वाले ज्ञान सिंह दरबार को संगठन ने सेवा के पुरस्कार के रुप में प्रदेश की टीम में शामिल किया है ज्ञात हो कि देवास जिला सेवादल में ज्ञान सिंह दरबार ने अथक मेहनत कर इस पद को महत्वपूर्ण बना दिया है पूरे जिले में ज्ञान सिंह दरबार को सेवादल के सिपाही के साथ एक समाजसेवी के रूप में भी पहचाना जाता है अभिभाषक के साथ वे सेवा दल का दायित्व ईमानदारी से निभाते रहे राजनीति में बेदाग निष्पक्ष ईमानदार व्यक्तित्व को संगठन ने अखिल प्रदेश की टीम में स्थान दिया है जिला कांग्रेस सेवादल जिला अध्यक्ष एवम पी सी सी सदस्य ज्ञान सिंह दरबार ने भोपाल जाकर अपना परिचय पत्र प्राप्त किया। ज्ञान सिंह दरबार को प्रदेश में ले जाने पर समर्थकों में हर्ष व्याप्त है।
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अजय देवगन कहते हैं, “रनवे 34 मेरे लिए एक पैशन प्रोजेक्ट है”
• *रनवे 34 के बारे में बताएं?* मैं फिल्मों के सेट पर बड़ा हुआ हूं, जहां मैंने असिस्ट करने से लेकर कैमरा संभालने तक, एडिटिंग से लेकर सेट पर छोटे-छोटे काम करने तक, सब किया है। इन अनुभवों ने ही मुझे आज इस तरह का कलाकार बनाया है। एक एक्टर के रूप में, मुझे हमेशा चुनौतियां पसंद हैं। कुछ नया आजमाने में मेरी बड़ी दिलचस्पी है। यह जॉनर, जो कि एक एविएशन ड्रामा है, देश में बिल्कुल नया है। यह एक ऐसा जॉनर है, जिसमें मुझे वाकई मजा आता है। इस स्क्रिप्ट में काफी ड्रामा, थ्रिल, इमोशन और सस्पेंस है। दर्शकों को हमारे साथ होने वाली स्थितियों का अनुभव कराने के लिए एयरक्राफ्ट, से लेकर कलाकार और माहौल तक, सभी चीजें वास्तविक रखना जरूरी था। मुझे लगता है कि इसकी वास्तविकता दर्शकों को उसी पल आकर्षित कर लेगी, जब वे अपनी स्क्रीन पर नजरें जमाएंगे। मुझे लगता है कि रनवे 34 एक ऐसी फिल्म है, जिसे ज़ी सिनेमा के दर्शक पसंद करेंगे। • *क्या स्क्रिप्ट चुनने के मामले में आप कोई खास प्रक्रिया अपनाते हैं?* आमतौर पर यह ज़ेहनी ख्याल होता है, लेकिन वक्त और अनुभव के साथ यह ख्याल बड़ा स्वाभाविक हो जाता है, जहां आप अपने दिमाग में संभावनाओं पर विचार करतें हैं। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि मैं किस तरह के सिनेमा से जुड़ना चाहता हूं – एक खलनायक के रोल के साथ प्रयोग करना चाहता हूं या फिर कोई पीरियड फिल्म करना चाहता हूं। इसके लिए कोई निर्धारित नियम नहीं हैं, जिसका पालन करना होता है। मैं खुद को किसी तरह के नियम में नहीं बांध सकता। मुझे लगता है कि आपको पता चल जाता है कि क्या सही है और आप समझ जाते हैं कि कौन-सा रोल आपके लिए है। • *इस फिल्म में आपको सबसे ज्यादा किस बात ने आकर्षित किया, जिससे प्रेरित होकर आपने यह फिल्म की?* इसका सीधा-सा प्लॉट है, लेकिन इसकी कहानी का तरीका बड़ा दिलचस्प है। मुझे इस फिल्म के बारे में खास तौर पर यह बात पसंद आई कि इसमें एक घटना को लेकर आपके द्वारा उठाए गए कदमों के साथ-साथ उसका अंजाम भी दिखाया गया है। ये कोई ऐसी कहानी नहीं है, जहां नायक कुछ भी करे और बच जाए। कुछ लोग जो जिम्मेदार हैं, उनसे सवाल किए जाते हैं। कोर्टरूम ड्रामा, सारी चर्चाएं और बहस बहुत वास्तविक और विषय से जुड़ी हुई हैं। यह बड़ा दिलचस्प पहलू है और फिल्म में एक नया नजरिया लेकर आता है। अमित सर और मेरे किरदार के बीच की लड़ाई भी आपके अंदर दिलचस्पी जगाए रखेगी। लोगों में तनाव और उलझन का एहसास करा पाना बड़ा मुश्किल काम है। इस फिल्म के बारे में वाकई अंदाज़ा लगाना मुश्किल है और इसमें कुछ भी निश्चित नहीं है और यही खूबी मेरे लिए सबसे रोमांचक है। मेरी राय में यह एक इंटेलिजेंट फिल्म है और इतने शानदार कलाकारों के साथ इसे फिल्माते हुए मुझे बहुत मज़ा आया। • *अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?* जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी, तो मैं जानता था कि यह रोल उनके लिए ही है। यदि वो राजी ना हुए होते, तो मैंने इस प्रोजेक्ट को ही रद्द कर दिया होता। एक एक्टर के तौर पर उन्हें इतनी लगन, प्यार, मेहनत और समर्पण के साथ वो करते देखना जो करना उन्हें बहुत पसंद है, बड़ा प्रेरणादायक है। मैं एक इंसान और एक एक्टर के तौर पर उनसे बेहद प्रभावित हूं। जब मैं कहता हूं कि यह ज़िंदगी का सबसे बड़ा मौका था, तो मेरे लिए इस बात के मायने होते हैं। इतने वर्षों के बाद भी मैंने उन्हें कभी ढिलाई बरतते या बिना तैयारी के नहीं देखा। वो अपने हर प्रयास और हर रोल को गंभीरता से लेते हैं। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि मेरा उनसे इस तरह का तालमेल है, जहां मैं उनके पास जाकर बिना किसी झिझक के अपने आइडियाज़ उन्हें बता सकता हूं। सेट पर उनके साथ कोई भी बोरियत भरा पल नहीं होता। हर पल मजेदार और सीखने वाला होता है। • *डायरेक्टर की कुर्सी पर वापसी करने के बारे में बताए?* एक डायरेक्टर की कुर्सी पर बैठने की बहुत सारी जिम्मेदारियां होती हैं। अपनी फिल्म को लेकर आपकी राय स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि आपकी टीम वही विजुअलाइज कर सके और आप इसे पर्दे पर बखूबी उतार सकें। यह फिल्म पूरी तरह आपकी हो जाती है और इसे त्रुटिहीन बनाने के लिए आप सबकुछ करते हैं। ‘रनवे 34’ मेरे पास लॉकडाउन के दौरान आई थी और जितना ज्यादा मैंने इस स्क्रिप्ट का अध्ययन किया, उतना ही मैं इसका निर्देशन करने के लिए उत्सुक हो गया। जिस तरह से मैंने इस फिल्म को देखा, इससे मुझे यकीन था कि मैं इस फिल्म में अमित जी को लेना चाहता हूं। उनके बिना मैं यह फिल्म बनाना ही नहीं चाहता था! जब वो इसके लिए मान गए, तो उत्साह की एक नई लहर दौड़ गई, जिसने ‘रनवे 34’ को मेरे लिए एक पैशन प्रोजेक्ट बना दिया।


