देवास। मैंने अपने कार्यकाल में कई जिलों के पत्रकारों के साथ कार्य किया,लेकिन देवास का मीडिया जगत सबसे अनूठा है। क्योंकि यहाँ के पत्रकार हमेशा शहर हित की बात करते है। खबरों के मध्य से जनभावनाओं और विकास की खबर प्रकाशित करते है। मेरे लिए यह खुशी की बात है कि मैंने आपके साथ एक अच्छा वक्त बिताया। आप सभी अपने क्षेत्र में सर्वोत्तम कार्य कर रहे हैं। मैं आशा करता हूं कि आप अपना कार्य आगे भी ऐसे ही जारी रखें। उक्त विचार पूर्व कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला ने प्रेस क्लब द्वारा आयोजित विदाई समारोह में उपस्थित पत्रकार साथियों के समक्ष रखें। समारोह में उपस्थित सभी पत्रकार साथियों ने श्री शुक्ला का पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया। पत्रकार साथियों द्वारा भी श्री शुक्ला के कार्यकाल की दिल खोल के तारीफ की गई व अपने अनुभव साझा किये गए। प्रेस क्लब के संरक्षक अनिल राज सिंह सिकरवार, विनोद जैन, मुन्ना वारसी व प्रेस क्लब अध्यक्ष अतुल बागलीकर, पूर्व अध्यक्ष श्रीकांत उपाध्याय, उपाध्यक्ष शेखर कौशल, सचिव चेतन राठौड़, कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ मोदी, कार्य.सदस्य कमल अहिरवार द्वारा श्री शुक्ला को चुनरी उड़ा कर उनका सम्मान किया और स्मृति चिन्ह सहित साल,श्रीफल भेट किये गए। इस अवसर पर देवास के सभी पत्रकार साथी इस गरिमामय समारोह में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अरविंद त्रिवेदी द्वारा किया गया ।उक्त जानकारी प्रेस क्लब सचिव चेतन राठौड़ द्वारा दी गई।
Category: विशेष
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भारत में रविवार की छुट्टी किस व्यक्ति ने दिलाई? 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ रविवार की छुट्टी के पीछे उस महान व्यक्ति का क्या मकसद था? जानिए क्या है इसका इतिहास
साथियों, जिस व्यक्ति की वजह से हमें ये छुट्टी हासिल हुयी है, उस महापुरुष का नाम है “नारायण मेघाजी लोखंडे”. नारायण मेघाजी लोखंडे ये जोतीराव फुलेजी के सत्यशोधक आन्दोलन के कार्यकर्ता थे। और कामगार नेता भी थे। अंग्रेजो के समय में हफ्ते के सातो दिन मजदूरो को काम करना पड़ता था। लेकिन नारायण मेघाजी लोखंडे जी का ये मानना था की, हफ्ते में सात दिन हम अपने परिवार के लिए काम करते है। लेकिन जिस समाज की बदौलत हमें नौकरिया मिली है, उस समाज की समस्या छुड़ाने के लिए हमें एक दिन छुट्टी मिलनी चाहिए। उसके लिए उन्होंने अंग्रेजो के सामने 1881 में प्रस्ताव रखा। लेकिन अंग्रेज ये प्रस्ताव मानने के लिए तयार नहीं थे। इसलिए आख़िरकार नारायण मेघाजी लोखंडे जी को इस sunday की छुट्टी के लिए 1881 में आन्दोलन करना पड़ा। ये आन्दोलन दिन-ब-दिन बढ़ते गया। लगभग 8 साल ये आन्दोलन चला। आखिरकार 1889 में अंग्रेजो को sunday की छुट्टी का ऐलान करना पड़ा। ये है इतिहास। बहुत कम लोग हम इसके बारे में जानते है? अनपढ़ लोग छोड़ो लेकिन क्या पढ़े लिखे लोग भी इस बात को जानते है? जहा तक हमारी जानकारी है, पढ़े लिखे लोग भी बहुत कम इस बात को नहीं जानते। अगर जानकारी होती तो sunday के दिन enjoy नहीं करते….समाज का काम करते….और अगर समाज का काम ईमानदारी से करते तो समाज में भुखमरी, बेरोजगारी, बलात्कार, गरीबी, लाचारी ये समस्या नहीं होती। साथियों, इस sunday की छुट्टीपर हमारा हक़ नहीं है, इसपर “समाज” का हक़ है। कोई बात नहीं, आज तक हमें ये मालूम नहीं था लेकिन अगर आज हमें मालूम हुआ है तो आज से ही sunday का ये दिन सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित करे।
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जिले में ब्लेक में खाद का विक्रय करने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही – कलेक्टर श्री गुप्ता
