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  • जिला अस्पताल की एकमात्र होटल बंद, दूध व पानी गर्म करने के लिए परेशान हो रहे मरीज व परिजन

    जिला अस्पताल की एकमात्र होटल बंद, दूध व पानी गर्म करने के लिए परेशान हो रहे मरीज व परिजन

    देवास। कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए फिर शहर में लाकडाउन लगा दिया गया है। पूरे प्रदेश सहित देवास शहर में मेडीकल, सब्जी व दूध डेयरी को छोड़कर सभी दुकाने बंद है। शहर की दुकानों के साथ महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय में स्थित एक मात्र होटल जो कि लोकडाउन के कारण बंद पड़ी हुई है। सामाजिक कार्यकर्ता प्यारेलाल बंजारे ने बताया कि ऐसे में मरीजों को गर्म पानी व दूध, बिस्किट व बे्रड आदि की आवश्यकता पड़ती है। जो निजी अस्पतालों में बने केंटीन में तो आसानी से उपलब्ध हो जाती है, लेकिन जिला अस्पताल की एक मात्र होटल बंद होेने के कारण मरीजों को गर्म दूध, चाय, पानी और अन्य खाद्य सामग्री से वंचित रहना पड़ रहा है। कलेक्टर के आदेश के बाद से जिला अस्पताल में स्थित होटल भी बंद है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं व परिजनों को पानी एवं दूर्ध गर्म करवाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में केंटीन एवं दूध और पानी गर्म करने का उपयुक्त स्थान नही होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। श्री बंजारे ने मांग की है कि लोकडाउन से जिला अस्पताल में स्थित एकमात्र होटल को अलग रखा जाए या फिर अस्पताल के अंदर एक शासकीय केंटीन खोला जाए। जिससे मरीजों को समय पर दूध व पानी गर्म करने के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े।

  • कोरोना प्रकोप के कारण बीएनपी मजदूर संघ की मांग पर बैंक नोट प्रेस 8 मई तक बंद रहेगा

    कोरोना प्रकोप के कारण बीएनपी मजदूर संघ की मांग पर बैंक नोट प्रेस 8 मई तक बंद रहेगा

    देवास। कोरोना प्रकोप के कारण बीएनपी मजदूर संघ की मांग पर बैंक नोट प्रेस 8 मई तक बंद रहेगा। उपरोक्त जानकारी देते हुए भारतीय मजदूर संघ देवास के जिला मीडिया प्रमुख श्री कमल सिंह चौहान ने बताया कि आज़ मान्यता प्राप्त यूनियन बीएनपी मजदूर संघ एवं बीएनपी प्रबंधन के मध्य मुख्य महाप्रबंधक श्री राजेश बंसल की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई जिसमें कोरोना प्रकोप के चलते बीएनपी मजदूर संघ की बैंक नोट प्रेस देवास को बंद करने की मांग पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया तथा इस मुद्दे पर दोनों पक्षों में यह सहमति हुई कि बैंक नोट प्रेस देवास 1 मई से 8 मई तक बंद रहेगी तथा 8 मई को यूनियन एवं प्रबंधन के मध्य पुनः बैठक होगी एवं आगामी स्थिति पर विचार विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिया जावेगा। बैठक में संघ की ओर से बीएनपी मजदूर संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री राजेन्द्रसिंह बैस, श्री पीके वर्मा, श्री घनश्याम पंडित, श्री कमलसिंह चौहान श्री ईश्वर सिंह बारोड़ एवं श्री तरुण मिश्रा शामिल थे।

  • स्व. जोशी को श्रद्धांजलि अर्पित की

    देवास। भारतीय जनता पार्टी के नगर मीडिया प्रभारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता अखिलेश जोशी का शुक्रवार को कोरोना के कारण आकस्मिक निधन हो गया। जिससे नगर सहित भाजपा में शोक की लहर फेल गई। लोकतंत्र सेनानी जनार्दन पेठनकर एडव्होकेट, संजय राखे, भामसं संघ नेता जगदीश चैधरी, ग्राहक पंचायक के अशोक गायकवाड़ सहित अन्य नेता, समाजजनों ने स्व. जोशी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • मुख्यमंत्री 6 लाख 10 हजार शहरी पथ व्यवसायियों के खाते में डालेंगे 61 करोड़ रुपए

