बेटी है तो कल है लेकिन बेटी है तो आज भी है और देवास की बेटियां किसी क्षेत्र में कम नहीं है चाहे खेल हो जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट प्रदर्शन करने के बाद पढ़ाई में भी नंबर वन है । ऐसी ही भूमिका वर्मा देवास शहर की बेटी ने बैडमिंटन खेल की राष्ट्रीय प्लेयर रहते हुए देवास शहर के लिए कई प्रतियोगिताएं तो जीती है, साथ ही पढ़ाई के क्षेत्र में भी माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश की 12वीं कक्षा के वाणिज्य संकाय में अध्यनरत रहते हुए वार्षिक परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। भूमिका की इस उपलब्धि पर देवास जिला खेल अधिकारी हेमंत सुवीर द्वारा उन्हें आशीर्वाद देते हुए शुभकामनाएं प्रदान की और कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण होता है और स्वस्थ मस्तिष्क के निर्माण से ही खेल एवं पढ़ाई दोनों की गतिविधियों में सामंजस्य बनाया जा सकता है और कहा कि आगे भी इसी प्रकार से खेल एवं पढ़ाई के क्षेत्र में तालमेल बनाते हुए अनेको उपलब्धियां हासिल करो। भूमिका ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता आरती वर्मा पिता जितेंद्र वर्मा ,भाई युवराज वर्मा व अपने स्कूल कोचिंग क्लास के अनिल यादव सर ,रजत श्रीवास्तव सर व खेलगुरू दिलीप महाजन सर जिला खेल अधिकारी हेमंत सुवीर सर खेल परिसर में मौजूद सभी वरिष्ठ जन एवं साथी गण को दिया है जो समय-समय पर उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करते रहते हैं।
Category: विशेष
-

4 जून तक मध्यप्रदेश में हो सकते हैं बड़े परिवर्तन, पुराने चावलों के निशाने पर वी डी, भूपेंद्र की दादागिरी……. गोपाल– गोविंद परेशान, इन चमत्कारी बाबा को किन से लगता है डर, ‘पुरूष प्रेमी’ मंत्रीजी की शैक्षिक उपाधि! ( प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार श्री महेश दीक्षित जी की कलम से लोकप्रिय साप्ताहिक स्तम्भ ‘नारद संहिता’ )
4 जून तक हो सकते हैं मध्यप्रदेश में बड़े परिवर्तन मध्यप्रदेश के संदर्भ में ऐसी भविष्यवाणियां ज्योतिषियों द्वारा पिछले कई महीनों से की जा रही हैं कि मध्यप्रदेश में कभी भी बड़े राजनीतिक परिवर्तन के बड़े-बड़े धमाके हो सकते हैं। पिछले दिनों मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित पं बाबूलाल चतुर्वेदी पंचांग ने भविष्यवाणी की थी कि वर्ष प्रारंभ से उत्तर्राध का समय सत्ता-संगठन के लिए संकटकारी है और मप्र में बड़े परिवर्तन हो सकते हैं। इसके अलावा भी और कई ज्योतिषी इन दिनों मप्र में बड़े बदलाव के दावे कर रहे हैं। इसके साथ दिल्ली भाजपा हाईकमान की ओर से भी संकेत आ रहे हैं कि पीएम मोदी के विदेश से लौटते ही मप्र में 4 जून तक बड़े परिवर्तन हो सकते हैं। नारदजी कहते हैं कि इन भविष्यवाणियों में कितना दम है, इसका तो 4 जून के बाद ही खुलासा होगा? —–
