Category: विशेष
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शर्मा नोडल अधिकारी बने
शासकीय कर्मचारियों के संगठन सामान्य ,पिछड़ा व अल्पसंख्यक अधिकारी कर्मचारी संघ (स्पीक)पूर्व नाम सपाक्स के जिला देवास के नोडल अधिकारी के पद पर कृष्ण कांत शर्मा को नियुक्ति किया है। इनकी नियुक्ति पर संघ के संजय व्यास, संजय सरमण्डल ,सुनील प्रचंड, मनीष नासिककर,नरेश गांगुर्दे, दिलीप व्यास,मनीष तिवारी ,नरेंद्र सिंह राजपूत,समंदर सिंह राठौर,अभिजीत सिंह बैस, सत्यनारायण वर्मा,भाल चन्द ताकोने, दिलीप उपाध्याय, कमलेश शर्मा दीपक श्रीवास्तव सुरेंद्र सिंह परिहार ,अनिल ठाकुर ,एम के जीते,अनिल नायक, सुरेश शर्मा पत्रकार, सुरेश चौधरी आदि साथियों ने बधाई व शुभकामनाएं दी।
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मैराथन में रनर राधा शुक्ला ने गोल्ड मेडल जीता
देवास। इन्दौर में आयोजित 5 किमी, 10 किमी, 21 किमी कि एसबीआई क्रप्शन फ्री इंडिया मैराथन का आयोजन किया गया। ऐकडमी ऑफ इन्दौर मैराथन देवास कोच सीएसएम जितेन्द्र गोस्वामी ने बताया कि मैराथन में अलग-अलग आयु वर्ग में रनर को प्राइज एवं मैडल से सम्मानित किया गया। जिसमें देवास से राधा शुक्ला ने 5 किमी ऑपन कैटिगरी में गोल्ड मैडल प्राप्त किया। खुशाल सिंह राजपूत 10 किलोमीटर, रानू राजपूत 5 किलोमीटर, अथर्व शुक्ला आदर्श शुक्ला, चिराग राजपूत 5 किलोमीटर, तथा सुरेंद्र शुक्ला ने 21 किलोमीटर में अपनी दौड़ संपन्न की। देवास जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव अनिल श्रीवास्तव एवं कोषाध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव जी एवं ऐकडमी ऑफ इन्दौर मैराथन देवास के रनर मनोज पटेल, चन्द्रशेखर तिवारी, कुमेर सिंह वर्मा, ललित द्विवेदी, मोना तिवारी, अजय दायमा, सुरेश शर्मा, डाॅ मायाराम चौहान, सुभाष चावडा, विक्रांत जौशी, बालू सिंह राठौर, मीना राव, कविता शर्मा, रवि अग्रवाल, विकास गिरी, राजपाल जी डाॅ आर एल वर्मा, अरुण शर्मा, संजय गोस्वामी, उदय सिंग बैस, सीमा गिरी, आरती दायमा, मेघना पुरोहित, पुनीत गिरी रीना पटेल ने बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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प्रदेश प्रशासनिक सर्जरी में देवास के दो डिप्टी कलेक्टर का तबादला, महिला अधिकारी का 1 सप्ताह में दूसरी बार तबादला
मध्यप्रदेश शासन द्वारा मिशन 2023 को लेकर प्रशासनिक तबादले किए गए जिससे प्रभावित देवास जिला भी हुआ देवास जिले में दो डिप्टी कलेक्टर इससे प्रभावित हुए । डिप्टी कलेक्टर त्रिलोक चंद्र गोड़ का देवास से रतलाम और दूसरा तबादला जो बहुत चर्चित है । त्रिलोक चंद्र गौड़ देवास बागली में अच्छा कार्यकाल बिता चुके हैं । वही डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा का देवास से बड़वानी किया गया है प्रिया वर्मा पहले देवास में कोरोना आपदा मैं अच्छा कार्य करने के कारण उनको नगर निगम में और उसके बाद कन्नौद एसडीएम का दायित्व मिला ।