    मुख्यमंत्री 6 लाख 10 हजार शहरी पथ व्यवसायियों के खाते में डालेंगे 61 करोड़ रुपए

    भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 30 अप्रैल को दोपहर 3 बजे 6 लाख 10 हजार शहरी पथ व्यवसायियों के बैंक खाते में एक-एक हजार रुपए की अनुदान राशि अंतरित करेंगे । इस प्रकार लगभग 61 करोड रुपए डीबीटी के माध्यम से पथ व्यवसायियों के खाते में डाले जाएंगे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह ने बताया है कि कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न जिलों में लगे कोरोना कर्फ्यू के कारण पथ व्यवसायियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में शहरी पथ व्यवसायियों को राहत पहुँचाने के लिए इन्हें अनुदान देने का निर्णय लिया गया है। शहरी पथ व्यवसायी अपने मोबाइल पर ही वेबकास्ट लिंक webcast.gov.in/mp/cmevents के माध्यम से कार्यक्रम से सीधे जुड़ सकते हैं। उल्लेखनीय है की कोविड-19 के संबंध में शहरी पथ व्यवसायियों को रोजगार से पुनः जोड़ने के लिए एवं आजीविका के साधन उपलब्ध कराने हेतु भारत सरकार द्वारा आत्म-निर्भर फेस-2 में पीएम स्व-निधि योजना एक जुलाई 2020 को शुरू की गई थी। इस योजना में पथ व्यवसायियों को 10 हजार का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा 7% का ब्याज अनुदान दिया जाता है। डिजिटल ट्रांजेक्शन करने पर प्रति वर्ष 2000 रुपये तक की सीमा की कार्यशील पूँजी के ऋण का प्रावधान भी है। मध्यप्रदेश द्वारा शेष ब्याज का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत 31 मार्च 2021 तक लगभग एक करोड़ रुपए की ब्याज अनुदान राशि बैंकों को दी जा चुकी है। 313 करोड़ रुपये की ऋण राशि वितरित मध्यप्रदेश में शहरी पथ व्यवसायियों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम स्व-निधि योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में एक है। प्रदेश में कुल 6 लाख 10 हजार सत्यापित पथ व्यवसायियों में से लगभग 4 लाख 81हजार के आवेदन बैंक में लगाए जा चुके हैं। इसमें से 3 लाख 44 हजार पथ व्यवसायियों को ऋण भी स्वीकृत किया गया है। प्रदेश में अभी तक 3 लाख 13 हज़ार पथ व्यवसायियों को 313 करोड़ रुपए की ऋण राशि भी वितरित की जा चुकी है।

  • भाजयुमो खेल समिति ने भोजन वितरण की शुरुआत की

    देवास। कोरोना महामारी से इस जंग में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, भाजयुमो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अभिलाष पाण्डे, भाजपा देवास जिलाध्यक्ष राजीव खण्डेलवाल के मार्गदर्शनएवं भाजयुमो के ऊर्जावान प्रदेशाध्यक्ष वैभव पंवार के नेतृत्व में आमजन के लिए भोजन रसोई की शुरुआत की। जिसमे प्रतिदिन 500 लोगो का भोजन तैयार होकर नगर के प्रमुख स्थानों पर वितरण होगा। इस अवसर पर मनीष पण्डया, मंगल सिंह तंवर, दुर्गेश चिल्लोरिया उपस्थित थे। उक्त जानकारी शुभम पांचाल ने दी।

  • प्रभु राम चैधरी जैसे व्यक्ति का स्वास्थ्य मंत्री होना प्रदेश के माथे पर कलंक-कांग्रेस

    देवास। अपने अल्प प्रवास पर पहली बार देवास आए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चैधरी ने इतना गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती ।आज जब ऑक्सीजन की कमी के चलते देवास ही नहीं पूरे देश में हजारों व्यक्ति काल के गाल में समाते चले जा रहे हैं जब वह कह रहे हैं कि ऑक्सीजन से नहीं मरीजों की भागदौड़ के कारण एवं पैनिक हो जाने से उनकी मृत्यु हो रही है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी व प्रवक्ता सुधीर शर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान से मांग की है कि ऐसे अल्प ज्ञानी स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल ही मंत्री पद से बर्खास्त करें । स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए उन्हें इतना भी ज्ञान नहीं है कि आज कोरोनावायरस संक्रमण ने इतने ज्यादा पेर पसार लिए है कि प्रदेश के अस्पतालों में ना तो बेड मिल रहे हैं ना दवाइयां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान खुद इस विषय में असफल साबित हुए हैं वे दवाइयों की कालाबाजारी रोकने में जहां नाकाम हुए हैं वहीं प्रदेश के अस्पतालों में व्यवस्था करने में भी अक्षम सिद्ध हुए हैं जहां तक ऑक्सीजन सप्लाई की बात है केंद्र सरकार न्यायालय एवं मीडिया के कारण इसके लिए पहल कर रही है। वही स्थानीय स्तर पर लोग आगे आकर ऑक्सीजन में मदद कर रहे हैं लेकिन राज्य सरकार ने जो काम कोरोनावायरस संक्रमण से लड़ने के लिए करना था उसमें सरकार पूरी तरह असफल हुई है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री का बयान इतना निंदनीय है कि जिसकी जितनी भर्तस्ना की जाए कम है ।