पुराने चावलों के निशाने पर वीडी जिस तरह से मध्यप्रदेश में भाजपा की हांडी में असंतोष और नाराजगी खदबदा रही है, उससे लगता है कि इस बार विधानसभा चुनाव में पार्टी के ‘पुराने चावल’ भाजपा को पसीना ला देंगे। दीपक जोशी के बागी हो जाने के बाद पूर्व मंत्री कुसुम मेहदेले (जिज्जी) एवं पूर्व विधायक विजय राघवगढ़ ध्रुवप्रताप सिंह ने तमाम सवाल उठाकर भाजपा को मुसीबत में ला दिया है। जिज्जी का आरोप है कि, प्रदेश, जिला और मंडल कार्यकार्यकारिणी में तो दरकिनार किया ही जा रहा है, उनकी प्राथमिक सदस्यता भी रिन्यू नहीं की जा रही है। पूर्व विधायक ध्रुव प्रताप सिंह का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर पार्टी में साइड लाइन किया जा रहा है। नारदजी कहते हैं कि कुल मिलाकर दोनों नेताओं के निशाने पर वीडी शर्मा हैं। देखते हैं वीडी इन पुराने चावलों को कैसे पचाते हैं? —
– भूपेंद्र की दादागिरी.. गोपाल-गोविन्द परेशान सागर जिले में सिर्फ मंत्री भूपेंद्र सिंह की दादागिरी चल रही है। दादागिरी ऐसी कि वरिष्ठ मंत्री गोपाल भार्गव और गोविन्द सिंह राजपूत तक इतने परेशान हो गए हैं कि उन्हें सीएम शिवराज से कहना पड़ रहा है कि भूपेंद्र को रोकिए, वर्ना हम ‘और’ विधायकों के साथ सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। भाजपा के एक पदाधिकारी नारदजी को बताते हैं कि भूपेंद्र का जिले में इतना खौफ है कि उनकी मर्जी के बिना पंचायत से लेकर जिला प्रशासन में पत्ता नहीं हिलता है। पिछले दिनों खुरई के एक ढाबे पर सिर्फ इसलिए बुलडोजर चलवा दिया गया था, क्योंकि उस ढाबे पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह चाय पीने पहुंच गए थे। अब देखना यह है कि भूपेंद्र को सीएम शिवराज किस भाषा में समझाते हैं? –
— , इन चमत्कारी बाबा को किससे लगता है डर ? मध्यप्रदेश के इन तीन चमत्कारी बाबाओं-पं धीरेंद्र शास्त्री, पंडोखर सरकार और पं प्रदीप मिश्रा को आखिर किससे डर लगता है, जो सीएम जैसे कड़े सुरक्षा घेरे में चलते हैं। पं धीरेंद्र शास्त्री को हाल ही में मप्र सरकार ने वाय-कैटेगरी की सुरक्षा दी है। इसी तरह पंडोखर सरकार और पं प्रदीप मिश्रा जहां भी आते-जाते हैं, उनके साथ सुरक्षा प्रहरियों का कारकेड चलता है। ये कितनी हास्यास्पद बात है कि, ये तीनों बाबा हर दिन व्यास पीठ से लोगों को उपदेश करते हैं कि, जीवन-मृत्यु देने वाले प्रभु हैं, त्रिभुवन (धरती, आकाश, पाताल) में तुम्हारा कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता और खुद डर के साए में रहते हैं। नारदजी कहते हैं कि, इन चमत्कारी बाबाओं के लिए ही तुलसीदासजी ने चौपाई लिखी है- पर उपदेश कुशल बहुतेरे…दूसरों को उपदेश करना आसान है, लेकिन खुद उस पर अमल करना कठिन है।
—- ‘पुरूष प्रेमी’ मंत्रीजी की शैक्षिक उपाधि! एक मंत्रीजी जिनकी प्रवृतियां ऐसी-वैसी हैं। जो स्वभावगत ‘पुरूष प्रेमी’ हैं। खुद के नाम के आगे डाक्टर लगाते हैं। इन दिनों अपनी डाक्टरेट (शैक्षिक उपाधि) को लेकर चर्चाओं में हैं। चर्चा है कि, जिस विषय में मंत्रीजी ने शैक्षिक उपाधि हासिल की है, उस विषय के बारे में जब भी उनसे वार्तालाप करो, वे दाएं-बाएं होने लगते हैं। नारदजी को मंत्रीजी के एक करीबी ने बताया कि, मंत्रीजी को यह ‘शैक्षिक उपाधि’ जिन प्रोफेसर की कृपा से प्रदान की गई थी, तब उनकी इस उपलब्धि पर सवाल भी उठे थे और तब मंत्रीजी के विरोधियों ने उनकी शैक्षिक उपाधि की जांच की पुरजोर मांग भी उठाई थी। नारदजी कहते हैं कि, वो परछाई मंत्रीजी का अब तक पीछा कर रही है। पर सवाल है कि अब मंत्रीजी की ‘शैक्षिक उपाधि’ की जांच कौन करे? ———— email-maheshdixit66@gmail.com/(mobile)-9893566422
-

नेताजी के एक तीर से कई निशाने, देवास विधानसभा से दीपक जोशी…..