अभी हाल ही में 4 दिन पहले ही उनका तबादला जिला कलेक्टर ने कन्नौद से से सोनकच्छ कर दिया था ।सोनकच्छ एसडीएम भी एक अच्छा प्रभार मिला था परंतु अब अचानक उनका तबादला इस संबंध में प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि तबादले के पीछे भाजपा कन्नौद खातेगांव विधायक आशीष शर्मा की नाराजगी रही है ।वही प्रशासनिक क्षेत्र में चर्चा है कि अपनी स्वयं इच्छा से प्रिया वर्मा ने बड़वानी पारिवारिक कारण से तबादला कर आया है प्रिया वर्मा जहां भी रही अपने कार्य से चर्चा में रही राजगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं को चांटा मारने वाली मैडम से लेकर कन्नौद खातेगांव क्षेत्र में अतिक्रमण तोड़ने से लेकर कई मुद्दे चर्चा में रहे कोरोना आपदा में इन्होंने देवास में बहुत लोगों की मदद की वही तिलोकचंद गोड़ भी निर्विवाद रहे और देवास और आसपास के क्षेत्र में अच्छा कार्यकाल बिता कर गए प्रदेश शासन ने दो डिप्टी कलेक्टर के तबादले तो कर दिए लेकिन उनकी जगह किसी को देवास में नहीं भेजा है पहले से ही देवास में अधिकारी की कमी है उसमें और दो अधिकारी के जाने के बाद जिले के महत्वपूर्ण काम प्रभावित होंगे।
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राहुल गांधी कि भारत जोड़ो यात्रा के लिए कांग्रेस की सतवास में बैठक संपन्न
आज सतवास मेंश्री राहुल गांधी जी भारत जोड़ो यात्रा के संबंध में बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी माननीय जयप्रकाश अग्रवाल जी, सह प्रभारी श्री सीपी मित्तल जी, श्री संजय कपूर जी, श्री सुधांशु त्रिपाठी जी, श्री कुलदीप इंदौरा जी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष माननीय अरुण यादव जी, पूर्व मंत्री माननीय सज्जन सिंह वर्मा जी, देवास जिला कांग्रेस प्रभारी श्री योगेश यादव जी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्री मनोज राजानी जी, यात्रा प्रभारी श्री नंदू रावत जी, श्री शौकत हुसैन जी सहित कांग्रेस जन मौजूद रहे। प्रभारी श्री जयप्रकाश अग्रवाल, श्री अरूण यादव सहित वरिष्ठ वक्ताओं ने कांग्रेस जनों को संबोधित किया। ओम पटेल ने संचालन किया साथ ही ग्रामीण जिला अध्यक्ष अशोक पटेल ने आभार माना।
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समाजसेवी सेन का स्वर्गवास, मुक्तिधाम में रोपण किया पौधा
देवास। जिला शाजापुर तहसील कालापीपल नगर के शिक्षक मनोहर सेन, मुकेश सेन के पिताजी, कवि जगदीश सेन, दिनेश सेन के ससुर जी, मनोज सेन, धीरज सेन, गौरव सेन के नानाजी, मोहनलाल सेन, अमृत, संतोष, दिनेश सेन के पूज्य काका जी, गोविन्द, राहुल, जेपी, प्रमोद, जितेंद्र, हर्षवर्धन, हर्ष, नमन, प्रिंस के पूज्नीय दादा जी, हँसमुख, मिलनसार, समाजसेवी, व्यक्तित्व के धनी धनसिंह जी सेन का देवलोकगमन हो गया। स्व. सेन की अंतिम यात्रा 4 नवम्बर निज निवास शास्त्री चौक कालापीपल से निकली। जिसमे नगर के प्रबुद्धजन, व्यापारीगण, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, समाजजनों, आसपास के ग्रामीणों सहित स्थानीयजनों ने हिस्सा लेकर स्व. सेन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। स्व. सेन की याद में मुक्तिधाम में बिलपत्र का पौधा रौपण कर पालन पोषण का संकल्प लिया।