  • समय की मांग जिले मे हेल्प डेस्क अति आवश्यक जिला प्रशासन जनप्रतिनिधि और विपक्ष ध्यान दें

    समय की मांग जिले मे हेल्प डेस्क अति आवश्यक जिला प्रशासन जनप्रतिनिधि और विपक्ष ध्यान दें

    अभी तक जिले में सबसे ज्यादा कोरोना आपदा में आमजन को समस्या आ रही है कि वह कहां जाए सीधा उसे बेड मिलेगा नही, ऑक्सीजन सिलेंडर कहां मिलेगा इंजेक्शन कहां मिलेगा दवाई कहां मिलेगी और अन्य समस्या के लिए दर-दर भटक रहा है।

    सोशल मीडिया पर कभी सही जानकारी कभी गलत होने पर उसकी समस्या और बढ़ती जा रही है। सबसे पहले तो कोरोना नाम का डर उसे और डरा देता है सबसे पहले आवश्यकता होती है कि घर पर ही उपचार हो जाए। इसके लिए वह किस डॉक्टर से मिले और कौन आसानी से उपलब्ध हो जाएगा इसकी जानकारी उसके पास नहीं होती है। अब शुरू होता है समस्या बढ़ने का सिलसिला, सोशल मीडिया और कुछ अज्ञानी लोगों के चक्कर में वह दर-दर भटक कर अंत में काल के ग्रास में चले जाता है।

    सबसे पहले वह घर पर उपचार नहीं मिलने के कारण सरकारी अस्पताल से लेकर निजी अस्पताल के चक्कर केवल भर्ती होने के लिए ही काटता है। अगर उसका प्राथमिक उपचार ही अच्छा हो जाए तो इतनी दिक्कत ही नहीं पहली बार में ही पता चल जाए कि इस अस्पताल में जगह खाली है या उस अस्पताल में, यह ऑक्सीजन इस कॉलोनी में इस व्यक्ति के पास मिलेगी, इंजेक्शन भी इन मेडिकल पर मिल सकता है उसके घर के आसपास के मेडिकल के नंबर उसके घर के आसपास के डॉक्टर के नंबर और भोजन से लेकर अन्य सभी सुविधाएं के केवल मोबाइल नंबर ही उपलब्ध हो जाए तो आधी समस्या वैसे ही समाप्त हो जाएगी। अभी तक जो दिक्कत आ रही है उसमें मरीज को भर्ती कराने की ऑक्सीजन की ओर इंजेक्शन की।

    जिला प्रशासन जिला चिकित्सालय में अलग एक हेल्पडेस्क लगा सकता है जहां पर अधिकारी कर्मचारी आम जनता को इतनी सी जानकारी दे दे और डॉक्टर मेडिकल गैस वाले और अन्य सुविधा वाले के नंबर भी सोशल मीडिया पर सीधे बांट सकते है देखना आधी समस्या हल हो जाएगी जिला प्रशासन के साथ भारतीय जनता पार्टी हो या विपक्ष में कांग्रेस अन्य दल भी यह सहायता शिविर जिला चिकित्सालय में लगा सकते हैं। अगर जिला चिकित्सालय में बेड उपलब्ध नहीं है तो किसी निजी चिकित्सालय में आसानी से भर्ती कराया जा सकता है कहां कितने बेड उपलब्ध है यह सब जानकारी सहायता केंद्र पर आसानी से आमजन को दी जा सकती है आम जनता जब सीधे रूबरू सहायता केंद्र वालों से मिलती है तो इसे आदि राहत तो वही मिल जाती है यह सब हेल्प डेस्क के फोन नंबर पर नहीं मिल सकती आम आदमी केवल सरल सीधी भाषा में ही समझता है फोन पर इतनी बातों में कर पाता है ना समझ सकता है क्या जिला प्रशासन देवास के जनप्रतिनिधि और विपक्ष अभी वर्तमान में चली आ रही समस्या के निदान के लिए एक छोटा सा कार्य जो वह आसानी से कर सकता है क्या हेल्पडेस्क सहायता केंद्र अति शीघ्र खोल सकता है नहीं तो आमजन दर-दर भटक रहा है और समस्या बढ़ती जा रही है केवल सरल सा उपाय है वह तो कर सकता है।