एक तीर और कई निशाने, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मनोज राजानी के बीच में पूर्व मंत्री दीपक जोशी का यह फोटो कई मायने रखता है। कांग्रेस के सर्वशक्तिमान दिग्गी राजा और दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेसमें और जिले में पूरा दखल रखने वाले शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी के साथ पूर्व मंत्री दीपक जोशी को देख सब के अलग-अलग विचार है। लेकिन अंदर की बात है कि पूर्व मंत्री जोशी के घर पर दिग्गी राजा आना और उसके बाद पूर्व मंत्री द्वारा देवास के पूर्व राजाओं के खिलाफ अपने उद्बोधन में आक्रमक बोल यही दर्शाते हैं कि देवास विधानसभा से दीपक जोशी को कांग्रेस् टिकट देकर टक्कर जोरदार बना सकती है।
दिग्गी राजा के भरोसे जो देवास के कांग्रेसी नेता देवास विधानसभा का टिकट लाने का दम भरते हैं ।उनसे ज्यादा भाव अपने 2 दिन के प्रवास में दीपक जोशी को देना यह सब संकेत बता रहे हैं कि राजनीति का अगला कदम क्या होगा। अब बात करें देवास विधानसभा की तो यहां से लगातार 8 विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी जीत दर्ज की है ।जहां 6 बार स्वर्गीय श्री तुकोजीराव पवार और दो बार गायत्री राजे पवार विधायक चुनी गई है। कांग्रेस ने यहां पर सभी तरह का जोर लगा लिया लेकिन लीड और बढ़ती गई। विधायक चंद्रप्रभा शेखर के बाद देवास में कांग्रेस से कोई प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर पाया। कांग्रेस के अंतिम विधायक देवास विधानसभा के लिए शेखर ही थे उसके बाद ब्राह्मण मतदाता बदल गया। कांग्रेस द्वारा 1989 जहां सुरेंद्र सिंह जाम गोद, चंद्रप्रभास शेखर ,स्वर्गीय रतन लाल चौधरी, जय सिंह ठाकुर, हारून शेख, रेखा वर्मा, जयप्रकाश शास्त्री, जय सिंह ठाकुर , सभी को लगातार हार का सामना करना पड़ा है हर तरह के सामाजिक समीकरण के बाद भी देवास भाजपा के गढ़ में सेंध नहीं लगा पाई है। इतने उम्मीदवारों में केवल स्वर्गीय रतन लाल चौधरी और जय सिंह ठाकुर ही टक्कर दे पाए हैं बाकी में लीड का आंकड़ा ही बढ़ाया है। अब देवास में बदलते राजनीति समीकरण जिसमें सामाजिक समीकरण ज्यादा मायने रखते हैं। कभी कांग्रेस दो सीट देवास और खातेगांव ब्राह्मण खाते में देती थी बदले में खातेगांव और देवास से कांग्रेस को जीत मिलती थी ।लेकिन ढाई दशक से समीकरण बदल गए ब्राह्मण उम्मीदवार को कांग्रेस ने देवास विधानसभा से उपचुनाव में सत्ता के सामने जब कोई चुनाव लड़ने को तैयार नहीं था बलि का बकरा बनाया और उसके बाद भी पंडित जयप्रकाश शास्त्री ने सत्ता के खिलाफ शानदार तरीके से चुनाव लड़ा। ब्राह्मण मतदाता देवास और कन्नौद खातेगांव में सबसे ज्यादा है उसके बाद पांचों विधानसभा में अपना प्रभाव रखते हैं। इसको देखते हुए माना जा रहा है कि देवास विधानसभा मैं इस बार मनोज राजानी एक तीर से कई निशाने लगा सकते हैं मनोज राजानी पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के सबसे खास सिपहसालार है और अब दूसरा डबल फायदा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का भी दीपक जोशी को इस तरह से सम्मान देना पूरा समय देना फिर टिकट तो इन दोनों के बीच ही फाइनल होना है। राजानी कभी अपने विरोधी को पार्षद का टिकट लाने में जोर करा देते हैं तो यह विधानसभा है। और पहला तो देवास ज्यादा