————- — ————- देवास कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में जिले में खाद वितरण के संबंध में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री महेन्द्र सिंह कवचे, उप संचालक कृषि श्री आरपी कनेरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि जिले में ब्लेक में खाद का विक्रय करने पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। जिले में पर्याप्त खाद का भण्डार है। जिले में वर्तमान 2 हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। 12 नवम्बर को जिले को 700 मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद मिलेगा। समितियों के खाद विक्रय केन्द्रों पर किसानों की सुविधा के लिए टेंट, कुर्सी लगाये, पीने का पानी उपलब्ध कराये और बाथरूम की व्यवस्था करें। विक्रय केन्द्र परिसर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे। कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले में खाद विक्रय का कार्य सुबह 07 बजे से शुरू कर दिया जाये। जिले में जिन विक्रय केन्द्रों में किसानों की अधिक भीड़ है, उन केन्द्रों पर और अधिक काउंटर लगाये जाये। कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि जहां खाद की अधिक आवश्यकता है, वहां पर खाद अधिक ट्रको से परिवहन कर के समितियों में समय पर पहुंचाये। खाद विक्रय केन्द्रों पर तहसीलदार, आरआई और पटवारी की ड्यूटी लगाई गई है।
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स्वच्छता को लेकर स्वच्छ वार्ड चैम्पियन प्रतियोगिता मे कर्मचारी हुऐ सम्मानित
देवास/ नगर निगम देवास के द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के अन्तर्गत शहर मे विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। आयुक्त विशालसिह चौहान के द्वारा वार्डो मे स्वच्छता को लेकर वार्डो की स्वच्छता चैम्पियन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। जिसमे सभी 45 वार्डो मे से 3 वार्ड चयनित हुए। जिसमे वार्ड क्रमांक 3 प्रथम, वार्ड क्रमांक 19 द्वितीय व वार्ड क्रमांक 9 तृतीय स्थान पर रहे। चयनित प्रतिभागी वार्डो मे उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए स्वास्थ्य निरीक्षक अनिल खरे, हेमन्त उबनारे, रवि गोयनार, वार्ड दरोगा कृष्णा भैरवे, राजेश गोसर,जय बंजारे एवं वार्डो के सफाई मित्रो को आयुक्त द्वारा प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर निगम उपायुक्त वित्त पुनित शुक्ला, उपायुक्त तनूजा मालवीय, स्वास्थ्य अधिकारी जितेन्द्र सिसोदिया आदि सहित निगम कर्मचारी उपस्थित रहे।
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(ज्वलंत मुद्दे से श्री गणेश) कलेक्टर श्री गुप्ता ने देवास, सोनकच्छ, नेवरी, हाटपीपल्या और बागली मण्डी में खाद विक्रय केन्द्रों का किया निरीक्षण ———- देवास जिले को एक-दो दिन में 2500 मैट्रीक टन अतिरिक्त खाद होगा प्राप्त ———- खाद विक्रय का कार्य सुबह 07 बजे से शुरू करें, भीड़ वाले केन्द्रों पर अधिक काउंटर लगाये – कलेक्टर श्री गुप्ता