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हमको रोज मंदिर क्यों जाना चाहिए ,मंदिर जाने के 33 ठोस तथ्यात्मक लाभ
✍️ मंदिर में कदम रखते ही हमे ईश्वर का भक्ति के अलावा कई चौमुखी लाभ मिलते है जिनका विवरण नीचे की पंक्तियों मे किया गया है। मंदिर जाने हमारा सुबह ब्रह्म महुर्त में जगने का नियम बनता है और हम उठते ही अपने नित्य कर्म जैसे उषापान, शौच, दन्त धावन, स्नान आदि से निवृत हो जाते है। ✍️पास के मंदिर पैदल जाने से हमारा भ्रमण व्यायाम होता है, प्राणवायु मिलती है और उगते हुए सुर्य की दिव्य लालिमा का अवलोकन होता है। ✍️मंदिर के घंटी की ७ सेकंड की टन्कार पर ध्यान केन्द्रित होनें से हमारा मन सभी संसारिक विषमताओ से हट कर प्रभु के चरणों मे अर्पित हो जाता है। ✍️हम मंदिर में भगवान को अर्पित फूलों की खशबू से हमे स्वास्थ्य लाभ मिलता है और उत्साह वर्धन होता है। ✍️मंदिर में अर्पित भिन्न भिन्न फूलों के विविध रंगो से हमारे अन्तरमन को सकुन मिलता है। ✍️मंदिर में कपूर और अगरबत्ती की दिव्य सुगंध से हमारी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और नकारात्मकता समाप्त होती है। हाल ही में फैले स्वाइन फूल्यू के जैविक संक्रमण से बचने मे कपूर की अहम भूमिका की बहुत चर्चा हुई थी। ✍️मंदिर में अपने जीवन के उद्देश्यों को दोहराते हैं और ईश्वर से सफलता का आशिर्वाद माँगते हैं। ✍️सुबह उठते ही हम उस दिन की कार्य सुचीं लिखते है और उसे मंदिर ले कर जाते है। वहाँ उन सभी कार्य को पुरा करने हेतू कठोर परिश्रम का संकल्प लेते हैं। ✍️जब हम मंदिर में आरती और कीर्तन के दौरान ताली बजाते है तो हमे इस एक्यूप्रेशर से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। ✍️आरती मे बजाये जाने वाली छोटी घंटी से हमारा पित्त दोष सन्तुलित होता है। शायद इसी कारण से गऊमाता के गले मे भी घंटी बाँधी जाती है क्योंकि ये सर्वमान्य है गाय मे पित्त ज्यादा होती है। ✍️आरती के दौरान चालीसा के जाप से हमारी वाणी मे दिव्यता आती है। ओम् के उच्चारण से हमारा चित एकाग्र होता है । ✍️आरती के बाद शंख बजाया जाता जो श्रद्धालुओ के लिए बहुत सुखदायी और स्वास्थ्य वर्धक है। ✍️आरती के बाद हम भारत माता की, गंगा मैया की जय बोलते है जिससे हमारी देश भक्ति जागृत होती है। ✍️हर मंदिर मे आरती के बाद गो रक्षा और गौ हत्या बंद होने का संकल्प ज़रूर दोहराते है। ✍️आरती के बाद हम ज्योत पर अपना हाथ घुमा कर अग्नि स्पर्श करते है। इससे हमारी कोशिकाओं को दिव्य उषमता मिलती है और हमारे भीतर पल रहे सभी जीवाणु संक्रमण समाप्त हो जाते है। ✍️ज्योत पर फरने के उपरान्त हम अपनी ऊष्म हाथेलियो को आंखों से लगाते हैं। यह गर्माहट से हमारी आँखो के पीछे की सुक्षम रक्त वाहिकाओं को खोल देती है