चांस लग रहे हैं नहीं तो अंतिम समय में कन्नौद खातेगांव मैं दीपक जोशी को टिकट दिलवाकर अपने विरोधी के पर काटने के साथ अपनी राजनीति मजबूत कर सकते हैं। खातेगांव सेकंड ऑप्शन है अभी तो देवास से दीपक जोशी के चांस इसलिए ज्यादा नजर आ रहे हैं की प्रदेश के दो प्रमुख नेताओं के साथ देवास के प्रमुख नेताओं का भी साथ होना। और सबसे महत्वपूर्ण कारण है कि भारतीय जनता पार्टी मैं देवास विधानसभा से सबसे मजबूत उम्मीदवार गायत्री राजे पवार है जिनके विकास कार्य के सामने कोई दमदार नेता जिसके लिए पूरी कांग्रेस् एक होकर चुनाव लड़े और जिसका कांग्रेसमें ही विरोध ना हो तो अभी जोशी नए-नए है किसी से लड़ाई नहीं है इनके नाम पर कांग्रेसी एक होने के साथ पूर्व मंत्री और इनके अनुभव के साथ सामाजिक समीकरण भी बदल सकते हैं। हालांकि सामाजिक समीकरण में हाल ही में महापौर चुनाव में श्रीमती विनोदिनी रमेश व्यास को करारी शिकस्त मिली है। लेकिन विधानसभा और महापौर के चुनाव में माहौल अलग होता है। जो भी हो दिग्गी राजा ने दीपक जोशी का माहौल बना दिया। देवास विधानसभा के लिए और भी बहुत कुछ है मिलते हैं अगले,,,,,,,,,,,।
-

देवास जिले के 32 तीर्थ यात्री वायुयान से 26 मई को जायेंगे शिर्डी यात्रा
———– ———– देवास ‘’मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन’’ योजना में देवास जिले के 32 तीर्थ यात्री वायुयान से 26 मई को शिर्डी यात्रा जायेंगे। देवास जिले के तीर्थ यात्री 26 मई को इन्दौर एयरपोर्ट से दोपहर 12.25 बजे प्रस्थान करेंगे। तीर्थ यात्रियों को प्रस्थान समय से 03 घण्टे पूर्व 09.25 बजे तक इंदौर एयरपोर्ट पहुचना आवश्यक है। सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि तीर्थ यात्रियों को 26 मई को प्रात: 07 बजे तक कलेक्टर कार्यालय में अनिवार्य रूप से पहुंचाना सुनिश्चित करें। ‘’मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन’’ योजना में तीर्थ यात्रियों के साथ प्रभारी डिप्टी कलेक्टर श्री संजीव सक्सेना अनुरक्षक होंगे। तीर्थ यात्री मौसम के अनुरूप वस्त्र, व्यक्तिगत उपयोग की सामग्री साथ में रखें। तीर्थ यात्री अपने साथ ओरीजनल फोटो युक्त पहचान पत्र (आधार कार्ड/वोटर आईडी कार्ड) अनिवार्य रूप से रखें। उडान के दौरान यात्रा करने के संबंध में एयरलाइन के नियम और शर्ते लागू होंगी। तीर्थ यात्री अधिकतम 15 किलोग्राम चेक-इन बैग (01 नग) और 07 किलोग्राम वजन वाले हैंड बैग ले जा सकते है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार ‘’मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’’ अंतर्गत नियमित विमान सेवा के वायुयान से मध्य प्रदेश के 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक जो आयकरदाता नहीं है को प्रदेश के बाहर स्थित विभिन्न तीर्थ स्थानों में यात्रा कराए जाने का निणर्य लिया गया है।
-

केरला स्टोरी क्यों हिट हो रही है इसके पीछे छिपा कड़वा सच
कश्मीर फाइल के बाद केरला स्टोरी सुपर डुपर हिट क्यों जा रही है। जिस फिल्म में ना ज्यादा हिट गाने और ना कोई नामी हीरो हीरोइन उसके बाद भी अगर वह हिट जा रही है तो, उसका कारण लव जिहाद का सच उजागर करती एक साधारण फिल्म है।