———– चलो अच्छा लगा कलेक्टर ने , अभी सबसे ज्वलंत किसानों की समस्या के निराकरण का प्रयास किया दिन रात मेहनत करने वाला किसान यूरिया के लिए दर-दर भटक रहा है और कालाबाजारी करने वाले ब्लैक में समय का फायदा उठाकर लाभ कमा रहे हैं अब जबकि कलेक्टर ने इस ओर ध्यान दिया है संभवत जिले में सबसे बड़ी किसानों की समस्या से थोड़ी तो राहत मिलेगी देवास जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने देवास, सोनकच्छ, नेवरी, हाटपीपल्या और बागली में मण्डियों में जाकर खाद विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री गुप्ता ने अधिकारियों से खाद उपलब्धा के संबंध में जानकारी ली तथा खाद विक्रय के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री गुप्ता ने किसानों से भी चर्चा की। कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि जिले में सभी मण्डियों में किसानों की सुविधा के लिए छाया के लिए टेंट लगाये, पीने का पानी उपलब्ध कराये और बाथरूम की व्यवस्था करें। मण्डी परिसर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे। जिले में जहां आलू की खेती होती है, उन किसानों को पहले खाद उपलब्ध कराये। आलू की खेती 60 दिन में तैयार हो जाती है। सीमित समय के कारण आलू की खेती करने वालों को प्राथमिका दें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि खाद विक्रय का कार्य सुबह 07 बजे से शुरू कर दिया जाये। जिले में जिन विक्रय केन्द्रों में किसानों की अधिक भीड़ है, उन केन्द्रों पर और अधिक काउंटर लगाये जाये। अधिक भीड वाले विक्रय केन्द्रों पर आरआई और पटवारी की ड्यूटी लगाई जाये। तहसीलदार विक्रय केन्द्रों पर लगातार निरीक्षण करते रहै। जिन किसानों का किसी भी समिति में पंजीयन नहीं है, वह किसान वेयर हाउस के नगद क्रय कर सकता है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि जहां खाद की अधिक आवश्यकता है, वहां पर खाद अधिक ट्रको से परिवहन कर के समितियों में समय पर पहुंचाये। जिले में पर्याप्त खाद का भण्डार है। जिले को एक-दो दिन में अतिरिक्त 2500 मैट्रीक टन खाद प्राप्त होने वाला है। जिससे खाद की आवश्यकता की पूर्ति हो जायेगी। किसानो का पंजीयन जिस समिति में है, उसी समिति से खाद क्रय करें। वेयर हाउस पर खरीदनें के लिए नही जाये। जिन किसानों की पर्ची कट गई है, वह किसान अपनी समिति में जाकर खाद क्रय करें। उल्लेखनीय है देवास जिले में उर्वरक खाद का पर्याप्त भण्डारण है। जिले में देवास, हरदा एवं मांगल्या रेक प्वाइंट से लगातार उर्वरक की पूर्ति हो रही है। 9 नवम्बर को इफको कंपनी का 2600 मैट्रिक टन यूरिया प्राप्त हुआ है। किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए मार्कफेड के डबललॉक सेन्टर से भी यूरिया का नकद विक्रय किया जा रहा है। इसी के साथ निजी विक्रेताओं द्वारा भी डबललॉक सेन्टर पर बैठकर किसानों को यूरिया वितरण के लिए पर्ची जारी की जा रही है एवं गोदाम से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। जिले में डबललॉक केन्द्रों, सहकारी समितियों एवं निजी संस्थाओं में यूरिया 3 हजार 862 मैट्रिक टन, डीएपी 4 हजार 136 मैट्रिक टन, काम्प्लेक्स 2 हजार 955 मैट्रिक टन, पोटाश 1 हजार 617 मैट्रिक टन एवं सिंगल सुपर फास्फेट 10 हजार 600 मैट्रिक टन उपलब्ध है। गत वर्ष 01 अप्रैल 2021 से 30 नवम्बर 2021 तक 55 हजार 823 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था, इस वर्ष इसी अवधि में 43 हजार 244 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है। माह नवम्बर के लिए 10 हजार मैट्रिक टन यूरिया, 5 हजार मैट्रिक टन डीएपी एवं 5 हजार मैट्रिक टन काम्प्लेक्स उर्वरक की मांग की गई है। किसान भाईयों से अनुरोध है कि यूरिया 266.50 रूपये, डीएपी 1350 रूपये, एनपीके 12:32:16 1470 रूपये, पोटाश 1700 रूपये प्रति बैग के हिसाब से खरीदे। किसी भी विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर उर्वरक विक्रय करने पर संबंधित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, उप संचालक कृषि या अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