और उन में ज्यादा रक्त प्रवाहित होने लगता है जिससे हमारी आँखो कि ज्योति मे वृद्धि होती है। ✍️ज्योत पर हथेली रखना हमारे द्वारा हुई सभी भूल चूक के प्रायश्चित का भी प्रतीक है। ✍️आरती के बाद हम दण्डवत हो कर माथा धरती पर लगाते है. तो हमारा घमण्ड चूर चूर होकर धरती मे समाहित हो जाता है। ✍️मंदिर में भगवान के दर्शन के बाद हमें तुलसी, चरणामृत और प्रसाद मिलता है। चरणामृत एक दिव्य पेय प्रसाद होता है जिसे गाय के दुग्ध, दही, शहद, मिस्री, गंगाजल और तुलसी से बना कर विशेष धातु के बर्तन में रखा जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक यह चरणामृत हमारे शरीर के तीनों दोषों को संतुलित रखता है। ✍️चरणामृत के साथ दी गई तुलसी हम बिना चबाए निगल लेते हैं जिससे हमारे सभी रोग ठीक हो जाते हैं। ✍️मंदिर में पूजा अर्चना के बाद जब हम भगवान की मूर्ति की परिक्रमा करते हैं। पुरे ब्रह्मांड की दैवीय उर्जा गर्भस्थान के शिखर पर विघ्यमान धातु के कलश से प्रवाहित हो कर ईश्वर की मूर्ति के नीचे दबाई गई धातु पिंड तक जाती है और धरती में समा जाती है। गर्भस्थान की प्ररिक्रमा के दौरान हमे इस ब्रह्मांडिय उर्जा से लाभ मिलता है। ✍️मंदिर की भूमि को सकारात्मक ऊर्जा का वाहक माना जाता है। यह ऊर्जा भक्तों में पैर के जरिए ही प्रवेश कर सकती है। इसलिए हम मंदिर के अंदर नंगे पांव जाते हैं। ✍️मंदिर से बाहर आते हुए फिर से घंटी बजा कर हम संसारिक ज़िम्मेदारियों मे वापिस आ जाते हैं। ✍️मंदिर में सूर्य को जल अर्पित करने से हम उसकी आलौकिक किरणों से लाभान्वित होते हैं। ✍️पीपल,बड़, बरगद को जल अर्पण करने से हमे वहाँ फैली ख़ास तरह की ऑक्सिजन मिलती है। ये सभी एक दिव्य वृक्ष है जो बहुत अघिक मात्रा में प्राणवायु को चारों और विसर्जित करते हैं। इसके पत्ते इतने संवेदनशील होते है कि वे रात्रि मे भी चंद्रमा की किरणों से आक्सिजन पैदा करते हैं। ✍️मंदिर में हम तुलसी के पौधे और केले के पेड़ को भी जल देकर तृप्ति होते है। ✍️मंदिर मे बाहर आकर हम वहाँ मौजूद ज़रूरतमंदों को दान पुण्य करते है जिससें हमारे मन मे शान्ति आती है। ✍️मंदिर के माध्यम हम अपनी कमाई का दशम सामाजिक कार्यो में लगाते है और समाज में समरसता और सौहार्द आता है। ✍️आजकल शहर मे घरो मे गो माता रखने का प्रवधान नही है पर हम मंदिर जा कर गो ग्रास देकर अपने संस्कारों को जारी रख सकते है। ✍️मंदिर नित दिन जाने से हमारा नये धार्मिक लोगों से परिचय होता है। ✍️मंदिर जाने से हमारी सामाजिक प्रतिष्ठा बढती है। ✍️मंदिर जाने से वहाँ के पुरोहित जी से आशिर्वाद मिलता है और हमें पंचांग आदि जैसी कई ज़रूरी सांस्कृतिक जानकारी मिलती है। पंचांग के श्रावण या पाठन से हमें अपनी धार्मिक ज़िम्मेदारियों का पालन करने में मदद मिलती है और हमारा कल्याण होता है। ✍️मंदिर में सभी वेद, पुराण, गीता, रामायण, महाभारत, आदि शास्त्र मौजूद होते हैं जिन्हें पढ़ कर हम अपना जीवन सफल कर सकते है। और भी बहुत सारे लाभ है हमको मंदिर जरूर जाना चाहिए प्रतिदिन मंदिर जाने से व्यक्तित्व में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ व्यक्तित्व में भी निखार आता है प्रतिदिन मंदिर जो नहीं जा पाए समय अभाव के कारण उनको सप्ताह में एक दिन जरूर अवश्य कर मंदिर जाना चाहिए💐 कलयुग टाइम्स परिवार 🙏🙏✍️