जो लव जिहाद आज देश के हर शहर से होता गांव तक पहुंच गया है ।उसे डायरेक्टर ने केवल 1 केरल आई एस आई के खिलाफ आतंकवाद के खिलाफ दिखाकर जागरूकता लाने का प्रयास किया है। सबसे पहली और बड़ी बात यदि आप किसी से प्यार करते हैं । और सच्चा प्यार है तो धर्म परिवर्तन की क्या आवश्यकता है। यह बात सभी के लिए लागू होती है तुम लोगों ने प्यार किया तो प्यार में धर्म कहां से आ गया । जब सच्चा प्यार है तो उसे उसका धर्म अपनाने दो तुम अपना धर्म अपनाओ और निभाओ प्यार का रिश्ता लेकिन यह प्यार नहीं है यह धर्मांतरण है ।
जो अभी पूरे देश में चल रहा है यहां तो केरला पिक्चर मैं आई एस आई को बताया है लेकिन सच यह भी है कि पूरे देश में किसी न किसी रूप में धर्मांतरण जारी है। डायरेक्टर ने नब्ज पकड़ी जनता की जो आसपास घटित होता है देखता है और वही सच वह फिल्मों में देखता है। फिल्म को सफल यही बनाता है। हीरो हीरोइन के लव नाच डांस और कॉमेडी से दूर गंभीर फिल्म बनाना एक रिस्क है। जिसमें युवा पीढ़ी से उम्मीद करना कि वह सफल बना देगी तो आज की युवा पीढ़ी अलग है वह सच देखना चाहती है और न्याय भी चाहती है बस युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन चाहिए। धर्म कोई बुरा नहीं व्यक्ति बुरा नहीं बस कुछ चंद लोग जिनके कारण यदि आप बदनाम हो रहे हैं तो उनके खिलाफ आवाज उठाएं। नहीं तो यह दिन आना ही है। एक दूसरे के प्रति प्रेम की जगह नफरत ना फेले अब यह होना चाहिए।
हिंदू धर्म मैं धर्मांतरण क्यों ज्यादा हो रहा है आज भी छोटे से गांव मोहल्ले में चले जाएं धर्म से ज्यादा यहां बड़ा कोई नहीं है ।बचपन से धर्म संस्कार जो कि सीधे विज्ञान से जुड़े हैं अपनाते हैं बचपन से बुढ़ापे तक धर्म संस्कार नहीं छोड़ते। इधर शहरी संस्कृति में धीरे-धीरे राम राम की जगह गुड मॉर्निंग हेलो हाय ने ले ली बच्चे हो या बड़े पश्चिमी संस्कृति को फैशन समझने लगे साहब जैसा करते वैसा अपने बच्चों को उसी शैली ढालने लगे। पैसे और झूठी शान की अंधी दौड़ में बच्चों को धर्म संस्कार देना भूल गए नहीं जानबूझकर भुला दिया ।कोई आया भी आपके जीवन में बदलाव लाने के लिए तो बदले नहीं उनको देखते रहे और अपनी मस्ती में मस्त रहे। अब पापा की परी उड़ने लगी और , ऐसी स्मार्ट उड़ी की पापा मम्मी ही बदल दिए ।धर्म ही बदल दिया तो अपने ही समाज के लोग संगठन के लोग याद आने लगे ।जो आपके दरवाजे आए थे ,कभी इशारों में या खुलकर समझाया भी था । कभी लेकिन उनको खाली हाथ लौटने के साथ कभी उनको उल्टा आलतू फालतू बकवास भी कहते थे। ये लोग आज वही लोग फिर इतना सहने के बाद आपके लिए और धर्म के लिए खड़े हैं। अब पापा की परी को वापस कई तो ले आए ,कई चली गई। कहीं संदूक में टुकड़ों में कहीं पोस्टमार्टम रूम में मिली। कई नए रूप में नए लिबास में गिफ्ट में बच्चों के साथ मिली।
साहब मैडम कमाने में इतने व्यस्त अपने बच्चों के साथ कभी आसपास भी नहीं देखा। एक और पहलू यह भी है कि हमने कभी यह भी नहीं देखा कोई गरीब झुग्गी बस्ती मैं भी धर्म पल रहा है ।एक सहारे की आवश्यकता है वहां भी परंतु कभी फुर्सत नहीं मिली जिनको जाना था ।उन्होंने अपना काम कर दिया झुग्गी बस्ती हो या ग्रामीण अंचल में वहां पिछड़े क्षेत्र जहां शासकीय योजना भी कागज पर चलती रही और उनके कागज वहां काम कर गए। क्रांतिकारी बाल गंगाधर तिलक जी ने चौराहे बगीचे में गणेश जी की स्थापना एकत्रीकरण के लिए की थी ।