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भाजपा सरकार के 17 वर्ष के कार्यकाल में 14 कलेक्टर बदल गए, बदली नहीं व्यवस्था विकास जरूर हुआ , व्यवस्था में कोई सुधार नहीं, नवागत कलेक्टर ऋषव गुप्ता से भी लगा लेते हैं उम्मीद
दो दशक से भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश में सरकार है मात्र 2 वर्ष से भी कम का शासन कांग्रेस ने किया, जिसमें प्रदेश में तो कई सुधार आए जिले में कोई खास सुधार नहीं आ पाया । खैर अभी बात कर रहे हैं हम नवागत कलेक्टर ऋषव गुप्ता की तो जनता की उम्मीदों से रहेगी ही कि वे देवास में विकास तो करें ही व्यवस्था में भी थोड़ा सा सुधार करेंगे ।
शासन सार्थक रहेगा। कलेक्टर से जनता को बहुत उम्मीद रहती है। सरकार आमजन व्यवस्था से परेशान होकर ही बदलती है कांग्रेस् के एक दशक के शासन के बाद भाजपा सरकार आई ।जिनके दम पर भाजपा सरकार आई उमा भारती मुख्यमंत्री कार्यकाल में सबसे पहली कलेक्टर रश्मि अरुण शमी जो कांग्रेस कार्यकाल के मैं आई थी इसी कारण मात्र कुछ महीनों में भाजपा सरकार आते ही चली गई ।दूसरे आशीष श्रीवास्तव विधायक दीपक जोशी के खास होने के साथ उनके क्षेत्र में ही प्रशासन की लापरवाही धारा जी कांड में बह गए अभी तक प्रकरण चल रहा है। देवास में कलेक्टर को मां चामुंडा टेकरी और नेमावर नदी का विशेष ध्यान रखना चाहिए यहां थोड़ी सी भी चूक कलेक्टर की विदाई का कारण बन जाती है। इनके बाद एसके मिश्र जो बहुत ही फास्ट डिसीजन और कुछ देवास में करना चाहते थे। लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री बदल गए शिवराज सिंह चौहान की खास पसंद होने से उनको अपने पास ही बुला लिया चौथे उमाकांत उमराव ने बलराम तालाब बनवाए और एक अच्छा उद्देश लाए थे लेकिन कृषि विभाग और पंचायत अधिकारी ने कागज पर ही कहीं बलराम तालाब बना दिए अच्छा मिशन जांच में बदल गया उमाकांत उमराव ने कई निष्क्रिय विभागों जागरूक कर व्यवस्था में सुधार के कई प्रयास किए लेकिन कुछ नेता भी इसमें लपेट भारत हो गए और जाना तो था ही उमाकांत उमराव को ।
इसके बाद डॉ नवनीत कोठारी ने भी कुछ अच्छा करने का प्रयास किया लेकिन चुनाव आयोग के तबादले की सूची में आ गए। इनके बाद केवल कुछ दिन के लिए संजय शुक्ला कलेक्टर भी चुनाव आयोग की तलवार से नहीं बच सके। सबसे कम कुछ दिनों का कार्यकाल इनका रहा ।
इसी बीच सचिन सिन्हा अपनी पारिवारिक परेशानियों के कारण आध्यात्मिक और अपना टाइम पास करते रहे। फिर मैडम पुष्पलता सिंह ने आर्थिक मिशन अपनाया। इसके बाद मुकेश गुप्ता ने जरूर कुछ सुधार के प्रयास किए लेकिन नेताओं को पसंद नहीं आए इसके बाद चर्चित कलेक्टर महेश अग्रवाल ने देवास विकास के साथ में व्यवस्था में सुधार के भी बहुत प्रयास किए इनको नेता भी कार्यशैली के कारण पसंद करने लगे थे । इसके बाद कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने मां चामुंडा टेकरी पर अकल्पनीय पथ् वे निर्माण करने के साथ बाबा शीलनाथ धूनी पर विकास । इन के बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने देवास विकास के साथ व्यवस्था में सुधार और बहुत कुछ करने का बीड़ा उठाया फल स्वरूप उनको इंदौर कमिश्नर और अब उज्जैन मिला है ।
इसके बाद श्रीकांत पांडे के सामने विधानसभा चुनाव थे और सरकार बदल गई पांडे जी नहीं बदले इनका मन जरूर बदल गया। पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा और मनोज राजानी की परिक्रमा से वापस भाजपा सरकार आने पर विधायक राजे परिक्रमा की परंतु जाना ही पड़ा यह जरूरी रिकॉर्ड रहा की दो सरकार बदलने के बाद पांडे जी डटे रहे। भाजपा सरकार वापसी में चंद्रमौली शुक्ला कमिश्नर विशाल सिंह के साथ ही आए चंद्रमौली शुक्ला ने देवास विकास के लिए बहुत कुछ किया बस व्यवस्था में सुधार की तरफ ध्यान नहीं दे सके शहरी क्षेत्र और विधायक राजे वंदन तक ही सीमित रहे जिले में ग्रामीण क्षेत्र में कोई बड़ी योजना सुधार नहीं हो सका विधायक राजे वंदन के कारण इनके कई महत्वपूर्ण कार्य का पूरा श्रेय राजे को मिला। अब नवागत कलेक्टर ऋषव् गुप्ता के सामने देवास में बहुत कुछ करने को है।