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श्रमिकों के बच्चों की “शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता” योजना में आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवम्बर( अपने परिचित श्रमिकों के बच्चे को इसका लाभ जरूर दिलाएं, यह जानकारी उन तक पहुंचा कर मदद करें
———— देवास शैक्षणिक वर्ष 2022-23 के लिए “शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता” योजना में मध्यप्रदेश राज्य के बीड़ी/चूना पत्थर एवं डोलोमाईट/लौह-मैग्जीन क्रोम अयस्क खदान श्रमिकों के मान्यता प्राप्त शिक्षण-संस्थाओं में अध्ययनरत पुत्र/पुत्रियों को वित्तीय सहायता योजनान्तर्गत कक्षा एक से उच्च शिक्षा ग्रहण करने पर छात्रवृत्ति/गणवेश की राशि 1000 रूपये से अधिकतम 25000 रूपये तक दी जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र छात्र/छात्रायें नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (https:scholarships.gov.in) पर ऑनलाईन आवेदन (पोस्ट मेट्रिक हेतु) 30 नवम्बर 2022 तक कर सकते हैं। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने एवं पात्रता की जानकारी/शर्ते आनलाइन प्रदर्शित हैं। ऑनलाइन आवेदन के साथ संलग्न किए जाने वाले दस्तावेजों को स्वच्छ प्रति में संलग्न किया जाए, जो कि पठनीय हों। आवेदन करने के पश्चात अपने अध्ययनरत शिक्षण संस्थान से सम्पर्क स्थापित कर अपने आवेदन को ऑनलाइन सत्यापन करवा कर स्कॉलरशिप पोर्टल (https:scholarships.gov.in) के माध्यम से अग्रेषित करवायें। आवेदन के सत्यापन कराए जाने की जिम्मेदारी छात्र/छात्रा की हागी। पोर्टल में प्रदर्शित अन्य विभागों द्वारा यदि छात्रवृत्ति के लिए अधिक राशि दी जाती है तो ऐसे आवेदक/आवेदिका संबंधित विभाग की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने संबंधी अन्य किसी भी प्रकार की समस्या के निदान के लिए जबलपुर मुख्यालय e-mail- Wcjab@mp.gov.in पर सम्पर्क स्थापित किया जा सकता है। साथ ही मध्यप्रदेश परिक्षेत्र में संचालित अपने नजदीकी औषधालय/चिकित्सालयों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी/वैद्य प्रभारी से व्यक्तिगत रूप से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों एवं संस्थान द्वारा सत्यापित नहीं किए गए आवेदनों पर विचार किया जाना संभव नहीं होगा। कल्याण आयुक्त द्वारा सभी इंस्टिट्यूट नोडल ऑफिसर एवं शैक्षणिक संस्थान प्रमुखों से यह भी अपील की गई कि वे अपनी शैक्षणिक संस्थान में लंबित सभी आवेदनों को त्वरित सत्यापित करें एवं योजना के पात्र अधिक से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना में सम्मिलित होने के लिए प्रोत्साहित करें।