उस समय गणेश पूजा के साथ धर्म के हर बिंदु पर बात होती थी बड़े बुजुर्ग गणेश जी से लेकर रामायण गीता और शिवपुराण तक पड़वा देते थे। आज जमाना बदल गया गणेश भगवान के सामने फिल्मी गानों पर डीजे पर नाचते गाते और बहुत कुछ होता है । तो कुछ पंडाल पर आज भी धर्म जागरण होता है वे हमारे धर्म संस्कृति को आज भी आगे बढ़ा रहे हैं हमें आज बदलना होगा। दूसरे धर्म की बुराई की अपेक्षा हमें अपने धर्म को पढ़ना समझना और धारण करना होगा फिर कभी यह बात नहीं आएगी । दूसरे के धर्म की बुराई बताकर हम अपने धर्म के प्रति कब तक जागरूक करते रहेंगे जब तक दिल से बालपन से बच्चे धर्म को अच्छी तरह से समझेंगे नहीं तब तक हमारे सामने यह नहीं आएगी। दूसरे के धर्म की अच्छाइयां भी बता सकते हैं अपने धर्म के प्रति वे कितने समर्पित है। अपनी कमाई का बहुत सा हिस्सा वे धर्म के लिए देते हैं। एक बहुत बड़ी बात है जो देशवासी को समझना होगी।
हम हमारे संत गुरु जो 99 प्रतिशत अच्छी शिक्षा देते हैं उन में मात्र 1% कोई बुराई हो तो पूरे देश की मीडिया और बुराई करने वाले उनके पीछे इस तरह लग जाते हैं जैसे वह आतंकवादी हो उनसे बड़ा अपराध किसी ने किया कि नहीं। अब बड़ी बात में जो लिखने जा रहा हूं वह यह है कि मिशनरी करोड़ों अरबों रुपए खर्चा कर हमारे देश में चंद लोगों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराती है तो ईश्वर का सत्य न्याय देखिए बदले में हमारे देश के संत महात्मा विदेश में एक या दो प्रवचन देने के साथ हजारों लोगों को धर्म से जुड़ने के साथ विदेशीउ करोड़ों दान भी करते हैं बताओ आप इतने बड़े मिशन चलाते हो कई वर्षों में शिक्षा चिकित्सा के माध्यम से बमुश्किल कुछ धर्मांतरण करा पाते हो और वे ईश्वर का आशीर्वाद लिए केवल बोली यानी प्रवचन से लाखों लोगों को हमारे देश की ओर धर्म की ओर ले आते हैं । इनके साथ ईश्वरी शक्ति है। यह इस बात से ही समझ लेना चाहिए लेकिन हमारे देश की जनता नहीं समझती संत महात्मा एक छोटी सी गलती कर दे तो तिल का ताड़ बना देती है। फिर मैं संत महात्मा को भी कहना चाहूंगा वह ऐसी गलती करते ही क्यों हैं जब आप पूजनीय हो गए हो पूरा देश विदेश आपको आदर सम्मान के साथ पूजनीय मान रहा है तो इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए । परंतु हमारे इतने बड़े धर्म और साधु संत महात्मा को छोटी सी बात के लिए बदनाम ना होने दें। विदेशी मीडिया बस इसी बात का इंतजार करती है कि कोई छोटी सी गलती करें और हम पूरा लपेट दे ।उनको धर्मांतरण बिना पैसे फोकट में पसंद नहीं आम जनता तो विदेश जाकर धर्मांतरण फ्री में करा नहीं सकती हमारे संत महात्मा विचारक ही करा सकते हैं और उनको किसी भी तरह बदनाम कर वापसी कराना चाहते हैं। ऐसा नहीं कि साधु के वेश में शैतान नहीं हो कई नकली ढोंगी चोला ओढ़कर बदनाम कर रहे हैं। हम उस बात का ध्यान रखें जब दीवारों पर लिखा होता था किताबों में लिखा है पानी पियो छानकर और गुरु करो जानकर तो हम गुरु का स्थान देने में समझदारी रखें।