कलेक्टर से ही क्यों होती है उम्मीद
जब भी जिले में नया कलेक्टर आता है आमजन को बड़ी उम्मीद बन जाती है क्योंकि कलेक्टर चाहे तो बहुत कुछ बदल सकता है आमजन के दर्द को समझ कर उनकी समस्या का निराकरण शहर विकास के साथ ग्रामीण विकास रोजगार और शिक्षा चिकित्सा क्षेत्र में बहुत कुछ बदला जा सकता है कुछ करने का जुनून कुछ करने का जज्बा और ईमानदारी से नए इतिहास बनते हैं अभी तो केवल इतना ही आगे और बहुत कुछ कलयुग टाइम्स के माध्यम से मिलते रहेंगे कलेक्टर गुप्ता का कार्यकाल यादगार रहे यही हो तो अच्छा नहीं तो एक कलेक्टर का नाम और जिले में जुड़ जाएगा।
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स्वच्छता के लिये वार्डो मे की गई थी प्रतियोगिता 45 ही वार्डो मे शीर्ष 3 वार्ड हुए स्वच्छता मे चयन चयनित, वार्ड क्रमांक 3 ,19 और 9 ने मारा नंबर, प्रतिभागी वार्ड मे कार्यरत कर्मचारियो के साथ सफाई मित्रो का होगा सम्मान
देवास/ शासन निर्देशानुसार स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 मे देवास नगर निगम द्वारा भाग लिया जा रहा है। स्वच्छता को लेकर निगम द्वारा शासन निर्देशानुसार सभी गाईड लाईन का पालन करते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के लिए शहर मे पूर्ण प्रयास के साथ निगम अधिकारी, कर्मचारी सफाई मित्रो द्वारा स्वच्छता कार्यो के लिए कडी मेहनत की जा रही है। निगम आयुक्त विशालसिह चौहान ने बताया कि स्वच्छता को लेकर वार्डो मे और ज्यादा मेहनत से सफाई कार्य हो इस हेतु 45 ही वार्डो मे स्वच्छता प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमे स्वच्छता के सभी पहलूओ को लेकर वार्डो मे प्रतियोगिता रखी गई थी जिसका परिणाम 10 नवम्बर (गुरूवार) को घोषित किया जाकर चयनित प्रतिभागी वार्डो के कर्मचारी तथा सफाई मित्रो का सम्मान निगम मे किया जावेगा। आयुक्त ने बताया कि प्रतियोगिता के सभी पहलूओ मे शासन द्वारा निर्धारित बिन्दुओ जैसे प्रत्येक वार्ड मे गीले,सूखे, सक्रमित, घरेलु हानिकारक कचरे का 100 प्रतिशत संग्रहण एवं स्त्रोत प्रथक्कीकरण, सौंदर्यिकरण जैसे साफ सडके, व्यवस्थित फुटपाथ, ग्रीन डिवाईडर, पेंटिंग साथ ही वार्डो मे कोई खुले मे शोच यूरिन करता नही पाया जाय, आवारा मवेशी सडको पर न पाया जाये, वार्डो के सभी सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालयो मे ओडीएफ प्लस के अनुसार व्यवस्था सूचारू रूप से हो, सभी रहवासी क्षेत्र मे थोक कचरा उत्पादक मे साइट पर अपशिष्ठ प्रसंस्करण कम्पोस्ट पीट या कम्पोस्ट मशीन के माध्यम से किया जा रहा हो, वार्ड के सभी दुकानो पर कपडे की थैली का प्रयोग किया जा रहा हो, शहर मे सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह से प्रतिबंधित हो, शहर मे जीरो वेस्ट इवेंट आयेाजित किये गये व स्वच्छता चैम्पियन घोषित किये गये इन सभी निर्धारित 6 कैटेगरी की स्वच्छ रैंक्रिग आदि सभी बिन्दुओ को लेकर वार्डो मे की गई थी प्रतियोगिता जिसका फील्ड सत्यापन किया गया। 24 से 31 अक्टुबर तक मे गठित 5 सदस्य टीम द्वारा 45 ही वार्डो मे सत्यापन किया गया। वार्ड स्वच्छता रैंकिंग सभी 45 वार्डो मे से वार्ड क्रमांक 3 प्रथम, वार्ड 19 द्वितीय, वार्ड 9 तृतीय स्थान पर स्वच्छता की रैंकिंग मे रहे। इस प्रकार से वार्डो मे प्रतियोगिता आयोजित कर स्वच्छता की रैंकिंग बढाने मे सभी कर्मचारी एवं सफाई मित्रो का हौसला बढाया जा रहा है।