अब समय आ गया है वैसे युवा पीढ़ी बहुत समझदार है ।उनको समझाने की ज्यादा जरूरत नहीं बस धर्म से सही ढंग से जोड़ने की आवश्यकता है ।और भारत को विश्व गुरु बनाने वाली है युवा पीढ़ी ही रहेगी युवा पीढ़ी अपने आसपास ध्यान दे अपने ही साथी कहीं भूख से कहीं शिक्षा से कहीं रोजगार से तो वंचित नहीं । अब बदलाव की बयार आ गई है इसे चलने दो आगे बढ़ो और आगे बढ़ने दो। बात केरला स्टोरी की थी जिसमें यह बताया की एक लड़की बोलती है कि भोजन को पहले प्रणाम करती है तो दूसरी कहती है हमको यह नहीं पता क्यों नहीं पता जब हमारे यहां भोजन मंत्र के साथ भोजन होता है, जल को अग्नि को वायु को पेड़ पौधों को भूमि को सूर्य को देवता मानते हैं। इतनी पढ़ाई के बाद भी क्या है यह सब नहीं पढ़ाया ध्यान नहीं दिया ।दूसरा लाखों देवता कि अगर कोई बात करें तो उससे कहना कि केवल 1000 देवता के नाम लिख कर बता दे केवल 33 कोटी देवी देवता है।केवल प्रिंटिंग मिस्टेक ने आज नई पीढ़ी को लाखों-करोड़ों देवता की बात जो विधर्मी फैलाते रहे और हम उसे आगे बढ़ाते रहें ।यहां लिखने को बहुत कुछ है लेकिन छोटी सी बात समझने की है और समझाने की हम हमारे धर्म को ही गलत दिशा में ले जाएंगे तो सामने वाला तो तैयार बैठा है ।फिर सब कुछ नहीं कुछ लोग ही है जो धर्मों में जहर फैलाने का काम करते हैं। और कमजोर कड़ी के लोग उनके बहकावे में आ जाते हैं ।हिंदुस्तान की यही सच्चाई है। केरला स्टोरी जिसका उद्देश्य जागरूकता है। और कई संदेश देती है बस आवश्यकता है जागने की ।जब हम एक होंगे तो हिंदू समाज एक होगा तो सभी धर्म एक होंगे। हिंदू मुस्लिम एकता तभी आएगी जब हिंदु हि एक नहीं होंगे तो हिंदू-मुस्लिम कैसे एक होंगे। यह कोरी बात है हमें हमारे धर्म को मजबूत बनाना होगा और एक होना होगा और बनेगा एक नया हिंदुस्तान ।विश्व गुरु बनकर पूरे विश्व में छाएगा जय हिंद जय भारत।
-

नेमावर पुलिस द्वारा भारी मात्रा में अवैध शराब जप्त कर आरोपी को किया गिरफ्तार
क्राइम मीटिंग में पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय द्वारा अवैध शराब के व्यापार पर अंकुश लगाने एवं अवैध शराब के व्यापारियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु निर्देशित किया गया था उसी तारतम्य में पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय के निर्देशन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री सूर्यकांत शर्मा एवं एसडीओपी कन्नौद श्रीमती ज्योति उमठ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नेमावर राजाराम वास्कले की टीम द्वारा दिनांक 20 मई 2023 को मुखबिर की सूचना पर पर घेराबंदी कर भारी मात्रा में अवैध शराब पकड़ी गई आरोपी मोहन पिता बाबूलाल मीणा जाति देशवाली उम्र 48 वर्ष निवासी बिजल गांव के कब्जे से 37 पेटी अवैध शराब जिसमें 19 पेटी देसी मदिरा प्लेन 16 पेटी देसी मसाला शराब 2 पेटी अंग्रेजी रॉयल स्टेज की शराब कुल 332 लीटर शराब कीमत करीब 151478 रुपे की समक्ष पंचांन विधिवत जप्त की गई एवं आरोपी गणों के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपियों को न्यायालय प्रस्तुत किया गया उपरोक्त कार्य हेतु पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय द्वारा निरीक्षक राजाराम वास्कले थाना प्रभारी नेमावर, उप निरीक्षक चिंतामणि चौहान सहायक उपनिरीक्षक विजय जाट प्रधान आरक्षक योगेश प्रधान आरक्षक दीपक प्रधान आरक्षक मनीष प्रधान आरक्षक जयवंती आरक्षक ओमप्रकाश चौरसिया आरक्षक राजेंद्र आरक्षक घनश्याम आरक्षक भरत आरक्षक नितेश आरक्षक राजेंद्र सैनिक मोहन सैनिक श्याम सैनिक नारायण की महत्वपूर्ण भूमिका रही पुलिस अधीक्षक द्वारा उपरोक्त टीम को नगद पारितोषिक प्रदान करने की घोषणा की गई




